मध्यप्रदेश में इस वर्ष बेहतर वित्तीय प्रबंधन के कारण राज्य विद्युत मण्डल की वित्तीय स्थिति में काफी सुधार आया है। बिजली चोरी की रोकथाम तथा राजस्व वसूली में प्रशासनिक अधिकारियों के समन्वय तथा सहयोग से अच्छे परिणाम आ रहे हैं।
गत वर्ष के माह नवम्बर के मुकाबले इस वर्ष माह नवम्बर में अधिक राजस्व प्राप्त हुआ है। गत वर्ष नवम्बर में 692 करोड़ रुपये का राजस्व एकत्रित हुआ था, वहीं इस वर्ष 30 नवम्बर की स्थिति में 739 करोड़ रुपये की राजस्व प्राप्ति हुई है। इसमें मध्यप्रदेश पश्चिम क्षेत्र विद्युत वितरण कम्पनी का विशेष योगदान रहा है। माह नवम्बर में 45 करोड़ रुपये की बिजली चोरी भी पकड़ी गई है। रबी मौसम में अन्य राज्यों से अतिरिक्त विद्युत क्रय न करने से करीब 500 करोड़ रुपये की बचत भी आंकी गई है।
गत वर्ष माह नवम्बर के मुकाबले इस वर्ष नवम्बर माह में ज्यादा राजस्व एकत्रित।
विद्युत मण्डल को 739 करोड़ रुपये की राजस्व प्राप्ति।
45 करोड़ रुपये की बिजली चोरी पकड़ी गई।
गत पांच वर्षों में पहली बार इस वर्ष अतिरिक्त विद्युत का क्रय नहीं।
विद्युत क्रय न करने से 500 करोड़ रुपये की बचत।
विद्युत मण्डल द्वारा विद्युत प्रणाली से कम विद्युत आहरित करने पर 170 करोड़ रुपये मिले।
ग्रिड अनुशासन का पालन भी।
प्रदेश में इस वर्ष विद्युत नेटवर्क के व्यवस्थित संचालन को देखते हुए रबी मौसम में अधिक विद्युत क्रय अन्य राज्यों से नहीं किया जा रहा है। यह विगत पांच वर्षों में पहली बार हो रहा है कि अतिरिक्त विद्युत क्रय किये बिना बेहतर नेटवर्क के चलते विद्युत प्रदाय किया जा रहा है।
गत वर्ष माह नवम्बर के मुकाबले इस वर्ष नवम्बर माह में ज्यादा राजस्व एकत्रित।
विद्युत मण्डल को 739 करोड़ रुपये की राजस्व प्राप्ति।
45 करोड़ रुपये की बिजली चोरी पकड़ी गई।
गत पांच वर्षों में पहली बार इस वर्ष अतिरिक्त विद्युत का क्रय नहीं।
विद्युत क्रय न करने से 500 करोड़ रुपये की बचत।
विद्युत मण्डल द्वारा विद्युत प्रणाली से कम विद्युत आहरित करने पर 170 करोड़ रुपये मिले।
ग्रिड अनुशासन का पालन भी।
प्रदेश में इस वर्ष विद्युत नेटवर्क के व्यवस्थित संचालन को देखते हुए रबी मौसम में अधिक विद्युत क्रय अन्य राज्यों से नहीं किया जा रहा है। यह विगत पांच वर्षों में पहली बार हो रहा है कि अतिरिक्त विद्युत क्रय किये बिना बेहतर नेटवर्क के चलते विद्युत प्रदाय किया जा रहा है।
उल्लेखनीय है कि राज्य शासन को प्रतिवर्ष लगभग 500-600 करोड़ रुपये की अतिरिक्त विद्युत क्रय करना पड़ती थी। राज्य शासन द्वारा बिना अतिरिक्त विद्युत क्रय किये तथा ग्रिड से अधिक आहरण न करते हुए उपभोक्ताओं को बेहतर विद्युत प्रदाय किया जा रहा है। इस वर्ष अतिरिक्त विद्युत क्रय न करने से शासन को लगभग 500 करोड़ रुपये की बचत होगी।
ज्ञातव्य हो कि गत वर्ष विद्युत की प्रणाली से विद्युत का आहरण अधिक किया गया था, उस पर केन्द्रीय विद्युत नियामक आयोग द्वारा ऐसा न करने के लिये राज्य विद्युत मण्डल को चेतावनी मिली थी। इस वर्ष इस बात का विशेष ध्यान रखा जा रहा है कि अधिक बिजली का आहरण न हो।
ज्ञातव्य हो कि गत वर्ष विद्युत की प्रणाली से विद्युत का आहरण अधिक किया गया था, उस पर केन्द्रीय विद्युत नियामक आयोग द्वारा ऐसा न करने के लिये राज्य विद्युत मण्डल को चेतावनी मिली थी। इस वर्ष इस बात का विशेष ध्यान रखा जा रहा है कि अधिक बिजली का आहरण न हो।
वर्तमान वित्तीय वर्ष में विद्युत मण्डल द्वारा विद्युत प्रणाली से कम विद्युत आहरित की है, जिसके कारण यू.आई. चार्जेस 170 करोड़ रुपये विद्युत मण्डल को प्राप्त हुए हैं। वर्तमान में रबी मौसम में विद्युत की मांग में कमी आई है। इसलिये अब विद्युत का आहरण और कम किया जायेगा जिससे विद्युत मण्डल को पश्चिम ग्रिड से और यू.आई. चार्जेस प्राप्त होंगे। साथ ही ऊर्जा विभाग द्वारा ग्रिड अनुशासन का पालन भी किया जा रहा है।
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