उत्कृष्ट निगमों, कर्मचारियों का बढ़ायेंगे हौसला
वाणिज्य, उद्योग और रोजगार तथा सार्वजनिक उपक्रम मंत्री श्री कैलाश विजयवर्गीय द्वारा प्रदेश के 23 सार्वजनिक उपक्रमों की वित्तीय, विकासात्मक एवं अन्य गतिविधियों पर आज विस्तृत समीक्षा की गई। साथ ही 4 सार्वजनिक उपक्रम जो बंद किये गये हैं, उनके समापन में हुई प्रगति की समीक्षा भी इस मौके पर हुई। उल्लेखनीय है कि 31 मार्च, 2008 की स्थिति में राज्य के 23 सार्वजनिक उपक्रम जो विभाग के अंतर्गत आते हैं, में लगभग 573 करोड़ रुपए, की पूंजी निवेश है, इसमें राज्य शासन के 542 करोड़ रुपए, केन्द्र शासन द्वारा 4 करोड़ रुपए, तथा अन्य उपक्रमों द्वारा 27 करोड़ निवेशित हैं।
यहां यह भी उल्लेखनीय है कि वर्ष 2006-07 तक इन सार्वजनिक उपक्रमों की नेटवर्थ नकारात्मक से सकारात्मक हो गई थी, वर्तमान में ये 51.98 करोड़ रुपए है। साथ ही वर्ष 2006-07 तक कुल टर्न ओवर 1832.37 करोड़ रुपए था। इस अवसर पर टास्क फोर्स के माध्यम से प्रतिवर्ष उपक्रमों द्वारा एम.ओ.यू. निष्पादन पर भी चर्चा हुई।
बैठक में सार्वजनिक उपक्रमों के सुधार हेतु विभिन्न उपयों पर चर्चा की गई, जिसमें मुख्यत: उद्योग मंत्री श्री विजयवर्गीय की अध्यक्षता में उपक्रमों के एम.ओ.यू. की त्रै-मासिक समीक्षा, प्रतिवर्ष पूर्ण दिवस कार्यक्रम आयोजित कर सार्वजनिक उपक्रमों की लाभप्रदता पर विचार-विमर्श तथा उत्कृष्ट कार्य करने वाले उपक्रमों को पुरस्कृत करना सम्मिलित है।
बैठक में सार्वजनिक उपक्रमों के सुधार हेतु विभिन्न उपयों पर चर्चा की गई, जिसमें मुख्यत: उद्योग मंत्री श्री विजयवर्गीय की अध्यक्षता में उपक्रमों के एम.ओ.यू. की त्रै-मासिक समीक्षा, प्रतिवर्ष पूर्ण दिवस कार्यक्रम आयोजित कर सार्वजनिक उपक्रमों की लाभप्रदता पर विचार-विमर्श तथा उत्कृष्ट कार्य करने वाले उपक्रमों को पुरस्कृत करना सम्मिलित है।
सार्वजनिक उपक्रमों के लाभ में से एक कारपस फण्ड बनाने पर भी विचार किया गया। इस कारपस फण्ड से सार्वजनिक उपक्रमों की प्रबंध पद्धतियों के सुधार, उत्पादन में वृद्धि, मानव संसाधन विकास आदि पर व्यय किये जाने पर विचार हुआ। श्री विजयवर्गीय ने इस अवसर पर सार्वजनिक उपक्रमों को ए, बी तथा सी श्रेणी में विभाजित करने हेतु तथा निम्न श्रेणी के सार्वजनिक उपक्रमों को उच्च श्रेणी में उन्नयन करने हेतु उपाय सुझाने हेतु निर्देशित किया गया।
वर्तमान में इन सार्वजनिक उपक्रमों में 10,000 से अधिक कर्मचारी कार्यरत हैं। श्री विजयवर्गीय ने निगमों में मानव संसाधन विकास तथा प्रबंधकीय सुदृढ़ीकरण पर जोर दिया। साथ ही लाभ वाले उपक्रमों को उनकी आवश्यकतानुसार प्रबंधकीय एवं अन्य अमला भर्ती करने हेतु स्वायत्तता देने पर भी विचार किया गया।
विभाग द्वारा शीघ्र ही उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले निगमों तथा उनके कर्मचारियों को पुरस्कृत कर प्रोत्साहित करने हेतु एक दिवसीय आयोजन किया जायेगा। इस अवसर पर सार्वजनिक उपक्रम विभाग के प्रमुख सचिव श्री के. सुरेश, मध्यप्रदेश लघु उद्योग निगम के मुख्य महाप्रबंधक एवं टास्कफोर्स संयोजक श्री पीयूष माथुर तथा सार्वजनिक उपक्रम विभाग के उप सचिव श्री डी.एस. पीटर उपस्थित थे।
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