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Saturday, March 27, 2010

सौर ऊर्जा संयंत्रों के व्यावसायिक लाभ पर विशेष अध्ययन हो - श्री राघवजी

 केन्द्रीय जेल में मंत्री श्री देवड़ा के साथ गर्म पानी संयंत्र "अग्नि" का उदघाटन
वित्त मंत्री श्री राघवजी ने कहा है कि सौर ऊर्जा से चलने वाले गर्म पानी के संयंत्रों का व्यावसायिक दृष्टि से अध्ययन किया जाना चाहिये जिससे यह ज्ञात हो सके कि लागत की तुलना में बचत आदि से कितना लाभ हुआ। जिससे बड़े पैमाने पर शासकीय संस्थानों में इनके उपयोग पर विचार किया जा सके।
श्री राघवजी केन्द्रीय जेल में स्थापित सौर ऊर्जा के गर्म पानी संयंत्र के उद्घाटन कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित थे। कार्यक्रम की अध्यक्षता परिवहन एवं जेल मंत्री श्री जगदीश देवड़ा ने की। गृह, जेल एवं परिवहन राज्य मंत्री श्री नारायण सिंह कुशवाह कार्यक्रम में विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित थे।

अपने संबोधन में श्री राघवजी ने कहा कि वर्तमान समय में बिजली के संकट से हम अनजान नहीं है। छोटे स्थानों पर तो बिजली के संकट से जनसामान्य को और भी ज्यादा असुविधायें का सामना करना पड़ता है। ऐसी स्थिति में ऊर्जा के विकल्पों पर ज्यादा से ज्यादा ध्यान देने की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि सौर ऊर्जा बिजली का बेहतर विकल्प हो सकता है।
प्रकाश के साथ-साथ छोटी-मोटी अन्य जरूरतों में भी सौर ऊर्जा का प्रयोग किया जा सकता है। उन्होंने केन्द्रीय जेल में परिरूद्ध बन्दियों के श्रम से स्थापित सौर ऊर्जा से चलने वाले 'अग्नि' नामक संयंत्र की प्रशंसा करते हुये कहा कि इसके द्वारा गर्म पानी के उपयोग से बीमार व वृद्ध बन्दियों को जहां लाभ मिलेगा वहीं जेल में गर्म पानी पर होने वाली घरेलू गैस की खपत कम होने पर बजट की राशि में भी बचत होगी। 
संयंत्र की स्थापना के लिये वित्त मंत्री ने महानिदेशक जेल श्री पी.एल. पाण्डे के प्रयासों की प्रशंसा की जिनने अपने शासकीय दायित्वों से अलग हट कर सौर ऊर्जा संयंत्र के लिये बंदियों का तकनीकी मार्गदर्शन किया। सौर ऊर्जा संयंत्र के विषय में जानकारी देते हुये महानिदेशक जेल एवं सुधारात्मक सेवायें श्री पी.एल. पाण्डे ने बताया कि इस संयंत्र पर 2 लाख 75 हजार रूपये की राशि व्यय हुई है जो कि बाजार मूल्य से काफी कम है। इस संयंत्र से 70 डिग्री फैरनहाइट तापमान से लगभग 3 हजार लीटर पानी प्रतिदिन गर्म होगा। जिससे 1100 रूपये मूल्य की एल.पी.जी. गैस की बचत हो सकेगी।

उन्होंने बताया कि मितव्यता तथा बन्दी श्रम के उपयोग की दृष्टि से प्रदेश की सभी जेलों में इसी तरह के संयंत्र स्थापित किये जायेंगे। प्रदेश की सभी जेलों से 5-5 बंदियों को केन्द्रीय जेल भोपाल में यंत्र निर्माण का तकनीकी प्रशिक्षण व संचालन प्रक्रिया से अगवत कराया जायेगा। सौर ऊर्जा संयंत्र से किये गये गर्म पानी का उपयोग बंदियों के भोजन निर्माण के लिये तथा परिरूद्ध महिला बंदी उनके बच्चों, मानसिक रोगी व अन्य बीमार बन्दियों, वृद्ध बन्दियों के दैनिक उपयोग के लिये किया जा सकेगा।

कार्यक्रम में महानिरीक्षक जेल एवं सुधारात्मक सेवायें श्री संजय माने ने आभार व्यक्त किया। कार्यक्रम का संचालन श्री इम्तियाज अहमद ने किया। इस अवसर पर ए.डी.जी.एस.एफ श्री सुरेन्द्र सिंह, डी.आई.जी. जेल श्री आर.एस. विजयवर्गीय सहित अन्य अधिकारी उपस्थित थे। इस अवसर पर परिरूद्ध बन्दियों द्वारा अतिथियों का भावभीना स्वागत किया गया व सांस्कृतिक कार्यक्रमों की प्रस्तुतियां दी गई।

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