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Monday, March 15, 2010

सहकारी बैंकों में इसी वर्ष से कोर बैकिंग शुरू होगीं

 अपेक्स बैंक के सदस्यों को इस वर्ष 8 प्रतिशत लाभांश वितरित होगा
अपेक्स बैंक और जिला सहकारी बैंकों में कोर बैंकिंग के लिए कंसलटेंट की नियुक्ति कर दी गई है। इस वर्ष से सहकारी बैंकों में कोर बैंकिंग प्रारंभ हो जाएगी। अपेक्स बैंक अपने सदस्यों को इस वर्ष 8 प्रतिशत लाभांश का वितरण करेगा।
मध्यप्रदेश राज्य सहकारी बैंक की 45 वीं वार्षिक साधारण सभा की बैठक में यह जानकारी देते हुए अपेक्स बैंक के अध्यक्ष श्री भँवरसिंह शेखावत ने बताया कि प्राथमिक साख सहकारी समितियों के अधिकारियों कर्मचारियों के सेवा नियम में ब्यूरोक्रेसी की भूमिका कम कर सहकारी संस्थाओं के पदाधिकारियों की भूमिका महत्वपूर्ण बनाने का आग्रह सरकार से किया जाएगा। साधारण सभा की बैठक में इस आशय का प्रस्ताव भी सर्वसम्मति से पारित किया गया। बैठक में मध्यप्रदेश राज्य सहकारी संघ के उपाध्यक्ष श्री कैलाश सोनी, उपाध्यक्ष श्रीमती सरिता सिंह, संचालकगण एवं प्रबंध संचालक श्री सुशील मिश्रा भी उपस्थित थे।

अपेक्स बैंक के अध्यक्ष श्री भंवरसिंह शेखावत ने कहा कि सहकारिता आंदोलन के साथ इस प्रदेश के 4 करोड़ जनता याने 80 फीसदी आबादी का भविष्य जुडा हैं। इतनी बड़ी आबादी के जीवन में खुशहाली लाने उन्हें आर्थिक रूप से सुदृढ़ करने का दायित्व सहकारिता पर है। उन्होंने कहा कि इसे ध्यान में रखकर हम यथास्थितिवादी स्थिति में नहीं रह सकते। हमें सहकारिता के क्षेत्र में आज के बदलते हुए परिदृश्य में ऐसी नीतियां अपनाना होगी जिससे हम आज के दौर की स्पर्धा में सहकारी संस्थाओं को सक्षमता के साथ खड़ा कर सकें। श्री शेखावत ने कहा कि इसी को दृष्टिगत रखते हुए हमने सहकारी बैंकों में कोर बैंकिंग की शुरूआत की है। इसे लागू करने के लिए नाबार्ड की सहमति से एक राष्ट्रीय संस्था को कंसलटेंट के रूप में हमने नियुक्त किया हैं जिसने हमारे बैंकों की सारी स्थितियों का अध्ययन कर संचालक मंडल के सामने अपना प्रस्तुतीकरण किया। हमारा प्रयास है कि इस वर्ष के अन्त तक हम सहकारी बैंक को कोर बैंकिंग से जोड़ दें।

श्री शेखावत ने कहा कि दूसरी हमारे सामने चुनौति थी कमजोर बैंकों को आर्थिक रूप से सुदृढ़ बनाने की। उन्होंने कहा कि यह वित्तीय वर्ष हमारे सामने इस मायने में सुखद है कि सागर जैसी अत्यंत कमजोर बैंक आर्थिक रूप से सृदृढ़ हुई और हाल ही में रिजर्व बैंक ने उस पर लगाए गए प्रतिबंधों को हटा लिया। आज प्रदेश की 38 जिला बैंकों में 37 जिला बैंक ने 121.63 करोड़ रूपये का शुद्ध लाभ अर्जित किया। हमारे सहकारी बैंकों के बैंकिंग लायसेंस बनवाने की प्रक्रिया भी तेज कर दी है। प्रदेश के 9 जिला सहकारी बैंक को रिजर्व बैंक ने लायसेंस जारी कर दिए है और 31 अप्रैल के पहले सभी जिला सहकारी बैंकों को लायसेंस मिल जाएंगे।

श्री शेखावत ने सहकारी बैंकों को सुदृढ़ बनाने के लिए अतिरिक्त प्रयासों को परिणाम तक पहुंचाने की आवश्यकता बतलाइ। उन्होंने कहा कि आने वाले समय में हमें अगर किसानों को शोषण से, आज के समय में निजी क्षेत्र में पनप रहे सूदखोरों से बचाना है तो हमें अपने बैकिंग व्यवसाय में विविधता लाना होंगी। श्री शेखावत ने कहा कि यह सहकारी बैंकों के अस्तित्व के लिए भी जरूरी है। उन्होंने बताया कि अपेक्स बैंक इस दिशा में पहल करने जा रहा है। अगले तीन माह में इसकी योजना तैयार कर हम अल्पकालीन ऋण व्यवस्था से दीर्घकालीन ऋण किसानों को देने का प्रयास करेंगे।

अपेक्स बैंक के अध्यक्ष श्री शेखावत ने प्राथमिक सहकारी साख समितियों के कर्मचारियों के लिए हाल ही में बनाए गए सेवानियमों को एतिहासिक पहल बताते हुए इसके लिए मुख्यमंत्री एवं सहकारिता मंत्री के प्रति आभार व्यक्त किया। उन्होंने संचालक मंडल के सदस्यों की इस भावना से सहमति व्यक्त की कि सेवा नियमों में सहकारिता की भावना के विपरीत ब्यूरोक्रेसी की भूमिका महत्वपूर्ण हो गई है जबकि सहकारी संस्थाओं के पदाधिकारियों की भूमिका इसमें अहम होना चाहिए। बाद में साधारण सभा की बैठक में इस आशय का प्रस्ताव पारित कर सेवानियमों में संशोधन किए जाने का सरकार से आग्रह करने का निर्णय लिया गया।

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