शुभारम्भ परंपरागत रूप से हरिकथा एवं मीलाद तथा चादर चढ़ाने से
उस्ताद अलाउद्दीन खां संगीत एवं कला अकादमी, मध्यप्रदेश संस्कृति परिषद, मध्यप्रदेश शासन संस्कृति विभाग द्वारा कालजयी संगीतज्ञ संगीत सम्राट तानसेन की स्मृति में हज़ीरा ग्वालियर तथा बेहट ग्राम में 4 से 7 दिसम्बर 2009 को 85 वाँ वार्षिक तानसेन संगीत समारोह का आयोजन किया जा रहा है। इसका शुभारम्भ परंपरागत रूप से हरिकथा एवं मीलाद तथा चादर चढ़ाने से किया जायेगा। तथा सायंकाल 6.30 से संगीत सभाओं की शुरूआत होगी।4 दिसम्बर को प्रथम सायंकालीन संगीत सभा – की शुरूआत शासकीय माधव संगीत महाविद्यालय के छात्रों के ध्रुपद गायन से होगी। उसके पश्चात पुणे से आमंत्रित पंडित श्रीनिवास जोशी ख्याल गायन प्रस्तुत करेंगे। श्री जोशी के पश्चात डागर घराने के उदीयमान संगीतज्ञ मुम्बई के उत्साद बहावउद्दीन डागर का वीणा वादन होगा। चौथे क्रम पर नई दिल्ली से आमंत्रित युवा कलाकार पंडित उदय नारायण मलिक ध्रुपद गायन प्रस्तुत करेंगे। इसी दिन सभा के अन्त में मुम्बई से आमंत्रित वरिष्ठ संगीतकार पंडित अजय पोहनकर का ख्याल गायन होगा।
5 दिसम्बर को द्वितीय प्रात:कालीन संगीत सभा – तानसेन संगीत महाविद्यालय ग्वालियर के छात्रों के ध्रुपद गायन से सुबह नौ बजे प्रारंभ होगी। इसके पश्चात रत्नागिरी से आमंत्रित युवा प्रतिभाशाली कलाकार श्रीमती मुग्धा भट सामन्त शास्त्रीय गायन प्रस्तुत करेंगी। सभा की तीसरी प्रस्तुति दिल्ली से आमंत्रित श्री राजेन्द्र प्रसन्ना की होगी, जो शहनाई वादन प्रस्तुत करेंगे। इस प्रात:कालीन सभा का समापन नई दिल्ली के श्री सुरिन्दर सिंह के गायन से होगा।
5 दिसम्बर को तृतीय सायंकालीन संगीत सभा – की शुरूआत सायं 6.30 बजे से होगी। सभा के प्रारम्भ में महारूद्र संगीत महाविद्यालय, ग्वालियर के छात्र ध्रुपद गायन प्रस्तुत करेंगे। इसके पश्चात मुम्बई से आमंत्रित पंडित नित्यानन्द हल्दीपुर का बाँसुरी वादन होगा तथा उज्जैन के श्री सुधाकर देवले गायन प्रस्तुत करेंगे। सभा की तीसरी प्रस्तुति पंडित विजय घाटे के सोलो तबला वादन की होगी। इस सभा का समापन पंडित राजशेखर मन्सूर, धारवाड़ के ख्याल गायन से होगा।
6 दिसम्बर को चतुर्थ प्रात:कालीन संगीत सभा - सुबह नौ बजे से आरम्भ होगी। सभा में सर्वप्रथम शंकर गांधर्व महाविद्यालय के छात्र ध्रुपद गायन प्रस्तुत करेंगे। सभा की दूसरी प्रस्तुति ग्वालियर के पंडित चितरन्जन ज्योतिषि की होगी जो ख्याल गायन प्रस्तुत करेंगे। सभा की तीसरी प्रस्तुति मैहर वाद्य वृन्द के वृन्द वादन की होगी तथा सभा का समापन दिल्ली के श्री लक्ष्मण कृष्णराव पंडित के ख्याल गायन से होगा।
6 दिसम्बर को पांचवी सायंकालीन संगीत सभा - हज़ीरा ग्वालियर में अंतिम सांयकालीन सभा की शुरूआत सायं 6.30 भारतीय संगीत महाविद्यालय के छात्रों के ध्रुपद गायन से होगी। दूसरे क्रम में बैंगलोर से आमंत्रित डॉ. श्यामला जी. भावे की ख्याल गायन की प्रस्तुति होगी। सभा की तीसरी प्रस्तुति मुंबई के पंडित गिरिराज की होगी जो सितार वादन प्रस्तुत करेंगे। इस सायंकालीन सभा का समापन उत्साद गुलाम मुस्तफ़ा ख़ाँ के गायन से होगा।
7 दिसम्बर को छठवीं प्रात:कालीन संगीत सभा ग्राम बेहट में - सुबह नौ बजे से शुरू होगी। सभा में सर्वप्रथम साधना संगीत कला केन्द्र, ग्वालियर के छात्र ध्रुपद गायन प्रस्तुत करेंगे। तत्पश्चात इन्दौर से आमंत्रित श्रीमती शोभा चौधरी का ख्याल गायन होगा। इसके पश्चात ग्वालियर के स्थानीय कलाकार गायन-वादन प्रस्तुत करेंगे। इसी संगीत सभा के साथ 85 वें तानसेन समारोह का समापन होगा।
तानसेन समारोह 2009 - सहयोगी व संगत कलाकारों में हारमोनियम पर सर्वश्री मोहन मुंगरे, जमीर हुसैन खाँ, महेश पाण्डे, मेहमूद धौलपुरी, विवेक बन्सोड़ व संतोष अग्निहोत्री रहेंगे। तबले पर पंडित किरण देशपांडे एवं पंडित रामस्वरूप रतौनिया के अलावा सर्वश्री हितेन्द्र दीक्षित, हिमांशु महन्त, विवेक देशमुख, भोगीराम रतौनिया, नफीस अहमद खाँ, अनन्त मसूरकर एवं मनीष करवड़े रहेंगें। पखावज पर श्री संजय पन्त आगले संगत देंगे तथा सारंगी पर संगति फारूक लतीफ खाँ करेंगे।
5 दिसम्बर को द्वितीय प्रात:कालीन संगीत सभा – तानसेन संगीत महाविद्यालय ग्वालियर के छात्रों के ध्रुपद गायन से सुबह नौ बजे प्रारंभ होगी। इसके पश्चात रत्नागिरी से आमंत्रित युवा प्रतिभाशाली कलाकार श्रीमती मुग्धा भट सामन्त शास्त्रीय गायन प्रस्तुत करेंगी। सभा की तीसरी प्रस्तुति दिल्ली से आमंत्रित श्री राजेन्द्र प्रसन्ना की होगी, जो शहनाई वादन प्रस्तुत करेंगे। इस प्रात:कालीन सभा का समापन नई दिल्ली के श्री सुरिन्दर सिंह के गायन से होगा।
5 दिसम्बर को तृतीय सायंकालीन संगीत सभा – की शुरूआत सायं 6.30 बजे से होगी। सभा के प्रारम्भ में महारूद्र संगीत महाविद्यालय, ग्वालियर के छात्र ध्रुपद गायन प्रस्तुत करेंगे। इसके पश्चात मुम्बई से आमंत्रित पंडित नित्यानन्द हल्दीपुर का बाँसुरी वादन होगा तथा उज्जैन के श्री सुधाकर देवले गायन प्रस्तुत करेंगे। सभा की तीसरी प्रस्तुति पंडित विजय घाटे के सोलो तबला वादन की होगी। इस सभा का समापन पंडित राजशेखर मन्सूर, धारवाड़ के ख्याल गायन से होगा।
6 दिसम्बर को चतुर्थ प्रात:कालीन संगीत सभा - सुबह नौ बजे से आरम्भ होगी। सभा में सर्वप्रथम शंकर गांधर्व महाविद्यालय के छात्र ध्रुपद गायन प्रस्तुत करेंगे। सभा की दूसरी प्रस्तुति ग्वालियर के पंडित चितरन्जन ज्योतिषि की होगी जो ख्याल गायन प्रस्तुत करेंगे। सभा की तीसरी प्रस्तुति मैहर वाद्य वृन्द के वृन्द वादन की होगी तथा सभा का समापन दिल्ली के श्री लक्ष्मण कृष्णराव पंडित के ख्याल गायन से होगा।
6 दिसम्बर को पांचवी सायंकालीन संगीत सभा - हज़ीरा ग्वालियर में अंतिम सांयकालीन सभा की शुरूआत सायं 6.30 भारतीय संगीत महाविद्यालय के छात्रों के ध्रुपद गायन से होगी। दूसरे क्रम में बैंगलोर से आमंत्रित डॉ. श्यामला जी. भावे की ख्याल गायन की प्रस्तुति होगी। सभा की तीसरी प्रस्तुति मुंबई के पंडित गिरिराज की होगी जो सितार वादन प्रस्तुत करेंगे। इस सायंकालीन सभा का समापन उत्साद गुलाम मुस्तफ़ा ख़ाँ के गायन से होगा।
7 दिसम्बर को छठवीं प्रात:कालीन संगीत सभा ग्राम बेहट में - सुबह नौ बजे से शुरू होगी। सभा में सर्वप्रथम साधना संगीत कला केन्द्र, ग्वालियर के छात्र ध्रुपद गायन प्रस्तुत करेंगे। तत्पश्चात इन्दौर से आमंत्रित श्रीमती शोभा चौधरी का ख्याल गायन होगा। इसके पश्चात ग्वालियर के स्थानीय कलाकार गायन-वादन प्रस्तुत करेंगे। इसी संगीत सभा के साथ 85 वें तानसेन समारोह का समापन होगा।
तानसेन समारोह 2009 - सहयोगी व संगत कलाकारों में हारमोनियम पर सर्वश्री मोहन मुंगरे, जमीर हुसैन खाँ, महेश पाण्डे, मेहमूद धौलपुरी, विवेक बन्सोड़ व संतोष अग्निहोत्री रहेंगे। तबले पर पंडित किरण देशपांडे एवं पंडित रामस्वरूप रतौनिया के अलावा सर्वश्री हितेन्द्र दीक्षित, हिमांशु महन्त, विवेक देशमुख, भोगीराम रतौनिया, नफीस अहमद खाँ, अनन्त मसूरकर एवं मनीष करवड़े रहेंगें। पखावज पर श्री संजय पन्त आगले संगत देंगे तथा सारंगी पर संगति फारूक लतीफ खाँ करेंगे।
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