मुख्यमंत्री श्री चौहान की अध्यक्षता में निगम के संचालक मंडल की बैठक
राष्ट्रीय राजमार्ग विकास कार्यक्रम के चौथे चरण के अंतर्गत भारत सरकार द्वारा राज्य में आठ सड़क मार्गों के विकास का दायित्व मध्यप्रदेश सड़क विकास निगम को सौंपा गया है। यह जानकारी मुख्यमंत्री श्री शिवराजसिंह चौहान की अध्यक्षता में आज मंत्रालय में संपन्न निगम के संचालक मंडल की बैठक में दी गयी। बैठक में मुख्यमंत्री श्री चौहान ने निगम के सभी निर्माण कार्यों को समय-सीमा में पूरा करने पर जोर दिया।
भारत सरकार द्वारा स्वीकृत यह आठ सड़क मार्ग क्रमश: ग्वालियर से उत्तरप्रदेश सीमा, बमीठा से बेला जंक्शन, सीधी से सिंगरौली, मनगवां से उत्तरप्रदेश सीमा, रीवा बायपास से कटनी बायपास, बेला (रीवा) से मध्यप्रदेश-उत्तरप्रदेश सीमा, भोपाल-ब्यावरा और बेला-रीवा-सीधी सड़क है। इन सड़क मार्गों की कुल लम्बाई 838 किलोमीटर है।
बैठक में बी.ओ.टी. आधार पर निगम द्वारा तीन सड़क मार्गों क्रमश: सतना, चित्रकूट, उज्जैन-उन्हेल-नागदा-जावरा और लेबड़-मानपुर मार्गों का कुल 422 किलोमीटर की लम्बाई में विकास के लिये भारत सरकार द्वारा वायबिलिटी गेप फंडिग की मंजूरी देने की जानकारी भी दी गई। कुल 537 करोड़ 45 लाख की लागत के इन मार्गों के लिये भारत सरकार द्वारा 20 प्रतिशत की राशि इस मंजूरी के अंतर्गत प्रदाय की जायेगी।
इसी तरह निगम द्वारा बी.ओ.टी., ए.डी.बी. और नियमित अनुबंध के आधार पर क्रियान्वित करवाये जा रहे सड़क मार्गों की अद्यतन प्रगति की समीक्षा की गई। इसके अलावा सात नये सड़क मार्गों क्रमश: भिण्ड-मुरैना-गोपालपुर, बीना-खिमलासा-मालथौन, सागर-दमोह, उज्जैन-उन्हेल-नागदा-घिलौदा, सतना-चित्रकूट और लेबड़-मानपुर को बी.ओ.टी. आधार पर विकसित करने को संचालक मंडल ने स्वीकृति दी।
भारत सरकार द्वारा स्वीकृत यह आठ सड़क मार्ग क्रमश: ग्वालियर से उत्तरप्रदेश सीमा, बमीठा से बेला जंक्शन, सीधी से सिंगरौली, मनगवां से उत्तरप्रदेश सीमा, रीवा बायपास से कटनी बायपास, बेला (रीवा) से मध्यप्रदेश-उत्तरप्रदेश सीमा, भोपाल-ब्यावरा और बेला-रीवा-सीधी सड़क है। इन सड़क मार्गों की कुल लम्बाई 838 किलोमीटर है।
बैठक में बी.ओ.टी. आधार पर निगम द्वारा तीन सड़क मार्गों क्रमश: सतना, चित्रकूट, उज्जैन-उन्हेल-नागदा-जावरा और लेबड़-मानपुर मार्गों का कुल 422 किलोमीटर की लम्बाई में विकास के लिये भारत सरकार द्वारा वायबिलिटी गेप फंडिग की मंजूरी देने की जानकारी भी दी गई। कुल 537 करोड़ 45 लाख की लागत के इन मार्गों के लिये भारत सरकार द्वारा 20 प्रतिशत की राशि इस मंजूरी के अंतर्गत प्रदाय की जायेगी।
इसी तरह निगम द्वारा बी.ओ.टी., ए.डी.बी. और नियमित अनुबंध के आधार पर क्रियान्वित करवाये जा रहे सड़क मार्गों की अद्यतन प्रगति की समीक्षा की गई। इसके अलावा सात नये सड़क मार्गों क्रमश: भिण्ड-मुरैना-गोपालपुर, बीना-खिमलासा-मालथौन, सागर-दमोह, उज्जैन-उन्हेल-नागदा-घिलौदा, सतना-चित्रकूट और लेबड़-मानपुर को बी.ओ.टी. आधार पर विकसित करने को संचालक मंडल ने स्वीकृति दी।
ए.डी.बी. के अंतर्गत गुना-पारोन और ब्यावरा-मकसूदनगढ़-सिंरोज मार्ग का कार्य 93 प्रतिशत पूरा होना बताया गया। इसके अलावा भोपाल बायपास मार्ग के विकास के संबंध में निगम के प्रबंध संचालक को अधिकृत किया गया।
बैठक में निगम के अमले को निगम में संविलियन के दिनांक से छठवाँ वेतनमान देने की स्वीकृति दी गई। निगम में 8000-13,500 और उससे ऊपर के वेतनमान के सभी पद राज्य लोक सेवा आयोग के माध्यम से भरे जाने की स्वीकृति देने के साथ ही शेष पदों को व्यावसायिक परीक्षा मंडल के जरिये भरे जाने के प्रस्ताव को भी स्वीकृति दी गई।
बैठक में निगम के अमले को निगम में संविलियन के दिनांक से छठवाँ वेतनमान देने की स्वीकृति दी गई। निगम में 8000-13,500 और उससे ऊपर के वेतनमान के सभी पद राज्य लोक सेवा आयोग के माध्यम से भरे जाने की स्वीकृति देने के साथ ही शेष पदों को व्यावसायिक परीक्षा मंडल के जरिये भरे जाने के प्रस्ताव को भी स्वीकृति दी गई।
संचलक मंडल ने निगम के निर्माण कार्यों के लिये नये निविदा प्रपत्र का भी अनुमोदन किया। बैठक में अपर मुख्य सचिव (वन) श्री प्रशांत मेहता, प्रमुख सचिव लोक निर्माण श्री पी.डी. मीणा, निगम के प्रबंध संचालक श्री मोहम्मद सुलेमान, सचिव खनिज संसाधन श्री एस.के. मिश्रा और मुख्यमंत्री के सचिव श्री अनुराग जैन उपस्थित थे।
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