विश्व बैंक रिव्यू मिशन की बैठक : दस राज्य शामिल
मध्यप्रदेश उत्कृष्ट राज्य
विश्व बैंक रिव्यू मिशन ने परियोजना की क्रियान्वयन के समीक्षा में मध्यप्रदेश को उत्कृष्ट राज्य माना है। विश्व बैंक पोषित केन्द्र सरकार की योजना के अंतर्गत मध्यप्रदेश की 28 औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थाओं को सेंटर ऑफ एक्सीलेंस के रूप में उन्नयन करने के लिए चुना गया है।
विश्व बैंक रिव्यू मिशन ने परियोजना की क्रियान्वयन के समीक्षा में मध्यप्रदेश को उत्कृष्ट राज्य माना है। विश्व बैंक पोषित केन्द्र सरकार की योजना के अंतर्गत मध्यप्रदेश की 28 औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थाओं को सेंटर ऑफ एक्सीलेंस के रूप में उन्नयन करने के लिए चुना गया है।
इसके लिए लगभग 73 करोड़ रूपये की राशि स्वीकृत की गई है। दो वर्ष से इस परियोजना पर काम चल रहा है। विश्व बैंक द्वारा समीक्षा में पाया है कि मध्यप्रदेश में परियोजना के क्रियान्वयन का कार्य उत्कृष्टता के साथ हो रहा है।
विश्व बैंक पोषित व्यावसायिक शिक्षा सुधार परियोजना के ज्वाइंट रिव्यू मिशन की महत्वपूर्ण बैठक आज भोपाल में शुरू हुई। यह बैठक दो दिन तक चलेंगी। बैठक का शुभारंभ मध्यप्रदेश के तकनीकी शिक्षा विभाग के प्रमुख सचिव श्री जयदीप गोविन्द ने किया। बैठक में भारत सरकार के रोजगार एवं प्रशिक्षण विभाग के महानिदेशक श्री शारदा प्रसाद, विश्व बैंक के टीम लीडर श्री नलिन जैना और मध्यप्रदेश, आंध्रप्रदेश, हरियाणा, छत्तीसगढ़, गुजरात, राजस्थान, बिहार, उत्तराखण्ड, लक्ष्यदीप तथा जम्मू एवं कश्मीर के प्रतिनिधि भाग ले रहे है।
इस अवसर पर प्रमुख सचिव श्री जयदीप गोविन्द ने कहा कि भारत सरकार के योजना आयोग ने 2022 तक देश में 50 करोड़ प्रशिक्षित मानव संसाधन की आवश्यकता का आंकलन किया है। इसे पूरा करना एक चुनौती पूर्ण कार्य है।
इस अवसर पर प्रमुख सचिव श्री जयदीप गोविन्द ने कहा कि भारत सरकार के योजना आयोग ने 2022 तक देश में 50 करोड़ प्रशिक्षित मानव संसाधन की आवश्यकता का आंकलन किया है। इसे पूरा करना एक चुनौती पूर्ण कार्य है।
विश्व बाजार में कौशल युक्त मानव संसाधन उपलब्ध कराने के लिए जरूरी है कि हम विश्वस्तरीय मानक के अनुरूप प्रशिक्षण व्यवस्था सुनिश्चित करें। यह प्रसन्नता की बात है कि विश्व बैंक ने इस महत्वपूर्ण मुद्दे पर सहयोग करते हुये व्यावसायिक शिक्षा के सुधार की यह परियोजना शुरू की है। उन्होंने बताया कि मध्यप्रदेश में 14 से 25 वर्ष के युवाओं को प्रशिक्षित करने के लिए मिशन स्थापित करने की प्रक्रिया चल रही है। विश्व बैंक की परियोजना में मध्यप्रदेश का परफारमेंस अच्छा रहा है।
भारत सरकार की रोजगार एवं प्रशिक्षण विभाग के महानिदेशक श्री शारदा प्रसाद ने अपने सम्बोधन में विश्व बैंक परियोजना के लक्ष्यों को पूरा करने के लिए विभिन्न राज्यों द्वारा विगत दो वर्षो में हासिल उपलब्धियों और कमियों के बारे में बताया। उन्होंने कहा कि परियोजना की सफलता इस पर निर्भर करती है कि वास्तव में कितने युवाओं को इसका सीधा लाभ मिला। प्लेसमेंट के आधार पर ही योजना की सफलता आंकी जायेंगी।
भारत सरकार की रोजगार एवं प्रशिक्षण विभाग के महानिदेशक श्री शारदा प्रसाद ने अपने सम्बोधन में विश्व बैंक परियोजना के लक्ष्यों को पूरा करने के लिए विभिन्न राज्यों द्वारा विगत दो वर्षो में हासिल उपलब्धियों और कमियों के बारे में बताया। उन्होंने कहा कि परियोजना की सफलता इस पर निर्भर करती है कि वास्तव में कितने युवाओं को इसका सीधा लाभ मिला। प्लेसमेंट के आधार पर ही योजना की सफलता आंकी जायेंगी।
विश्व बैंक टीम लीडर श्री नलिन जैना से कहा कि यह परियोजना इस मायने में महत्वपूर्ण है कि विभिन्न राज्य उनके यहां उद्योगों की आवश्यकता के अनुरूप प्रशिक्षण पाठ्यक्रम परिवर्तित कर सकते है। इस परियोजना में रिसर्च को विशेष महत्व दिया गया है। उन्होंने बताया कि दो वर्ष की गतिविधियों पर विश्व बैंक द्वारा रिपोर्ट तैयार की गई है इसके आधार पर सभी राज्य अपनी उपलब्धियों और कमियों का अवलोकन कर एक दूसरे से सीखते हुये परियोजना के अंतिम लक्ष्यों को हासिल कर सकते है।
6 और 7 जनवरी को आयोजित विभिन्न सत्रों में राज्यों में परियोजना के क्रियान्वयन की स्थिति की समीक्षा की जायेंगी। 17 दिसम्बर 2007 से प्रारंभ यह विश्व बैंक परियोजना 5 वर्ष में पूर्ण होगी। इसकी लागत 1521 करोड़ है। इसके अंतर्गत देश के 400 आई.टी.आई. में सुधार कर सेंटर ऑफ एक्सीलेंस के रूप में विकसित किया जायेंगा।
6 और 7 जनवरी को आयोजित विभिन्न सत्रों में राज्यों में परियोजना के क्रियान्वयन की स्थिति की समीक्षा की जायेंगी। 17 दिसम्बर 2007 से प्रारंभ यह विश्व बैंक परियोजना 5 वर्ष में पूर्ण होगी। इसकी लागत 1521 करोड़ है। इसके अंतर्गत देश के 400 आई.टी.आई. में सुधार कर सेंटर ऑफ एक्सीलेंस के रूप में विकसित किया जायेंगा।
0 comments:
Post a Comment