मध्यप्रदेश में मछली की उत्पादकता 29 किलोग्राम प्रति हेक्टेयर
मध्यप्रदेश में मछली की उत्पादकता राष्ट्रीय उत्पादकता से कहीं अधिक है। मत्स्य महासंघ के वृहद विकसित जलाशयों में मत्स्य की उत्पादकता जहां 29 किलोग्राम प्रति हेक्टेयर है वहीं राष्ट्रीय उत्पादकता 12 किलोग्राम प्रति हेक्टेयर है।महासंघ के जलाशयों में मछली की उत्पादकता में वृद्धि हेतु बड़े माप (150 मि.मी. से बड़ा) के कतला बीज के संचय का नया कार्यक्रम 2 वर्ष पूर्व शुरू किया गया था। चालू वर्ष 2009-10 में जलाशयों में 34 हजार 400 बड़े साईज के मत्स्य बीजों का संचय किया गया है।
जलाशयों में लुप्तप्राय: प्रजाति संरक्षण तथा उत्पादन प्राप्त करने की दृष्टि से “नोटोप्लेरस चिताला एवं महाशीर मत्स्य प्रजाति के बीजों के संचय का कार्य प्रदेश में पहली बार वर्ष 2008-09 से शुरू किया गया था। इस साल 25 हजार मत्स्य बीजों के संचय के कार्यक्रम के तहत अब तक 18 हजार 900 मत्स्य बीज का संचय हो चुका है।
जलाशयों में लुप्तप्राय: प्रजाति संरक्षण तथा उत्पादन प्राप्त करने की दृष्टि से “नोटोप्लेरस चिताला एवं महाशीर मत्स्य प्रजाति के बीजों के संचय का कार्य प्रदेश में पहली बार वर्ष 2008-09 से शुरू किया गया था। इस साल 25 हजार मत्स्य बीजों के संचय के कार्यक्रम के तहत अब तक 18 हजार 900 मत्स्य बीज का संचय हो चुका है।
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