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Sunday, November 22, 2009

मध्यप्रदेश की नई उद्योग नीति अधिक उद्योग मित्र होगी

मुख्यमंत्री  द्वारा उद्योगपतियों को मप्र में निवेश के लिये आमंत्रण
मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने आज यहां नई दिल्ली में देश भर के उद्योगपतियों से कहा है कि वे मध्यप्रदेश आकर उद्योग लगायें। उद्योग लगाने के लिये प्रदेश में जमीन, पानी, बिजली सहित सभी अधोसंरचना उपलब्ध कराई जायेंगी। 
द्योग लगाने वालों को सभी प्रकार की सुविधायें और रियायतें भी दी जायेंगी। मध्यप्रदेश की नई उद्योग नीति शीघ्र घोषित की जायेगी जो अधिक उद्योग मित्र होगी। उद्योगपतियों को बिजली और पानी पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध कराया जायेगा। श्री चौहान ने प्रदेश के उद्योगपतियों से भी आग्रह किया कि वे प्रदेश में उद्योग लगाने के लिये अन्य उद्योगपतियों से पहल करें। 
उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश को देश के नंबर एक सम्पन्न राज्यों की श्रेणी में खड़ा करने में सभी सहयोग करें। उन्होंने आशा व्यक्त की कि आगामी दशक में मध्यप्रदेश न केवल देश के विकसित और समृद्ध प्रान्तों बल्कि दुनिया के समृद्ध और विकसित राज्यों में से एक होगा।
मुख्यमंत्री ने बताया कि दो वर्ष पूर्व इंदौर में इन्वेस्टर्स कांफ्रेंस के दौरान एक लाख उनसठ हजार करोड़ रूपये के उद्योग लगाने के जो समझौते हुए थे उनमें से एक लाख करोड़ के उद्योगों की स्थापना का काम तेजी से चल रहा है। अनेक उद्योगों में उत्पादन भी शुरू हो गया है। ग्लोबल इंवेस्टर्स मीट का आयोजन मध्यप्रदेश सरकार और फिक्की के सहयोग से किया गया।
श्री चौहान ने कहा कि मध्यप्रदेश में प्राइवेट क्षेत्र में भी फुडपार्कों की स्थापना में शासकीय रियायतें दी जायेंगी। बिजली की रियायात पर भी विचार किया जायेगा। मध्यप्रदेश में निजी क्षेत्र में लाजिष्टक हब स्थापित करने के लिये सभी आवश्यक सुविधायें उपलब्ध कराई जायेंगी। खेती को किसानों के लिये फायदें का सौंदा बनायेंगे। जब तक किसान समृद्ध नहीं होगा तब तक देश भी समृद्ध नहीं हो सकता। सरकार के कामों के साथ जनता को भी खड़ा होना होगा तभी विकास हो सकता है।
श्री चौहान ने कहा कि प्रदेश के औद्योगीकरण के विकास के लिये अधोसंरचना का तेजी से विकास किया जा रहा है। प्रदेश में 52 हजार किलोमीटर सड़कों का सुदृढ़ीकरण एवं निर्माण किया गया है। जिला और संभागों को जोड़ने के लिये चार लेनवाली सड़कें भी बनाई जा रही हैं। 
विगत चार वर्षों के दौरान विद्युत उत्पादन क्षमता में 3147 मेगावाट वृद्धि की गयी है। आगामी पांच वर्षों में 7500 मेगावाट बिजली बनाने के लिये संयंत्र लगाये जायेंगे। उद्योगों को भी 24 घंटे बिजली दी जा रही है। आगे भी बिजली की उपलब्धता निर्वाध जारी रहेगी। प्रदेश कानून व्यवस्था की दृष्टि से भी शांति का टापू है। विगत 4 वर्षों के दौरान 175 डाकू मारे गये हैं। 
अन्य राज्यों की तरह मध्यप्रदेश राजनैतिक रंगदारी और अन्य जबरिया टैक्स वसूली से पूरी तरह से मुक्त है और आगे भी इससे मुक्त रखेंगे। मध्यप्रदेश के दरवाजे देश के सभी राज्यों के लोगों के लिये दिल से खुले हुए हैं। वहां उत्तर-दक्षिण और पूरब-पश्चिम का कोई भेद नहीं है। मध्यप्रदेश में आने के बाद सभी लोग दूध में पानी की तरह घुलकर एक हो जाते हैं। 
श्री चौहान ने उद्योगपतियों से आग्रह किया कि जिस प्रदेश में उद्योग स्थापित किये जायें वहां के स्थानीय लोगों को प्राथमिकता के आधार पर रोजगार दिया जाय। जो जिस प्रदेश में रहता है उस प्रदेश के विकास की ओर ध्यान दे। मध्यप्रदेश सबका है यह सोचकर प्रदेश के विकास में हाथ बटायें।
श्री चौहान ने अगले वर्ष 18 और 19 मार्च को मध्यप्रदेश के इंदौर में आयोजित ग्लोबल इनवेस्टर्स मीट में सभी उद्योगपतियों को आमंत्रित कर उसमें सम्मिलित होने के लिये आग्रह किया। उद्योग मंत्री श्री कैलाश विजयवर्गीय ने कहा कि मुख्यमंत्री श्री चौहान की रूचि के कारण प्रदेश में विगत पांच वर्षों से औद्योगीकरण का वातावरण बना है। 
प्रदेश के प्रशासन तंत्र के सकारात्मक रूख के कारण भी प्रदेश में उद्योगों की स्थापना में मंडी टैक्स से छूट सहित अनेक रियायतें दी जा रही है। विगत पांच वर्षों के दौरान ब्याज दर में कमी, सिंचाई के रकबे में वृद्धि और बिजली की निरंतर उपलब्धता के कारण मध्यप्रदेश का तेजी से औद्योगीकरण हो रहा है।
मुख्य सचिव श्री राकेश साहनी ने भी उद्योगपतियों से कहा कि वे प्रदेश में कृषि पर आधारित उद्योगों की संभावनाओं को देखते हुए कृषि आधारित उद्योग लगायें। उद्योगपतियों ने टैक्स प्रणाली में सुधार किये जाने के संबंध में जो सुझाव दिये हैं उन पर ध्यान दिया जायेगा। बिजली की कीमतों में विगत कई वर्षों से वृद्धि नहीं की गयी है और निर्बाध 24 घंटे बिजली दी जा रही है। 
मध्यप्रदेश में स्थापित उद्योगों के कुछ उद्योगपतियों ने भी अपने विचार रखे और उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश में उद्योग लगाने के लिये अच्छा वातावरण है। 600 करोड़ रूपये की इंडस्ट्री के मालिक श्री राजेन्द्र गुप्ता, सांघी ग्रुप के श्री रवि सांधी ने मध्यप्रदेश सरकार और प्रशासनिक अधिकारियों की सराहना की। श्री गुप्ता ने बताया कि उन्हें मिल रहे सहयोग के कारण वे ट्रायडेंट ग्रुप की ओर से वर्ष 2010 तक मध्यप्रदेश में 3000 करोड़ रूपये का निवेश करेंगे। 
प्रमुख सचिव उद्योग श्री सत्य प्रकाश, ट्राइफेक के एम डी श्री प्रवीण गर्ग ने प्रदेश के औद्योगीकरण के बारे में उद्योगपतियों को अवगत कराया। खाद्य प्रसंस्करण विभाग के प्रमुख सचिव श्री अनिल श्रीवास्तव ने उद्योगपतियों का आभार प्रदर्शित किया।

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