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Thursday, February 25, 2010

गर्मी के दिनों में पेय जल मुहैया कराने के पुख्ता इंतजाम हो

  विद्यार्थियों को छात्रवृत्ति वितरण में कोताही बर्दाश्त नहीं : मुख्य सचिव
मुख्य सचिव श्री अवनि वैश्य आज मंत्रालय में परख कार्यक्रम के दौरान वीडियो कॉन्फेसिंग के जरिये संभागायुक्त एवं जिला कलेक्टरों से मुखातिब हुए। मुख्य सचिव ने इस दौरान निर्देश दिये कि कमजोर वर्गों को मुहैया कराई जाने वाली सामाजिक सुरक्षा पेंशन और वृद्धावस्था पेंशन का वितरण समय पर होना चाहिए।
इसी प्रकार विद्यार्थियों को छात्रवृत्ति का वितरण निर्धारित समय पर अनिवार्य रूप से किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि इस कार्य में कोताही नहीं बरती जाये। मुख्य सचिव ने इस दौरान राजस्व प्रकरणों के निराकरण तथा राजस्व भूमियों तथा वक्फ भूमियों से अतिक्रमण हटाने और आवश्यक वस्तु अधिनियम के अंतर्गत की जाने वाली कार्रवाहियों की भी संभागवार और जिलेवार समीक्षा की। उन्होंने आगामी वार्षिक परीक्षाओं को सुव्यवस्थित रूप से संपन्न कराने की हिदायत दी। वहीं आगामी त्यौहारों के अवसर पर शांति व्यवस्था बनाये रखने तथा इस उद्देश्य से प्रत्येक छोटी सी छोटी घटना के प्रति भी सावधानी बरतने और निगरानी के निर्देश दिये। इस मौके पर अपर मुख्य सचिव नर्मदा घाटी विकास श्री ओ.पी. रावत, प्रमुख सचिव, गृह डॉ. राजन.एस. कटोच तथा प्रमुख सचिव, सामान्य प्रशासन श्री सुदेश कुमार सहित विभिन्न विभागों के प्रमुख सचिव और संबंधित विभागाध्यक्ष भी उपस्थित थे।

परख कार्यक्रम के दौरान उन्होंने नर्मदा घाटी विकास विभाग की अपर वेदा परियोजना के डूब क्षेत्र के प्रभावित परिवारों का मानसून के पहले पुनर्वास करने के प्रयासों की जानकारी ली। उन्होंने प्रदेश के स्कूलों में संविदा शिक्षकों की नियुक्ति समय पर संपन्न कराने के लिये प्रचलित कार्यवाही की भी जिलावार समीक्षा की। इस अवसर पर प्रमुख सचिव स्कूल शिक्षा ने जानकारी दी की आगामी शैक्षणिक सत्र से संविदा शिक्षकों की भर्ती के लिये केन्द्रीकृत कॉउसिलिंग का आयोजन किया जायेगा। इस उद्देश्य से एक नये साफ्टवेयर का निर्माण किया गया है, जिसका परीक्षण जारी है। इस नई व्यवस्था से भविष्य में संविदा शिक्षकों के रिक्त पदों पर नियुक्ति की प्रक्रिया आसान हो जायेगी। मुख्य सचिव ने प्रदेश के 201 विकासखण्डों में राष्ट्रीय माध्यमिक शिक्षा अभियान के अंतर्गत मॉडल स्कूल की स्थापना के लिये भूमि के चयन की कार्रवाही की जिलावार समीक्षा की। स्कूल शिक्षा विभाग द्वारा जानकारी दी गई कि अब तक 93 विकासखण्डों में भूमि चयन का कार्य पूर्ण हो चुका है।

परख कार्यक्रम में मुख्य सचिव ने वनाधिकार अधिनियम के अंतर्गत प्राप्त दावों के निराकरण और प्रमाण-पत्र के वितरण की भी समीक्षा की तथा जिन जिलों में प्रगति संतोषजनक नहीं है वहाँ माह के अंत तक प्रकरणों का निराकरण करने के लिये निर्देश दिये। राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना के तहत श्रमिकों को रोजगार मुहैया कराने के काम की जिलावार समीक्षा करते हुये मुख्य सचिव ने संभागीय आयुक्तों को निर्देश दिये कि वे अपने सीमावर्ती जिलों में उपलब्ध कराये गये मानव दिवस रोजगार का तुलनात्मक परीक्षण करें। उन्होंने कहा कि जरूरतमद श्रमिकों को रोजगार मुहैया कराने के काम पर पूरी गंभीरता से ध्यान दिया जाना चाहिए। मुख्य सचिव ने सामाजिक सुरक्षा पेंशन और वृद्धावस्था पेंशन के वितरण में विभिन्न जिलों में हुई देरी के प्रति भी नाराजगी जताई। उन्होंने कहा कि कमजोर वर्गों को प्राथमिकता से मदद मुहैया करायी जानी चाहिए। इसमें कोई कोताही बर्दाश्त नहीं की जायेगी। उन्होंने स्कूल तथा महाविद्यालयीन छात्र-छात्राओं को वितरित की जाने वाली विभिन्न छात्रवृत्ति और शिष्यवृत्ति के वितरण की जानकारी लेते हुये निर्देश दिये कि इनका नियमित रूप से वितरण सुनिश्चित किया जावें। मुख्य सचिव ने संबंधित विभागों को निर्देश दिये कि विभिन्न छात्रवृत्ति और शिष्यवृत्ति के वितरण के लिए शैक्षणिक सत्र के प्रारंभ से ही बजट आवंटन मुहैया करा दिया जाए, ताकि छात्र-छात्राओं को इनका समय पर लाभ मिल सके। मुख्य सचिव ने राजस्व प्रकरणों के अंतर्गत विवादित और अविवादित नामांतरण तथा बटवारे और सीमांकन प्रकरणों की भी जिलावार समीक्षा की। इसके साथ ही निस्तार भूमि पर से अतिक्रमण हटाये जाने के बारे में भी हिदायत दी। मुख्य सचिव ने राजस्व भूमियों तथा वक्फ सम्पत्तियों पर से अतिक्रमण हटाने के लिए विभिन्न जिलों में जारी अभियान की समीक्षा करते हुए इस संबंध में सजगता से कार्रवाही के निर्देश दिए। आवश्यक वस्तु अधिनियम के अंतर्गत दर्ज मामलों तथा ऐसे प्रकरणों में चालान प्रस्तुत करने की कार्रवाही की समीक्षा भी इस दौरान की गई। विगत 9 माह में इस अधिनियम के तहत 5 हजार 788 प्रकरण दर्ज हो चुके है और 19.53 करोड़ रूपये की सामग्री जप्त की जा चुकी है।

इस अवसर पर मुख्य सचिव ने आओ बनायें अपना मध्यप्रदेश अभियान के तहत विकास कार्यों और सामाजिक सरोकारों में आम लोगों की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करने को कहा। उन्होंने निर्देश दिए कि इस अभियान के प्रमुख उद्देश्य जल संरक्षण, ऊर्जा संरक्षण, नशामुक्ति, हरियाली, सुरक्षा, स्वास्थ्य, स्वच्छता तथा साफ-सफाई के संबंध में प्रत्येक ग्राम में जन सहभागिता समिति का गठन कर कार्य योजना बनाई जाए। मुख्य सचिव ने कहा कि इस अभियान के तहत जहां मुख्यमंत्री ने यात्रा की है वहां सबसे पहले समितियों का गठन हो और निर्धारित कार्यों के शत-प्रतिशत लक्ष्य हासिल किए जाएं। उन्होंने मुख्यमंत्री की यात्रा के दौरान प्राप्त आवेदनों का त्वरित निराकरण करने तथा ऐसे प्रकरण की प्रगति की जानकारी वेबसाईट पर प्रदर्शित करने के निर्देश दिए। मुख्य सचिव ने आगामी विधानसभा के बजट सत्र से प्रायोगिक तौर पर विधानसभा प्रश्न की ऑन लाइन मॉनिटरिंग प्रक्रिया की जानकारी ली। उल्लेखनीय है कि सर्वप्रथम लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग तथा पंचायत और ग्रामीण विकास विभाग द्वारा यह कार्य आरंभ किया गया है। इससे समय, धन एवं श्रम की बचत होगी और कार्य में गति आयेगी। भविष्य में यह व्यवस्था सभी विभागों के लिये चालू की जायेगी। परख कार्यक्रम में समस्त कलेक्टर तथा मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत को निर्देशित किया गया कि आगामी विधान सभा सत्र के दौरान विभिन्न विभागों से आन लाईन प्राप्त प्रश्नों का समानांतर आन लाईन उत्तर भेजना सुनिश्चित करें। आगामी वार्षिक परीक्षाओं को सुचारू रूप से संपन्न कराने के मुद्दे मुख्य सचिव ने जिला एवं पुलिस म.प्र. शासन को पूर्ण समन्वय और रणनीति के साथ काम करने की हिदायत दी। उन्होंने विशेषकर भिण्ड, रीवा, मुरैना, टीकमगढ़ और भोपाल जिलों के संवदेनशील परीक्षा केन्द्रों की निगरानी रखी जाकर वहां नकल रोकने की सख्त हिदायत दी। इसी तरह आगामी त्यौहारों के दौरान प्रदेश में सभी जगह कानून व्यवस्था के पुख्ता इंतजाम के निर्देश देते हुये मुख्य सचिव ने हिदायत दी कि आगामी होली, रंगपंचमी, रामनवमी, महावीर जयंती और मिलाद-उन-नबी आदि त्यौहारों के मौके पर शांति व्यवस्था तथा सांप्रदायिक सद्भावना का माहौल सुनिश्चित हो, इसे प्राथमिकता दी जाये और इन प्रयासों में समितियां ग्राम एवं नगर रक्षा समितियों का पूरा सहयोग लिया जाये। मुख्य सचिव ने आने वाले त्यौहारों के मौके पर शरारती तत्वों से सख्ती से निपटने तथा उनके विरूद्ध सख्त कार्यवाही के निर्देश दिये।

मुख्य सचिव ने परख कार्यकम के दौरान निर्देश दिये कि विभिन्न विभागों के अंतर्गत प्रचलित योजनाओं और कार्यक्रमों के अंतर्गत आवंटित बजट का शत-प्रतिशत उपयोग सुनिश्चित करें। राष्ट्रीय उद्योग मिशन के अंतर्गत मिलने वाली धनराशि और माइक्रोएरीगेशन योजना में प्राप्त बजट का उपयोग नहीं कर पा रहे जिलों से अपेक्षा की कि योजना के लक्ष्यों का शीघ्र प्राप्त कर करें।

पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग द्वारा वर्ष 2013 तक प्रदेश के 7 हजार 852 ग्रामों को बारामासी संपर्क सड़कों से जोड़ने की महत्वपूर्ण योजना शुरू की जा रही है। परख कार्यक्रम के दौरान मुख्य सचिव ने निर्देश दिये है कि संबंधित सड़क मार्ग के व्यय प्रस्ताव शीघ्र विभाग को भेंजे। चयनित सड़क मार्गों के निर्माण में बाधा बनने वाले अतिक्रमण शीघ्र हटाए जावें।

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