खण्डवा में सुपर क्रिटिकल थर्मल पावर प्लांट अनुबंध पर हस्ताक्षर
मुख्यमंत्री श्री शिवराजसिंह चौहान ने कहा है कि केन्द्र सरकार से मध्यप्रदेश की ऊर्जा परियोजनाओं के लिए पर्यावरण संबंधी क्लीयरेन्स प्राप्त करने के लिए उन्होंने प्रधानमंत्री से आग्रह किया है। आज यह आवश्यक है कि राजनेता निंदा-आलोचना का मार्ग छोड़कर आम जनता के लिए कार्य करें और केन्द्र एवं राज्य सरकार ऊर्जा सहित अन्य क्षेत्रों में मिलकर विकास को गति दें।
मुख्यमंत्री श्री चौहान आज यहां होटल अशोक लेक व्यू में बीएचईएल एवं मध्यप्रदेश पावर जनरेशन कंपनी लिमिटेड के संयुक्त उद्यम के अनुबंध के अवसर पर संबोधित कर रहे थे। इस अवसर पर खण्डवा में कोयला आधारित पावर प्लांट लगाने के लिए मध्यप्रदेश पावर जनरेशन कंपनी लिमिटेड (एमपीपीजीसीएल) एवं भारत हेवी इलेक्ट्रिकल्स लिमिटेड के संयुक्त उद्यम के लिए संयुक्त अनुबंध पर हस्ताक्षर किये गये। इस संयुक्त उद्यम कंपनी - दादा धूनीवाले खंडवा पॉवर लिमिटेड में बीएचईएल एवं एमपीपीजीसीएल की बराबर की हिस्सेदारी होगी। बाद में कंपनी के विकास के लिये वित्तीय संस्थानों, बैंकों आदि को साझेदार बनाया जाएगा। इस परियोजना की कुल संभावित लागत 10 हजार करोड़ रूपये है।
मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि मध्यप्रदेश तेजी से विद्युत उत्पादन के क्षेत्र में आत्मनिर्भर हो रहा है। राज्य सरकार का प्रयास है कि आने वाले समय की आवश्यकता को ध्यान में रखकर विद्युत उत्पादन इकाईयों की शुरूआत हो। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि निरन्तर विद्युत खपत बढ़ने से विद्युत उत्पादन बढ़ाने और बिजली की बचत के अलावा कोई विकल्प नहीं है। केन्द्र सरकार द्वारा पर्यावरण संबंधी अनुमति समय पर प्राप्त होना चाहिए। आज पर्याप्त बिजली आपूर्ति के लिए एक एकात्मक एवं संतुलित नीति की आवश्यकता है जिसमें पर्यावरण की रक्षा भी सुनिश्चित हो जाए और विद्युत उत्पादन इकाईयों को सुचारू रूप से संचालित किया जा सके। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने खंडवा के पास आठ सौ मेगावाट की दो इकाईयों के पावर प्लांट की प्रथम इकाई साढ़े तीन वर्ष में प्रारंभ किये जाने के संकल्प के लिए केन्द्रीय और भारी उद्योग राज्य मंत्री श्री यादव को बधाई दी। श्री चौहान ने आशा व्यक्त की कि बीएचईएल द्वारा परियोजना के कार्यों को समय पर पूरा किया जायेगा। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि परियोजनाओं के लिए राज्य सरकार द्वारा भूमि आवंटन सहित अन्य सभी कार्य बिना विलम्ब के किए जायेंगे।
केन्द्रीय भारी उद्योग राज्य मंत्री श्री अरुण यादव ने कहा कि लगभग दो माह पूर्व खण्डवा में सुपर क्रिटिकल पैरामीटर पर थर्मल पावर प्लांट के लिए संयुक्त उद्यम बनाने पर करारनामा हुआ था। बहुत कम समय में यह कार्यवाही पूर्ण की गई। आने वाले चार वर्ष में खण्डवा क्षेत्र पावर हब के रूप में पहचान बना लेगा। मध्यप्रदेश में ऊर्जा उत्पादन की संभावनाओं को साकार करने के लिए वे पूरा सहयोग देंगे। श्री यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश की विद्युत उत्पादन इकाईयों की स्थापना के लिए केन्द्र में लंबित पर्यावरणीय अनुमतियों के लिए वे केन्द्रीय पर्यावरण मंत्री से चर्चा करेंगे।
ऊर्जा राज्य मंत्री श्री राजेन्द्र शुक्ल ने कहा कि प्रदेश की ऊर्जा परियोजनाओं के क्रियान्वयन में आ रहे अवरोध समाप्त हो रहे हैं और विद्युत उत्पादन बढ़ाने के प्रयासों को गति मिल रही है। कार्यक्रम में परिवहन मंत्री श्री जगदीश देवड़ा, मुख्यसचिव श्री राकेश साहनी, ऊर्जा सचिव श्री एस.पी.एस. परिहार उपस्थित थे। बीएचईएल अध्यक्ष एवं प्रबन्ध संचालक श्री बी. प्रसाद राव ने स्वागत भाषण दिया। बीएचईएल के निदेशक (वित्त) श्री सी.एस. वर्मा ने आभार माना।
मुख्यमंत्री श्री चौहान आज यहां होटल अशोक लेक व्यू में बीएचईएल एवं मध्यप्रदेश पावर जनरेशन कंपनी लिमिटेड के संयुक्त उद्यम के अनुबंध के अवसर पर संबोधित कर रहे थे। इस अवसर पर खण्डवा में कोयला आधारित पावर प्लांट लगाने के लिए मध्यप्रदेश पावर जनरेशन कंपनी लिमिटेड (एमपीपीजीसीएल) एवं भारत हेवी इलेक्ट्रिकल्स लिमिटेड के संयुक्त उद्यम के लिए संयुक्त अनुबंध पर हस्ताक्षर किये गये। इस संयुक्त उद्यम कंपनी - दादा धूनीवाले खंडवा पॉवर लिमिटेड में बीएचईएल एवं एमपीपीजीसीएल की बराबर की हिस्सेदारी होगी। बाद में कंपनी के विकास के लिये वित्तीय संस्थानों, बैंकों आदि को साझेदार बनाया जाएगा। इस परियोजना की कुल संभावित लागत 10 हजार करोड़ रूपये है।
मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि मध्यप्रदेश तेजी से विद्युत उत्पादन के क्षेत्र में आत्मनिर्भर हो रहा है। राज्य सरकार का प्रयास है कि आने वाले समय की आवश्यकता को ध्यान में रखकर विद्युत उत्पादन इकाईयों की शुरूआत हो। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि निरन्तर विद्युत खपत बढ़ने से विद्युत उत्पादन बढ़ाने और बिजली की बचत के अलावा कोई विकल्प नहीं है। केन्द्र सरकार द्वारा पर्यावरण संबंधी अनुमति समय पर प्राप्त होना चाहिए। आज पर्याप्त बिजली आपूर्ति के लिए एक एकात्मक एवं संतुलित नीति की आवश्यकता है जिसमें पर्यावरण की रक्षा भी सुनिश्चित हो जाए और विद्युत उत्पादन इकाईयों को सुचारू रूप से संचालित किया जा सके। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने खंडवा के पास आठ सौ मेगावाट की दो इकाईयों के पावर प्लांट की प्रथम इकाई साढ़े तीन वर्ष में प्रारंभ किये जाने के संकल्प के लिए केन्द्रीय और भारी उद्योग राज्य मंत्री श्री यादव को बधाई दी। श्री चौहान ने आशा व्यक्त की कि बीएचईएल द्वारा परियोजना के कार्यों को समय पर पूरा किया जायेगा। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि परियोजनाओं के लिए राज्य सरकार द्वारा भूमि आवंटन सहित अन्य सभी कार्य बिना विलम्ब के किए जायेंगे।
केन्द्रीय भारी उद्योग राज्य मंत्री श्री अरुण यादव ने कहा कि लगभग दो माह पूर्व खण्डवा में सुपर क्रिटिकल पैरामीटर पर थर्मल पावर प्लांट के लिए संयुक्त उद्यम बनाने पर करारनामा हुआ था। बहुत कम समय में यह कार्यवाही पूर्ण की गई। आने वाले चार वर्ष में खण्डवा क्षेत्र पावर हब के रूप में पहचान बना लेगा। मध्यप्रदेश में ऊर्जा उत्पादन की संभावनाओं को साकार करने के लिए वे पूरा सहयोग देंगे। श्री यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश की विद्युत उत्पादन इकाईयों की स्थापना के लिए केन्द्र में लंबित पर्यावरणीय अनुमतियों के लिए वे केन्द्रीय पर्यावरण मंत्री से चर्चा करेंगे।
ऊर्जा राज्य मंत्री श्री राजेन्द्र शुक्ल ने कहा कि प्रदेश की ऊर्जा परियोजनाओं के क्रियान्वयन में आ रहे अवरोध समाप्त हो रहे हैं और विद्युत उत्पादन बढ़ाने के प्रयासों को गति मिल रही है। कार्यक्रम में परिवहन मंत्री श्री जगदीश देवड़ा, मुख्यसचिव श्री राकेश साहनी, ऊर्जा सचिव श्री एस.पी.एस. परिहार उपस्थित थे। बीएचईएल अध्यक्ष एवं प्रबन्ध संचालक श्री बी. प्रसाद राव ने स्वागत भाषण दिया। बीएचईएल के निदेशक (वित्त) श्री सी.एस. वर्मा ने आभार माना।
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