अदालत ने सुनाई 2-2 साल की सजा
आमदनी से ज्यादा दौलत इकट्ठा करना सतना जिला अस्तपाल के एक तत्कालीन डॉक्टर दंपत्ति और एक अन्य डॉक्टर को भारी पड़ा। पहले ये तीनों लोकायुक्त के शिकंजे में फंसे और अब अदालत ने इनमें से दो डॉक्टरों को इस मामले का दोषी पाकर दो-दो साल की सजा सुना दी है।
भ्रष्टाचार करने वाले ये चिकित्सक थे डॉ. सरोज कुमार जैन, डॉ श्रीमती सुधा जैन और डॉ. राजेश जैन।इनमें से डॉक्टर सरोज जैन का देहांत हो चुका है। वर्ष 1996 में लोकायुक्त ने शिकायत पर इस डॉक्टर दंपत्ति और एक अन्य डॉक्टर के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण का मामला पंजीबद्ध किया था। इसके तत्काल बाद बाकायदा छापा मार कर इस सिलसिले में पड़ताल की गई।
इसमें आरोपी डॉक्टर दंपत्ति के पास भारी दौलत की जानकारी मिली। उस वक्त डॉ. सरोज कुमार जैन सतना जिला चिकित्सालय में अधीक्षक और उनकी पत्नी डॉ. श्रीमती सुधा जैन सहायक शल्य चिकित्सक पदस्थ थे। इन्होंने भ्रष्टाचार कर ज्ञात आय की तुलना में बहुत अधिक संपत्ति इकट्ठा की थी।
लोकायुक्त की पड़ताल में डॉक्टर दंपत्ति के पास सतना शहर में ओव्हर ब्रिज के सामने तीन मंजिला नर्सिंग होम, प्रभात बिहार कॉलोनी सतना में दो एमआईजी भवन, एक कार और उनके निवास में विलासिता का सामान, सोने-चाँदी के जेवरात, नगदी, शेयर्स और बैंक बैलेंस पाया गया था। बात यहीं तक नहीं थी, पड़ताल में एलआईसी पॉलिसी, आठ भूखण्ड, वाहन, एनएससी, यूटीआई और एसबीआई म्यूचअल फण्ड आदि पर लाखों रुपए खर्च करना पाया गया। कुल संपत्ति उस वक्त ही करोड़ रुपए से अधिक थी।
लोकायुक्त पुलिस ने मामले की पूरी छानबीन कर इसका सतना की विशेष अदालत में बाकायदा चालान पेश किया था। लेकिन अदालत में ट्रायल के दौरान ही आरोपी डॉ. सरोज कुमार जैन का देहांत हो गया था।
सतना की विशेष अदालत ने दो दिन पहले 23 नवंबर को दिए अपने फैसले में डॉ. सरोज कुमार जैन की पत्नी डॉ. श्रीमती सुधा जैन और एक अन्य चिकित्सक डॉ. राजेश कुमार जैन को दोषी पाकर उन्हें भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की धारा 13(1) ई सहपठित धारा 13(2) के तहत 2-2 साल के सश्रम कारावास और 25 हजार रुपए के जुर्माने की सजा सुनाई है। इसी तरह इन दोनों डॉक्टरों को पृथक से भारतीय दंड विधान की धारा 420 और 120 के तहत भी 2-2 साल के सश्रम कारवास और 25-25 हजार रुपए के जुर्माने की सजा सुनाई है।
लोकायुक्त की पड़ताल में डॉक्टर दंपत्ति के पास सतना शहर में ओव्हर ब्रिज के सामने तीन मंजिला नर्सिंग होम, प्रभात बिहार कॉलोनी सतना में दो एमआईजी भवन, एक कार और उनके निवास में विलासिता का सामान, सोने-चाँदी के जेवरात, नगदी, शेयर्स और बैंक बैलेंस पाया गया था। बात यहीं तक नहीं थी, पड़ताल में एलआईसी पॉलिसी, आठ भूखण्ड, वाहन, एनएससी, यूटीआई और एसबीआई म्यूचअल फण्ड आदि पर लाखों रुपए खर्च करना पाया गया। कुल संपत्ति उस वक्त ही करोड़ रुपए से अधिक थी।
लोकायुक्त पुलिस ने मामले की पूरी छानबीन कर इसका सतना की विशेष अदालत में बाकायदा चालान पेश किया था। लेकिन अदालत में ट्रायल के दौरान ही आरोपी डॉ. सरोज कुमार जैन का देहांत हो गया था।
सतना की विशेष अदालत ने दो दिन पहले 23 नवंबर को दिए अपने फैसले में डॉ. सरोज कुमार जैन की पत्नी डॉ. श्रीमती सुधा जैन और एक अन्य चिकित्सक डॉ. राजेश कुमार जैन को दोषी पाकर उन्हें भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की धारा 13(1) ई सहपठित धारा 13(2) के तहत 2-2 साल के सश्रम कारावास और 25 हजार रुपए के जुर्माने की सजा सुनाई है। इसी तरह इन दोनों डॉक्टरों को पृथक से भारतीय दंड विधान की धारा 420 और 120 के तहत भी 2-2 साल के सश्रम कारवास और 25-25 हजार रुपए के जुर्माने की सजा सुनाई है।
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