सभी संभागायुक्तों और कलेक्टरों को निर्देश जारी
राज्य शासन द्वारा प्रशासनिक व्यवस्था को चुस्त-दुरूस्त बनाने के लिए नए कदम उठाए गए हैं। शासन के सभी विभागों, संभागायुक्तों, विभागाध्यक्षों से कहा गया है कि निरीक्षण के उपरान्त अध्यक्ष, राजस्व मण्डल द्वारा भेजे गए प्रतिवेदन का गंभीरतापूर्वक अध्ययन करें और अपने विभाग/कार्यालय में उतरोत्तर सुधार के लिए कार्यवाही सुनिश्चित करें इससे प्रशासनिक सजगता में बढोत्तरी होगी।
सामान्य प्रशासन विभाग द्वारा इस संबंध में समस्त विभागों, अध्यक्ष राजस्व मंडल, सभी संभागायुक्तों और कलेक्टरों को निर्देश जारी कर दिए गए हैं।
उल्लेखनीय है कि अध्यक्ष राजस्व मण्डल द्वारा कमिश्नर, कलेक्टर और विभागाध्यक्ष कार्यालयों का निरीक्षण किया जाता है। इसी तरह राजस्व मण्डल के सदस्य सभी विभागों के जिला, तहसील ब्लॉक कार्यालय और राजस्व न्यायालयों का निरीक्षण करते हैं। जारी निर्देशों में कहा गया है कि शासन की गतिविधियां एक दूसरे से जुड़ी हैं।
उल्लेखनीय है कि अध्यक्ष राजस्व मण्डल द्वारा कमिश्नर, कलेक्टर और विभागाध्यक्ष कार्यालयों का निरीक्षण किया जाता है। इसी तरह राजस्व मण्डल के सदस्य सभी विभागों के जिला, तहसील ब्लॉक कार्यालय और राजस्व न्यायालयों का निरीक्षण करते हैं। जारी निर्देशों में कहा गया है कि शासन की गतिविधियां एक दूसरे से जुड़ी हैं।
अत: राजस्व मण्डल के अध्यक्ष तथा सदस्य प्रदेश के विभिन्न विभागों के कार्यालयों की स्थिति देखकर शासन को प्रशासनिक कमियों और शिथिलताओं से अवगत कराते हैं। संबंधित अधिकारियों और कार्यालयों द्वारा इन बिन्दुओं पर अमल किया जाता है तो इससे प्रशासनिक सजगता में निश्चित रूप से वृद्धि होगी।
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