प्रत्येक संभाग में नारीनिकेतन प्रारंभ होंग
मुख्यमंत्री श्री शिवराजसिंह चौहान ने कहा है कि मध्यप्रदेश में कार्यरत राज्य सरकार की महिला अधिकारियों-कर्मचारियों को अब छह माह का प्रसूति अवकाश प्राप्त होगा। वर्तमान में तीन माह का प्रसूति अवकाश देने का प्रावधान है।
प्रदेश में विज्ञापनों में नारी के अपमान को प्रतिबंधित करते हुए नई नीति बनाई जायेगी। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने प्रदेश में संभागीय स्तर पर नारीनिकेतन प्रारंभ करने, कन्या छात्रावासों में अधीक्षिका को तीन वर्ष से अधिक समय तक पदस्थ न रखने और कार्य स्थल पर महिलाओं की समस्याओं के निराकरण के लिये प्रत्येक जिले में समिति के गठन की भी घोषणा की।
मुख्यमंत्री श्री चौहान ने आज मध्यप्रदेश राज्य महिला आयोग के 12वें स्थापना दिवस के अवसर पर स्थानीय रवीन्द्र भवन में आयोजित समारोह को सम्बोधित करते हुए ये घोषणाएं कीं। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि राज्य महिला आयोग की अन्य अनुशंसाओं पर भी राज्य सरकार आवश्यक कदम उठायेगी।
मुख्यमंत्री श्री चौहान ने प्रदेश में महिला सशक्तिकरण की दिशा में लिये गये निर्णयों का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि स्थानीय निकायों में महिलाओं को 50 प्रतिशत आरक्षण से समाज हित में उनके नेतृत्व का लाभ मिलने लगा है।
मुख्यमंत्री श्री चौहान ने प्रदेश में महिला सशक्तिकरण की दिशा में लिये गये निर्णयों का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि स्थानीय निकायों में महिलाओं को 50 प्रतिशत आरक्षण से समाज हित में उनके नेतृत्व का लाभ मिलने लगा है।
मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि थानों में महिला डेस्क योजना का विस्तार प्रत्येक थाने तक करने, घरेलू हिंसा पर प्रभावी नियंत्रण के लिये उषा किरण योजना में शीघ्र कार्यवाही और बलात्कार जैसे मामलों में फास्ट ट्रेक कोर्ट के माध्यम से निराकरण पर भी शीघ्र अमल होगा।
लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष श्रीमती सुषमा स्वराज ने कहा कि राजनैतिक सशक्तिकरण से महिला जागृति और अपराध नियंत्रण संभव है। शिक्षा ने भी महिलाओं को स्वावलंबी बनाने में सहयोग दिया है। श्रीमती स्वराज ने कहा कि हाल ही में राज्य सभा में महिलाओं के लिये एक तिहाई आरक्षण के विधेयक को कठिनाईयों के साथ पारित किया जा सका है।
लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष श्रीमती सुषमा स्वराज ने कहा कि राजनैतिक सशक्तिकरण से महिला जागृति और अपराध नियंत्रण संभव है। शिक्षा ने भी महिलाओं को स्वावलंबी बनाने में सहयोग दिया है। श्रीमती स्वराज ने कहा कि हाल ही में राज्य सभा में महिलाओं के लिये एक तिहाई आरक्षण के विधेयक को कठिनाईयों के साथ पारित किया जा सका है।
यह विधेयक अब लोकसभा में प्रस्तुत किया जाना है। पूर्व में एन.डी.ए. सरकार ने महिलाओं को आरक्षण की बात रखी थी। पूर्व प्रधानमंत्री श्री अटल बिहारी वाजपेयी ने इस दिशा में निरंतर प्रयास किये। श्री स्वराज ने कहा कि महिला आरक्षण का स्वप्न स्थानीय निकायों के साथ ही विधानसभाओं और लोकसभा में महिलाओं को 50 प्रतिशत आरक्षण मिलने तक अधूरा माना जायेगा। सांसद श्रीमती माया सिंह ने कहा कि मध्यप्रदेश में पंचायतों और नगरीय निकायों में 50 प्रतिशत से अधिक स्थानों पर महिलाएं कार्य कर रही हैं। मुख्यमंत्री श्री चौहान द्वारा महिला पंचायत के आयोजन के पश्चात प्राप्त सुझावों के आधार पर महिला कल्याण के महत्वपूर्ण निर्णय लिये गये।
कार्यक्रम में मुख्यमंत्री श्री चौहान और श्रीमती स्वराज के साथ ही प्रदेश की शिक्षा मंत्री श्रीमती अर्चना चिटनीस, महिला एवं बाल विकास राज्य मंत्री श्री रंजना बघेल, भोपाल की महापौर श्रीमती कृष्ण गौर मंच पर उपस्थित थीं। राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष श्रीमती कृष्णकांता तोमर ने स्वागत भाषण दिया।
कार्यक्रम में मुख्यमंत्री श्री चौहान और श्रीमती स्वराज के साथ ही प्रदेश की शिक्षा मंत्री श्रीमती अर्चना चिटनीस, महिला एवं बाल विकास राज्य मंत्री श्री रंजना बघेल, भोपाल की महापौर श्रीमती कृष्ण गौर मंच पर उपस्थित थीं। राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष श्रीमती कृष्णकांता तोमर ने स्वागत भाषण दिया।
इस अवसर पर आयोग की सदस्य श्रीमती अमिता चपरा, श्रीमती उपमा राय, श्रीमती कमला वाडीवा के अलावा श्रीमती ऊषा चतुर्वेदी, श्रीमती सरिता देशपांडे, सांसद श्री कप्तानसिंह सोलंकी और श्री बाबूलाल जैन आदि उपस्थित थे। कार्यक्रम का संचालन सुश्री साधना जैन और आभार प्रदर्शन आयोग की सदस्य श्रीमती सुषमा जैन ने किया। इस अवसर पर आयोग ने सामाजिक क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य के लिये सुश्री माधुरी मिश्रा और श्रीमती रानी दुबे का सम्मान किया गया। कार्यक्रम की शुरूआत में अतिथियों का स्वागत किया गया और महिला आयोग की ओर से स्मृति चिन्ह प्रदान किये गये।
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