पुलिसिंग के लिए भूतपूर्व सैनिकों की बटालियन बनाने पर विचार
गृह मंत्री श्री उमाशंकर गुप्ता ने आज मंत्रालय में वरिष्ठ अधिकारियों के साथ होमगार्ड संगठन तथा सैनिक कल्याण बोर्ड की गतिविधियों की समीक्षा की। बैठक में गृह राज्य मंत्री श्री नारायण सिंह कुशवाह और गृह सचिव श्री विश्वमोहन उपाध्याय भी उपस्थित थे।होमगार्ड की समीक्षा के दौरान गृह मंत्री ने निर्देश दिए कि होमगार्ड की विभिन्न जगहों पर तैनाती के लिए राज्य स्तर पर गाइड लाइन बनाने के संबंध में राज्य स्तरीय समिति का गठन किया जाय। इसके अध्यक्ष गृह मंत्री रहेंगे।
उन्होंने महानिदेशक होमगार्ड श्री एच.के.सरीन को निर्देश दिए कि वे जिलों में अपने जिला सैनानियों द्वारा इस बात की समीक्षा कराएं कि होमगार्डस की तैनाती कहां और किस तरह की है। इससे होमगार्डस को इधर-उधर लगाने की प्रवृत्ति पर अकुंश लगेगा। जिला सैनानी इस संबंध में निरीक्षण भी करें। जहां भी उनकी तैनाती हो वह अधिकृत रूप से स्पष्ट हो।गृह मंत्री ने होमगार्डस के रिक्त पदों तथा उन्हें भरने के लिए की जा रही कार्रवाई की समीक्षा की और निर्देश दिए कि इसमें गति लाई जाय। सैनिक कल्याण बोर्ड की गतिविधियों की समीक्षा करते हुए गृह मंत्री ने सैनिक कल्याण बोर्ड के निदेशक ब्रिगेडियर प्रमोद कुमार से कहा कि वे 45 साल से कम उम्र के भूतपूर्व सैनिकों की संविदा के आधार पर बटालियन बनाने का प्रस्ताव बनाएं। यह बटालियन पुलिसिंग का कार्य करेगी। ब्रिगेडियर प्रमोद कुमार ने बताया कि प्रदेश में लगभग 40 हजार भूतपूर्व सैनिक हैं।
गृह मंत्री ने कहा कि जिला सैनिक अधिकारी के पद के लिए विज्ञापन देकर प्रदेश से ही भूतपूर्व सैनिकों को चयनित करने की प्रक्रिया अपनाई जाय क्योंकि अभी केन्द्र से चयनित भूतपूर्व सैनिकों की सूची आती है और उन्हीं में से इस पद पर नियुक्ति करनी होती है। अक्सर चयनित होने के बाद भी भूतपूर्व सैनिक इस पर काम करने में रूचि नहीं लेते। वर्तमान में 8 जिलों में यह पद रिक्त हैं।
गृह मंत्री ने हर जिले में भूतपूर्व सैनिकों की रैली आयोजित करने तथा कलेक्टर आफिस में सैनिक कल्याण संबंधी बैठकें नियमित रूप से आयोजित कराने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि भूतपूर्व सैनिकों को रोजगार दिलाने के संबंध में वर्तमान में गठित समिति में राज्य के अधिकारियों को शामिल किया जाय। उन्होंने कहा कि इस संबंध में सैनिक बोर्ड द्वारा स्थापित निगम के गठन पर विचार किया जायगा।
बैठक में जिन लोगों के बच्चे फौज में जाते हैं उन्हें दी जाने वाली प्रोत्साहन राशि बढ़ाने पर भी चर्चा हुई। श्री गुप्ता ने कहा कि झंडा दिवस पर धनराशि संग्रह के कार्य में स्वयं सेवी संगठनों तथा प्रतिष्ठित लोगों को भी जोड़ा जाय साथ कि बिल्डर्स और उद्योग घरानों को भी डोनेट करने के लिए प्रेरित किया जाय। इस फंड में दी जाने वाली राशि कर मुक्त होती है।
बैठक में बताया कि प्रदेश में वर्ष 2009-10 में तीन कारगिल शहीदों के आश्रितों तथा चार विकलांग सैनिकों को 48 लाख रुपये का अनुदान कारगिल सहायता कोष से दिया गया। साथ ही भूतपूर्व सैनिकों के कल्याण के लिए विभिन्न गतिविधियां चलाई जा रही है जिनमें उनके बच्चों को छात्रवृत्ति, आर्थिक सहायता, गन लायसेंस जारी करने और लायसेंस छूट आदि शामिल है।
बैठक में बताया कि प्रदेश में वर्ष 2009-10 में तीन कारगिल शहीदों के आश्रितों तथा चार विकलांग सैनिकों को 48 लाख रुपये का अनुदान कारगिल सहायता कोष से दिया गया। साथ ही भूतपूर्व सैनिकों के कल्याण के लिए विभिन्न गतिविधियां चलाई जा रही है जिनमें उनके बच्चों को छात्रवृत्ति, आर्थिक सहायता, गन लायसेंस जारी करने और लायसेंस छूट आदि शामिल है।
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