वित्त मंत्री श्री राघवजी की प्रतिक्रिया
वित्त मंत्री श्री राघवजी ने आज संसद में प्रस्तुत केन्द्रीय बजट पर अपनी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुये कहा कि इसने देश की जनता को काफी निराश किया है क्योंकि महंगाई पर काबू पाने के लिये इसमें कोई ठोस उपाय नहीं किया गया है। इसके विपरीत क्रूड आइल पर ड्युटी बढ़ाकर डीजल और पेट्रोल को महंगा कर दिया है। इसके दूरगामी परिणाम होंगे और कृषि सहित अन्य आवश्यक वस्तुओं की कीमतें बढ़ेगी।
श्री राघवजी ने कहा कि राज्य सरकारों ने संयुक्त रूप से केन्द्र सरकार से मांग की थी कि केन्द्रीय टेक्सों में राज्यांश को 30 से बढ़ाकर 40 प्रतिशत किया जाये, लेकिन इसे सिर्फ 32 प्रतिशत किया गया है जो अपर्याप्त है। उन्होंने कहा कि केन्द्रीय बजट में कृषि के लिये कोई प्रावधान नजर नहीं आ रहा जबकि प्राथमिकता यह दर्शाई गई थी कि कृषि की वृद्धि दर बढ़े। साथ ही खाद्यान्न सुरक्षा के लिये भी बजट में कोई प्रावधान नहीं है।श्री राघवजी ने यह कहा कि यह संतोष का विषय है कि आयकर में छूट प्रदान की गई है और मध्यप्रदेश का राज्यांश थोड़ा बढ़ा है लेकिन छठे वेतनमान पर आने वाले खर्च के पचास प्रतिशत की क्षतिपूर्ति की ज्वंलित मांग पूरी नहीं हो पाई है। इसके अलावा वन संरक्षण पर राज्य सरकार द्वारा किये जाने वाले खर्च की प्रतिपूर्ति की मांग भी पूरी नहीं हुई है। उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश के लिये वाइएबिलटी गेप फडिंग बढ़ाई जाने थी जिससे कि पीपीपी के तहत सड़कों में वृद्धि हो सके। लेकिन खेद की बात है कि यह मांग भी नहीं मानी गई।
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