माह मार्च तक 273 फीडरों का सेपरेशन
राज्य शासन द्वारा ग्रामीण क्षेत्रों के घरेलू उपभोक्ताओं को शहरी क्षेत्रों के समान विद्युत प्रदाय सुनिश्चित करने के उद्देश्य से फीडर विभक्तिकरण योजना लागू की गई है। प्रथम चरण में इस कार्य को तहसील फीडरों में किया जाना प्रस्तावित किया गया है।
माह मार्च तक 273 फीडरों का सेपरेशन किया जा चुका है। तीनों विद्युत वितरण कंपनियों द्वारा आगामी पाँच वर्षों के लिये 8900 करोड़ रूपये राशि के व्यय किया जाना प्रस्तावित किया गया है।
उल्लेखनीय है कि प्रदेश में तकनीकी एवं वाणिज्यिक हानियों के स्तर में कमी लाने के लिये फीडर विभक्तिकरण योजना को अतिउच्च वोल्टेज प्रणाली के साथ लागू किया गया है। इस योजना के तहत जिन ग्रामीण क्षेत्रों में फीडर विभक्तिकरण कार्य किया गया है, वहां विद्युत प्रदाय में सुधार के साथ-साथ वोल्टेज के स्तर में भी सुधार हुआ है तथा तकनीकी हानियों में भी कमी आई है।
प्रदेश की तीनों विद्युत वितरण कंपनियों द्वारा 273 फीडरों का विभक्तिकरण कार्य पूर्ण किया गया है। इसमें से म.प्र. पूर्व क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी लिमिटेड जबलपुर द्वारा 187 फीडरों, मध्यप्रदेश मध्य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी लिमिटेड भोपाल द्वारा 29 तथा मध्यप्रदेश पश्चिम क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी लिमिटेड इंदौर द्वारा 57 फीडर विभक्तिकरण का कार्य पूर्ण किया गया है।
राज्य शासन द्वारा गत वर्ष 2008-09 में प्रदेश की तीन विद्युत वितरण कंपनियों को 100 करोड़ रूपये की राशि मुहैया करायी गई थी। फीडर विभक्तिकरण के लिय विश्व बैंक तथा एशियन डेव्हलपमेंट बैंक से ऋण प्राप्त करने के भी प्रयास किये जा रहे हैं। फीडर विभक्तिकरण कार्यों के लिये वर्ष 2009-10 के बजट में 8 करोड़ रूपये का प्रावधान भी किया गया है।
फीडर विभक्तिकरण कार्य के लिये तीनों विद्युत वितरण कंपनियों द्वारा आगामी पांच वर्षों के लिये 8900 करोड़ रूपये की अनुमानित राशि की मांग की गई है। इसमें से मध्यप्रदेश पूर्व क्षेत्र वितरण कंपनी लिमिटेड जबलपुर ने 3500 करोड़ रूपये, मध्यप्रदेश मध्य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी लिमिटेड भोपाल ने 3000 करोड़ रूपये तथा मध्यप्रदेश पश्चिम क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी लिमिटेड इंदौर द्वारा 2400 करोड़ रूपये की राशि अनुमानित की गई है।
उल्लेखनीय है कि प्रदेश में तकनीकी एवं वाणिज्यिक हानियों के स्तर में कमी लाने के लिये फीडर विभक्तिकरण योजना को अतिउच्च वोल्टेज प्रणाली के साथ लागू किया गया है। इस योजना के तहत जिन ग्रामीण क्षेत्रों में फीडर विभक्तिकरण कार्य किया गया है, वहां विद्युत प्रदाय में सुधार के साथ-साथ वोल्टेज के स्तर में भी सुधार हुआ है तथा तकनीकी हानियों में भी कमी आई है।
प्रदेश की तीनों विद्युत वितरण कंपनियों द्वारा 273 फीडरों का विभक्तिकरण कार्य पूर्ण किया गया है। इसमें से म.प्र. पूर्व क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी लिमिटेड जबलपुर द्वारा 187 फीडरों, मध्यप्रदेश मध्य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी लिमिटेड भोपाल द्वारा 29 तथा मध्यप्रदेश पश्चिम क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी लिमिटेड इंदौर द्वारा 57 फीडर विभक्तिकरण का कार्य पूर्ण किया गया है।
राज्य शासन द्वारा गत वर्ष 2008-09 में प्रदेश की तीन विद्युत वितरण कंपनियों को 100 करोड़ रूपये की राशि मुहैया करायी गई थी। फीडर विभक्तिकरण के लिय विश्व बैंक तथा एशियन डेव्हलपमेंट बैंक से ऋण प्राप्त करने के भी प्रयास किये जा रहे हैं। फीडर विभक्तिकरण कार्यों के लिये वर्ष 2009-10 के बजट में 8 करोड़ रूपये का प्रावधान भी किया गया है।
फीडर विभक्तिकरण कार्य के लिये तीनों विद्युत वितरण कंपनियों द्वारा आगामी पांच वर्षों के लिये 8900 करोड़ रूपये की अनुमानित राशि की मांग की गई है। इसमें से मध्यप्रदेश पूर्व क्षेत्र वितरण कंपनी लिमिटेड जबलपुर ने 3500 करोड़ रूपये, मध्यप्रदेश मध्य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी लिमिटेड भोपाल ने 3000 करोड़ रूपये तथा मध्यप्रदेश पश्चिम क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी लिमिटेड इंदौर द्वारा 2400 करोड़ रूपये की राशि अनुमानित की गई है।
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