ननि आयुक्त और पार्षद समेत कई अफसर घेरे में
पद के दुरूपयोग का एक मामला कटनी जिला मुख्यालय पर भी उजागर हुआ है। कोई 12 अपात्र लोगों को सामाजिक सुरक्षा पेंशन का बेजा फायदा पहुँचाने के इस मामले में नगर पालिक निगम कटनी के तत्कालीन आयुक्त और एक पार्षद समेत कई अफसर अब लोकायुक्त जाँच के घेरे में आ गए हैं। मामला पंजीबद्ध हो चुका है और इनके खिलाफ कार्रवाई अदालती निर्देश पर की गई है। अब इसमें तेजी से जाँच चल रही है।कटनी के विशेष न्यायालय में डिपल सिकन्दर अली नाम के एक व्यक्ति ने बाकायदा परिवाद पेश कर यह मामला उजागर किया था। इस पर न्यायालय ने जबलपुर लोकायुक्त पुलिस को जाँच का निर्देश दिया। मामले को तत्काल पंजीबद्ध कर जाँच शुरू की गई। पहली ही नज़र में घपला साफ हो गया और पाया गया कि इन लोगों ने एकमत होकर यह साजिश रचके अपात्रों को सामाजिक सुरक्षा पेंशन बाँट कर सरकार को लाखों का नुकसान पहुँचाया।
इस सिलसिले में पूरे मामले में कटनी के तत्कालीन नगर निगम आयुक्त रमेश सिंह बघेल और निगम पार्षद संजीव सूरी के अलावा अनुविभागीय अधिकारी राजस्व सतेन्द्र सिंह बघेल, तत्कालीन स्वास्थ्य अधिकारी बी.के. सिंह और चार लिपिक विजय कुमार शर्मा, गजाधरलाल केवट, उमेश सोनखर और रामसिया द्विवेदी जाँच के घेरे में आए हैं। इनमें से स्वास्थ्य अधिकारी बी.के. सिंह का निधन हो चुका है।
इस सिलसिले में पूरे मामले में कटनी के तत्कालीन नगर निगम आयुक्त रमेश सिंह बघेल और निगम पार्षद संजीव सूरी के अलावा अनुविभागीय अधिकारी राजस्व सतेन्द्र सिंह बघेल, तत्कालीन स्वास्थ्य अधिकारी बी.के. सिंह और चार लिपिक विजय कुमार शर्मा, गजाधरलाल केवट, उमेश सोनखर और रामसिया द्विवेदी जाँच के घेरे में आए हैं। इनमें से स्वास्थ्य अधिकारी बी.के. सिंह का निधन हो चुका है।
जाँच में पाया गया कि इन लोगों ने अपने पद का दुरूपयोग और सरकारी निर्देशों का खुला उल्लंघन कर यह कृत्य किया। लोकायुक्त पुलिस ने प्रथम दृष्ट्या इसे अपराध पाकर भ्रष्टाचार निवारण कानून और भारतीय दण्ड विधान की विभिन्न धाराओं के तहत मामला पंजीबद्ध कर आगे की जाँच शुरू कर दी है।
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