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Monday, January 4, 2010

फीडर विभक्तीकरण के लिये 4375 करोड़ रूपये की परियोजना मंजूर

मुख्यमंत्री श्री शिवराजसिंह चौहान ने ऊर्जा विभाग की समीक्षा के दौरान कहा कि खेती के लिये पर्याप्त और गांवों में 24 घंटे बिजली प्रदाय करना राज्य शासन की प्राथमिकता है। उन्होंने इसके लिये बिजली उत्पादन, पारेषण और वितरण क्षमता में वृद्धि के कामों को तेजी से पूरा करने के निर्देश दिये। 
श्री चौहान ने कहा कि इसके लिये ग्रामीण क्षेत्रों में आवासों तथा खेती के लिये फीडर विभक्तीकरण के काम को वर्ष 2013 तक हर हाल में पूर्णता दी जाना है। फीडर विभक्तीकरण से खेती के लिये बिजली आपूर्ति सुनिश्चित हो सकेगी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि विद्युत केन्द्रों और उपकेन्द्रों की स्थापना के लिये ऊर्जा विभाग को राज्य शासन द्वारा नि:शुल्क भूमि दी जायेगी। उन्होंने कहा कि बिजली संयंत्रों के रख-रखाव और सुधार के लिये विश्व बैंक से सहायता का प्रस्ताव शीघ्र तैयार किया जाये।
ऊर्जा सचिव श्री एस.पी.एस. परिहार ने जानकारी दी कि विश्व बैंक से 576 करोड़ की सहायता का प्रस्ताव तैयार किया जा रहा है। उन्होंने सारणी की 500 मेगावाट क्षमता की विस्तार इकाई और 1200 मेगावाट की सिंगाजी परियोजना का काम शुरू होने की जानकारी दी। बैठक में बताया गया कि पिछले वर्ष 100 करोड़ के व्यय से 473 फीडर का विभक्तीकरण के कार्य को पूरा किया गया है। 
फीडर विभक्तीकरण के शेष काम को पूरा करने के लिये ग्रामीण विद्युतीकरण निगम द्वारा 4375 करोड़ रूपये की सहायता की सैद्धांतिक स्वीकृति प्राप्त हो गई है। वर्तमान में फीडर सेपरेशन के जिलावार परियोजना प्रतिवेदन तैयार किये जा रहे हैं। 
बैठक में मुख्यमंत्री श्री चौहान ने विभाग से संबंधित मुख्यमंत्री की घोषणाएं अधिकारियों के मैदानी भ्रमण और मंथन की अनुशंसाओं पर की गई कार्रवाई की भी जानकारी ली। समीक्षा के दौरान मुख्य सचिव श्री राकेश साहनी, मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव श्री इकबाल सिंह बैंस, ऊर्जा सचिव श्री एस.पी.एस. परिहार, मुख्यमंत्री के सचिव श्री अनुराग जैन और अन्य संबंधित अधिकारी उपस्थित थे।

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