इससे उपज प्राप्त होने से मूल्य संवर्धन हो सकेगा
मध्यप्रदेश के वनों में सामान्य पौधों के बीच अन्य छायादार औषधीय पौधे तथा खड़े वृक्षों पर लताएं (क्लाइंबर्स) के पौधे लगाने के निर्देश वन मंत्री श्री सरताज सिंह ने दिये है। वन मंत्री श्री सिंह कल अपर मुख्य सचिव वन श्री प्रशांत मेहता, प्रधान मुख्य वन संरक्षक श्री ए.के. दुबे और विशेष कर्तव्यस्थ अधिकारी श्री पुष्कर सिंह के साथ विभागीय कार्यों की समीक्षा कर रहे थे।श्री सिंह ने कहा कि मध्यप्रदेश के वनों में औषधीय पौधों के रोपण की अपार संभावनाएं है। उन्होंने कहा कि विभाग द्वारा तैयार किये गये वृक्षारोपण स्थलों पर सामान्य पौधों के बीच स्थानीय तौर पर उपलब्ध प्रजातियों के औषधीय एवं लताओं के पौधे भी लगाये जायें। इससे वनों में सामान्य पौधों के अलावा अन्य उपज प्राप्त होने से मूल्य संवर्धन हो सकेगा।
अपर मुख्य सचिव वन श्री प्रशांत मेहता ने बताया कि इस कार्य के लिये राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना अथवा मध्यप्रदेश राज्य लघु वनोपज संघ से प्राप्त राशि का उपयोग किया जा सकता है। उन्होंने बताया कि पुराने वृक्षारोपण स्थलों के मूल्य संवर्धन के लिये 31 दिसम्बर तक प्रोजेक्ट तैयार कर सक्षम अधिकारी को स्वीकृति हेतु प्रस्तुत करने के निर्देश मैदानी अधिकारियों को दिये जा रहे हैं।
प्रधान मुख्य वन संरक्षक श्री ए.के. दुबे ने कहा कि इस योजना के क्रियान्वयन के लिये रोपण/बीजरोपण का कार्य आगामी बरसात के मौसम में किया जायेगा। यह कार्य वन समितियों के माध्यम से कराया जायेगा। इसके पूर्व राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारन्टी योजना/म.प्र. राज्य लघु वनोपज संघ को बीज संग्रहण तथा बीज रोपण की योजना तैयार कर सम्बन्धित सक्षम अधिकारी से स्वीकृति प्राप्त करने की कार्रवाई की जायेगी।
अपर मुख्य सचिव वन श्री प्रशांत मेहता ने बताया कि इस कार्य के लिये राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना अथवा मध्यप्रदेश राज्य लघु वनोपज संघ से प्राप्त राशि का उपयोग किया जा सकता है। उन्होंने बताया कि पुराने वृक्षारोपण स्थलों के मूल्य संवर्धन के लिये 31 दिसम्बर तक प्रोजेक्ट तैयार कर सक्षम अधिकारी को स्वीकृति हेतु प्रस्तुत करने के निर्देश मैदानी अधिकारियों को दिये जा रहे हैं।
प्रधान मुख्य वन संरक्षक श्री ए.के. दुबे ने कहा कि इस योजना के क्रियान्वयन के लिये रोपण/बीजरोपण का कार्य आगामी बरसात के मौसम में किया जायेगा। यह कार्य वन समितियों के माध्यम से कराया जायेगा। इसके पूर्व राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारन्टी योजना/म.प्र. राज्य लघु वनोपज संघ को बीज संग्रहण तथा बीज रोपण की योजना तैयार कर सम्बन्धित सक्षम अधिकारी से स्वीकृति प्राप्त करने की कार्रवाई की जायेगी।
0 comments:
Post a Comment