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Tuesday, December 29, 2009

काश्मीर को स्वायत्तता की मांग अनुचित

मुख्यमंत्री श्री चौहान का जम्मू में अभिनंदन
मुख्यमंत्री श्री शिवराजसिंह चौहान ने कहा है कि काश्मीर घाटी में विस्थापित काश्मीरी पंडितों के लिये पृथक राज्य के रूप में केंद्र शासित प्रदेश 'पनुन काश्मीर की मांग से वे सहमत हैं। काश्मीरी विस्थापितों को मध्यप्रदेश वासियों का नैतिक समर्थन मिलेगा। 
मुख्यमंत्री श्री चौहान रविवार को जम्मू में पनुन काश्मीर संस्था की ओर से पृथक होमलैंड की मांग के समर्थन में आयोजित वार्षिक संकल्प दिवस कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। इस कार्यक्रम में मुख्यमंत्री श्री चौहान का अभिनंदन किया गया। मध्यप्रदेश विधानसभा में 24 जुलाई 2009 को काश्मीर के विस्थापित पंडितों के पक्ष में सुविधायुक्त विस्थापन स्थल के लिये अशासकीय संकल्प पारित किया गया था।
मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि सेवानिवृत्त न्यायमूर्ति श्री सगीर के प्रतिवेदन में काश्मीर को स्वायत्तता देने की अनुशंसा अनुचित है। श्री श्यामाप्रसाद मुखर्जी स्वतंत्र भारत के पहले शहीद थे। काश्मीर भारत का अभिन्न अंग है और रहेगा। काश्मीर के विस्थापित पंडित अपने घर से बेघर हो गये हैं। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि पनुन काश्मीर के अभियान को उनका पूरा समर्थन है। 
आवश्यक हुआ तो इस मुद्दे पर वे रक्त की अंतिम बूंद देकर भी अखंड भारत के लिये संघर्ष करेंगे। पनुन काश्मीर द्वारा आयोजित कार्यक्रम में गृह मंत्री श्री उमाशंकर गुप्ता और सांसद श्री प्रभात झा भी शामिल हुए। कार्यक्रम में जानकारी दी गई कि लगभग सात लाख काश्मीरी हिन्दू समुदाय के हित में कार्य करते हुए पूरे देश से समर्थन जुटाया जा रहा है। 
पनुन काश्मीर निर्वासित समुदाय की वापसी चाहता है। पनुन काश्मीर के संयोजक डॉ.अग्नि शेखर ने कहा कि मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री श्री शिवराजसिंह चौहान द्वारा दिये गये समर्थन से विस्थापितों का मनोबल बड़ा है। वे देश के अन्य नेताओं से भी पनुन काश्मीर के निर्माण के लिये सहयोग की आशा करते हैं।

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