जलाभिषेक अभियान
अम्बेडकर जयंती पर प्रदेश के 52 हजार गाँवों में होने वाली ग्राम सभाओं में इस बार बुजुर्ग अपने अनुभवों को युवाओं के साथ साझा करेंगे। प्रसंग होगा जलाभिषेक अभियान जिसकी शुरूआत 10 अप्रैल से मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने रतलाम से की है।
जल संवाद की इस ग्राम सभा में भावी पीढ़ी को गाँव की जल परम्पराओं, उसके संरक्षण और संवर्द्धन के इतिहास और तरीकों से अवगत कराया जायेगा। पंचायत एवं ग्रामीण विकास तथा सामाजिक न्याय मंत्री श्री गोपाल भार्गव ने कहा कि प्रदेश में पुरानी जल संरचनाओं को पुनर्जीवित करने के अभियान को हम पूरे प्रदेश में जनआंदोलन बनायेंगे।
पंचायत ग्रामीण विकास मंत्री श्री भार्गव ने कहा कि इस बार के जलाभिषेक अभियान को पुरानी जल संरचनाओं को पुनर्जीवित करने के साथ ही ग्रामीण क्षेत्रों के बुजुर्गों के पास जल संरक्षण, संवर्द्धन और उसके इतिहास के जो अनुभव हैं उन्हें भावी पीढ़ी के साथ साझा करने की हमने योजना बनाई है। इसका उद्देश्य यही है कि भावी पीढ़ी पानी को बचाने और बढ़ाने के लिये अपने बुजुर्गों से समृद्ध तकनीकों को जान सके।
अम्बेडकर जयंती 14 अप्रैल को प्रदेश के सभी 52 हजार गाँवों में ग्राम सभाएं आयोजित की जायेंगी जिसमें गाँव के बुजुर्ग और युवा दोनों को शामिल किया जायेगा। इसमें गाँव के भागीरथ कृषक भी शामिल होंगे। बुजुर्ग लोग गाँव में पूर्व में पानी की पर्याप्त उपलब्धता, व्यापक हरियाली, जंगल की समृद्धता से युवाओं को अवगत करायेंगे और यह भी बतायेंगे कि यह जो पर्यावरण था उसके कारण क्या थे और आज जल संकट और जंगल विहीन होते गाँव का कारण क्या है।
पंचायत ग्रामीण विकास मंत्री श्री भार्गव ने कहा कि इस बार के जलाभिषेक अभियान को पुरानी जल संरचनाओं को पुनर्जीवित करने के साथ ही ग्रामीण क्षेत्रों के बुजुर्गों के पास जल संरक्षण, संवर्द्धन और उसके इतिहास के जो अनुभव हैं उन्हें भावी पीढ़ी के साथ साझा करने की हमने योजना बनाई है। इसका उद्देश्य यही है कि भावी पीढ़ी पानी को बचाने और बढ़ाने के लिये अपने बुजुर्गों से समृद्ध तकनीकों को जान सके।
अम्बेडकर जयंती 14 अप्रैल को प्रदेश के सभी 52 हजार गाँवों में ग्राम सभाएं आयोजित की जायेंगी जिसमें गाँव के बुजुर्ग और युवा दोनों को शामिल किया जायेगा। इसमें गाँव के भागीरथ कृषक भी शामिल होंगे। बुजुर्ग लोग गाँव में पूर्व में पानी की पर्याप्त उपलब्धता, व्यापक हरियाली, जंगल की समृद्धता से युवाओं को अवगत करायेंगे और यह भी बतायेंगे कि यह जो पर्यावरण था उसके कारण क्या थे और आज जल संकट और जंगल विहीन होते गाँव का कारण क्या है।
इससे युवा अपने गाँव के पर्यावरण को पूर्ववत बनाने के लिये प्रेरित हो सकेंगे। ग्राम सभाओं के बाद दोनों पीढ़ियां मिलकर प्रत्येक ग्राम पंचायत में एक वृहद स्वरूप के जल संरक्षण और भू-जल संवर्द्धन के कार्य की शुरूआत करेंगे।
इन सभी ग्राम सभाओं की कार्यवाही को रिकार्ड करने के साथ ही वीडियो रिकार्डिंग भी की जायेगी। स्थानीय सांसद, विधायक, जिला पंचायत एवं जनपद पंचायत के पदाधिकारियों एवं प्रतिनिधियों को भी इस महत्वपूर्ण आयोजन में निमंत्रित किया जायेगा। पूर्व में 8 मार्च 2010 को भी इस संवाद के लिये विशेष ग्राम सभाओं का आयोजन किया गया था।
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