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Wednesday, December 23, 2009

प्रदेश में बाल श्रम उन्मूलन का नया मॉडल

उज्जैन और जबलपुर जिले चुने, राज्य सरकार जरूरी सहयोग देगी
मध्यप्रदेश में बाल श्रम उन्मूलन की दिशा में चल रहे प्रयासों पर अंतर्राष्ट्रीय श्रम संगठन (आईएलओ) ने संतोष जताया है। उसने इस काम को और गति तथा नई दिशा देने के लिए समन्वय (कन्वर्जेन्स) को लेकर एक नया मॉडल तैयार कर उसपर अमल का फैसला किया है। इस मकसद से प्रदेश के दो जिलों उज्जैन और जबलपुर को चुना गया है।इस सिलसिले में श्रम मंत्री श्री जगन्नाथ सिंह ने आज यहाँ आयोजित एक कार्यशाला में उच्च स्तरीय विचार-विमर्श किया। उन्होंने बताया कि नए मॉडल के तहत बाल श्रमिकों को इस काम से हटा कर उनके परिवार को ज्यादा कारगर तरीके से सरकारी योजनाओं का लाभ सुनिश्चित किया जाएगा। श्री सिंह का कहना था कि इस दिशा में जागरूकता के ग्राफ को ऊँचा करने और सरकारी मशीनरी को ज्यादा सक्रिय करने की जरूरत होगी। इसके बगैर अपेक्षित नतीजे नहीं आ पाएंगे।
इस मौके पर हुई कार्यशाला को दो भिन्न सत्रों में बाँट कर विभिन्न समूह तैयार कर मॉडल की रणनीति पर सिरे से चर्चा की गई। इनमें श्रमिक संगठनों के प्रतिनिधियों के बतौर भारतीय मजदूर संघ के महामंत्री श्री सुल्तान सिंह शेखावत, मध्यप्रदेश इंटक के अध्यक्ष श्री आर.डी. त्रिपाठी, महामंत्री सीटू श्री प्रमोद प्रधान, महासचिव एटक श्री रूपसिंह चौहान आदि भी शामिल किए गए थे।
कार्यशाला के सत्रों में संबोधन और मार्गदर्शन के लिए अमेरिकी दूतावास के श्री समीर सेठ और श्री सुकेश के अलावा प्रमुख सचिव श्रम श्री सेवाराम, श्रमायुक्त श्री पी.के. दास, अपर श्रमायुक्त श्री एल.के. पाण्डेय, श्रम कल्याण मंडल के उपायुक्त श्री प्रभात दुबे, अंतर्राष्ट्रीय श्रम संगठन की सुश्री प्रीत वर्मा तथा श्री नीतू लाम्बा ने संबोधित किया।

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