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Friday, February 12, 2010

बुन्देलखंड के छ: जिलों के लिये 3760 करोड़ रूपये के विशेष विकास पैकेज प्रस्ताfव

 मुख्य सचिव श्री अवनि वैश्य की अध्यक्षता में उच्चस्तरीय बैठक संपन्न
मध्यप्रदेश के बुन्देलखंड अंचल के 6 जिलों क्रमश: सागर, टीकमगढ़, छतरपुर, पन्ना, दतिया और दमोह में सूखे के प्रभाव को कम करने और क्षेत्र में समग्र विकास के उद्देश्य से राज्य सरकार द्वारा केन्द्र सरकार के दिशा निर्देशों के अनुरूप 3760 करोड़ रूपये के समेकित पैकेज के मसौदे को अंतिम रूप प्रदान कर दिया गया है।
आज मुख्य सचिव श्री अवनि वैश्य की अध्यक्षता में आयोजित एक उच्च स्तरीय बैठक में बुन्देखंड अंचल के विकास के लिये प्रस्तावित इस विशेष पैकेज का अनुमोदन किया गया। इस मौके पर संबंधित विभागों के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद थे। इस विशेष पैकेज को अंतिम रूप देने के पूर्व संबंधित जिलों के जिला कलेक्टरों, संभागायुक्त सागर और जिला स्तरीय प्रतिनिधियों के साथ प्रस्तावित विकास कार्यक्रमों के बारे में विस्तार से चर्चा की गई है।

मंत्रालय में आयोजित बैठक के दौरान बुन्देलखंड विकास से संबंधित टास्कफोर्स समिति के अध्यक्ष, प्रमुख सचिव पंचायत एवं ग्रामीण विकास श्री आर. परशुराम ने विशेष पैकेज के प्रावधानों के बारे में विस्तार से बताया। उन्होंने बताया कि इस पैकेज में भारत सरकार के विभिन्न मंत्रालयों द्वारा कार्यान्वित केन्द्र प्रवर्तित एवं केन्द्र सहायतित योजनाओं में आगामी तीन वर्षो में बुन्देलखंड अंचल के 6 जिलों में विभिन्न क्षेत्रों के विकास के संबंध में आवश्यक राशि सुलभ होगी।
बुन्देलखंड के विकास के लिये विशेष पैकेज के अतिरिक्त केन्द्रीय सहायता भी उपलब्ध कराया जाना प्रस्तावित है। इस विशेष पैकेज के लिये वित्तीय वर्ष 2009-10 की शेष अवधि के साथ ही वित्तीय वर्ष 2010-11और 2011-12 में सहायता उपलब्ध कराई जायेगी।

इस उद्देश्य से वर्तमान में प्रचलित विभिन्न केन्द्रीय प्रवर्तित योजनाओं के अंतर्गत 1906.06 करोड़ रूपये उपलब्ध कराने और अतिरिक्त केन्द्रीय सहायता मद में 1853.20 करोड़ रूपये उपलब्ध होने की उम्मीद है। भारत सरकार को भेजे जाने वाले इस प्रस्ताव के जरिये जिन विकास क्षेत्रों के लिये वित्तीय आवंटन प्राप्त होने की संभावना है उनमें मुख्यत: जल संग्रहण क्षेत्र विकास, मृदा एवं जल संरक्षण, सिंचाई के वर्तमान संसाधनों के आधुनिकीकरण की योजनाएँ शामिल हैं। इसके साथ ही कृषि एवं उद्यानिकी क्षेत्र की विकास योजनाओं, सूक्ष्म सिंचाई योजनाओं तथा भंडारण क्षमता में वृद्धि और विपणन संरक्षण भी शामिल है। उद्यानिकी क्षेत्र के विकास कार्यक्रमों में राष्ट्रीय उद्यानिकी मिशन द्वारा तैयार की गई रणनीति का अनुसरण किया जायगा। इसी तरह बुन्देलखंड में वन विकास के उद्देश्य से वन क्षेत्रों की भूमि का उपचार तथा वनक्षेत्रों में मृदा एवं जल संरक्षण के कार्यो को बढ़ावा देना इस पैकेज का मकसद होगा।

बुन्देलखंड विकास के लिये प्रस्तावित इस विशेष पैकेज में किसानों के खेतों में फार्मप्लांट, खेत-तालाब और कुओं के निर्माण के साथ-साथ पुराने कुओं एवं तालाबों के सुधार कार्यों को भी शामिल किया गया है। इस पैकेज में यह भी प्रस्ताव है कि बड़ी संख्या में निर्मित कुओं पर उद्वहन सिंचाई के उद्देश्य से डीजल और बिजली से चलने वाले पंप सेट उपलब्ध कराये जायेंगे। इसी तरह बुन्देलखंड अंचल में भू-जल स्तर बढ़ाने के उद्देश्य से श्रंखलाबद्ध स्टापडेमों का निर्माण कर छोटे नदी एवं नालों में पानी रोककर जल स्तर को बढ़ाने प्रयास किये जायेंगे।

बुन्देलखंड विशेष पैकेज के अंतर्गत 47हजार 200 हेक्टेयर वन क्षेत्रों का सुधार, 25000 मेट्रिक टन अतिरिक्त पशुचारे का उत्पादन और वन क्षेत्रों में जल पुनर्भरण के उद्देश्य से 900 परक्यूलेशन टेंक का निर्माण किया जाना प्रस्तावित है। इसके साथ ही बुन्देलखंड अंचल के इन 6 जिलों में स्थित 2037 संयुक्त वन प्रबंधन समितियों के सदस्यों की क्षमता और कौशल का विकास करने, विभिन्न प्रशिक्षण प्रदान किये जायेंगे। इसके अलावा वन अंचलों में रोजगारमूलक विकास कार्यों के जरिये 2 करोड़ मानव दिवस का रोजगार सृजन कराना भी इस प्रस्ताव का अहम उद्देश्य है ।

इस विशेष पैकेज में पशुपालन योजनाओं को बढ़ावा देने के लिये 5972 किसानों को उन्नत चारा विकास का प्रशिक्षण दिया जायेगा वहीं एक लाख 20 हजार किसानों को खरीफ एवं रवी फसलों के उन्नत बीज मिनिकिट उपलब्ध कराये जायेंगे। उन्नत नस्ल के 2855 पशु विभिन्न केन्द्रों पर भेजे जायेंगे। इसके अलावा 750 विस्तार कार्यकर्ताओं को विशेष प्रशिक्षण दिया जाना और 222 विस्तार केंन्द्रों का विकास भी इस विशेष पैकेज के माध्यम से किया जायेगा। इसके अलावा 156 क्षेत्रीय पशुचिकित्सालयों का विकास और पशुपालकों के लिये जिला एवं ब्लाक स्तर पर 4176 शिविरों का आयोजन होगा। इन प्रयासों से बुन्देलखंड अंचल में 5 से 10 प्रतिशत दुग्ध उत्पादन क्षमता में वृद्धि होने की संभावना रहेगी। ग्रामीण अंचलों में महिलाओं के आर्थिक उत्थान के उद्देश्य से 628 महिलाओं को मुर्गीपालन योजना से लाभान्वित किया जायेगा जिससे प्रति हितग्राही हर वर्ष 10 से 15 हजार रूपये अतिरिक्त आय होगी। इसी तरह बकरी पालन योजना के अंतर्गत 60193 बकरे और 31930 उन्नत नस्ल की बकरी का प्रदाय हितग्राहियों को किया जायेगा।

कृषि क्षेत्र के विकास के लिये इस विशेष पैकेज के जरिये बुन्देलखंड अंचल के एक लाख 20 हजार किसानों को उन्नत खेती का प्रशिक्षण देकर उनकी क्षमता वृद्धि की जायेगी । इसके साथ ही 60 हजार किसानों को उन्नत खेती का प्रशिक्षण प्रदान करने के लिये शैक्षणिक भ्रमण कार्यक्रमों का आयोजन किया जायेगा। बुन्देलखंड अंचल में 6हजार से अधिक नये कुओं का निर्माण तथा 27 कृषि उपजमंडियों, 16 उप मंडियों और 112 हाट बाजारों में सुविधाओं का विस्तार और आधुनिकीकरण भी किया जायेगा। इसके साथ ही बुन्देलखंड अंचल में खाद, बीज और कृषि आदानों के भंडारण के लिये 5.25 लाख टन अतिरिक्त भंडारण क्षमता निर्मित की जायेगी। उद्यानिकी क्षेत्र के विकास के उद्देश्य से 11130 हेक्टेयर में अतिरिक्त रूप से उद्यानिकी का विस्तार होगा और 24980 हेक्टेयर अतिरिक्त क्षेत्र में सिंचाई का विकास कर उद्यानिकी को बढ़ावा दिया जायेगा। इन कोशिशों से बुन्देलखंड अंचल में मौजूदा फलोत्पादन में करीब 35 फीसदी बढोत्तरी का अनुमान है।

बुन्देलखंड अंचल के इस विशेष विकास पैकेज के जरिये एक लाख 5 हजार हेक्टेयर अतिरिक्त क्षेत्र में सिंचाई सुविधाओं का विकास होगा और 107 नई लघु सिंचाई योजनाओं का क्रियान्वयन किया जायेगा इसके साथ ही अपूर्ण वरियारपुर सिंचाई योजना को भी इस विशेष पैकेज के माध्यम से पूरा करने की पहल की जायेगी।

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