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Sunday, November 29, 2009

साँची और मिहिनतले (श्रीलंका)को सिस्टर सिटी बनाने पर सहमति

साँची में बुद्धिस्ट यूनिवर्सिटी की स्थापना में राज्य सहयोग करेगा
मुख्यमंत्री श्री शिवराजसिंह चौहान ने कहा है कि भगवान बुद्ध की शिक्षाओं में आज के विश्व का कल्याण निहित है। उन्होंने कहा कि करूणा, प्रेम, शांति और सह-अस्तित्व जैसे भगवान बुद्ध के आदर्शों से वे बाल्यावस्था से ही प्रभावित है।
मुख्यमंत्री श्री चौहान आज सुबह निवास पर श्रीलंका महाबौधि सोयायटी के प्रतिनिधि मंडल से चर्चा कर रहे थे। प्रतिनिधि मंडल में सोसायटी के अध्यक्ष श्री वेन बेनगला थेरो उपतिस्सा, श्री वसंत डी-सिल्वा, श्रीमती एवं श्री वीरामन और रेव. पोरभोटा वाप्पा, किंग सुप्रीम ला गिवर ताइवान के डॉ. लिन और सुश्री वेंग जू, म्यांनमार के श्री ग्वेन विज्जा, आस्ट्रेलिया के श्री वेन हियन और महाबोधि सोसायटी साँची के श्री डी.पी. सिंह शामिल थे। 
प्रतिनिधि मंडल ने साँची में बुनियादी नागरिक और पर्यटक सुविधाओं के विकास के राज्य सरकार के प्रयासों की सराहना करते हुए मुख्यमंत्री श्री चौहान को साधुवाद दिया। प्रतिनिधि मंडल ने मुख्यमंत्री श्री चौहान को वर्ष 2010 में श्रीलंका आने का निमंत्रण भी दिया।
मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि सांची (रायसेन) में बुद्धिस्ट यूनिवर्सिटी की स्थापना में राज्य सरकार पूरा सहयोग करेगी। उन्होंने कहा कि यूनिवर्सिटी के लिये राज्य शासन ने रायसेन और विदिशा जिले में भूमि का चयन कर लिया है। सोसायटी के प्रतिनिधियों के निरीक्षण के बाद यूनिवर्सिटी की स्थापना के लिये उपयुक्त पायी जाने वाली भूमि आवंटित कर दी जायेगी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि साँची में प्रतिवर्ष आयोजित होने वाले बौद्ध मेले को अंर्तराष्ट्रीय स्वरूप देने में भी राज्य सरकार पूरा सहयोग करेगी। श्री चौहान ने वर्ष 2010 में नवंबर माह के अंतिम रविवार को आयोजित होने वाले एक दिवसीय मेले को अंर्तराष्ट्रीय स्वरूप देने के लिये तीन दिवसीय करने का भी सुझाव दिया। उन्होंने मेले में श्रीलंका सहित ताइवान, सिंगापुर, जापान, म्यांनमार और कोरिया आदि सभी बौद्ध देशों के प्रतिनिधित्व पर भी जोर दिया।
मुख्यमंत्री श्री चौहान ने साँची (रायसेन) और श्रीलंका के मिहिनतले नगर को सिस्टर सिटी बनाने के प्रस्ताव पर भी सहमति दी। प्रतिनिधि मंडल के अनुसार सम्राट अशोक के पुत्र महेन्द्र ने तत्कालीन समय में साँची से ही बौद्ध धर्म के प्रचार-प्रसार के लिये श्रीलंका प्रस्थान किया था। महेन्द्र श्रीलंका पहुंचने पर सबसे पहले मिहिनतले नगर में ही रूके थे।
मुख्यमंत्री ने साँची को धार्मिक और पर्यटक नगरी के रूप में विश्व परिदृश्य पर लाने के प्रतिनिधि मंडल के सुझाव पर भी सहमति दी। श्री चौहान ने कहा कि राज्य सरकार इस संबंध में सभी तरह के सहयोग के लिये तैयार है। श्री चौहान ने कहा कि इस संबंध में प्रदेश के प्रमुख सचिव पर्यटन और राज्य पर्यटन विकास निगम के प्रबंध संचालक स्वयं 29 नवंबर को साँची पहुंचकर श्रीलंका महाबोधि सोसायटी के प्रतिनिधियों से विचार-विमर्श करेंगे।
प्रारंभ में प्रतिनिधि मंडल ने मुख्यमंत्री श्री चौहान को प्रसाद भेंट किया। श्री चौहान ने प्रतिनिधि मंडल का पुष्प गुच्छ भेंटकर स्वागत किया। श्रीलंका महाबोधि सोसायटी के अध्यक्ष ने श्री चौहान को आशीर्वाद स्वरूप रक्षा सूत्र बांधा। ताइवान के प्रतिनिधियों ने भारत की सुख-समृद्धि और श्री चौहान की दीर्घायु के लिये प्रार्थना भी की।

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