सरकारी जमीन पर झुग्गियां, ठेले और गुमटियां रखवाकर अतिक्रमण कराने वाले माफिया के खिलाफ अब राष्ट्रीय सुरक्षा कानून (रासुका) के तहत कार्यवाही की जायेगी। ऐसे संगठित गिरोहों के खिलाफ सख्त कार्यवाही कर मुकदमे दर्ज कराने का प्रशासन ने मन बना लिया है।
उक्त निर्णय आज यहां नगरीय प्रशासन एवं विकास मंत्री श्री बाबूलाल गौर की अध्यक्षता में सम्पन्न उच्चाधिकारियों की बैठक में लिया गया। बैठक में भोपाल में चल रहे विकास कार्यों की समीक्षा कर उन्हें पूर्ण करने की समय सीमा तय की गई।
श्री गौर ने विकास कार्यों की धीमी रफ्तार पर नाखुशी जताई और कहा कि विभाग अपनी-अपनी ढपली बजाने की बजाय आपसी ताल-मेल से सुनियोजित विकास कार्यों को अन्जाम दें। बैठक में बताया गया कि कुछ लोगों ने सरकारी जमीन पर अतिक्रमण करा कर झुग्गी बनवाने और ठेलों द्वारा अतिक्रमण करने का धन्धा बना लिया है।
बैठक में भोपाल की तमाम सड़कें, नगर निगम को स्थानान्तरण के सम्बन्ध में बताया गया कि इस बारे में प्रस्ताव शासन के पास लंबित है।
वर्तमान में शहर की विभिन्न सड़कें नगर निगम, सीपीए, लोक निर्माण विभाग, जल संसाधन विभाग, भोपाल विकास प्राधिकरण और मध्यप्रदेश गृह निर्माण मण्डल के आधीन है। इससे इनका ठीक से रख रखाव नहीं हो पा रहा है।
भोपाल विकास प्राधिकरण के प्रभारी मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री अरूण कुमार श्रीवास्तव ने बताया कि अंतर्राज्यीय बस अड्डा (आई।एस.बी.टी) अगले माह नवम्बर तक पूरी तरह बन कर तैयार हो जायेगा और दिसम्बर माह से यहां बसों का परिचालन प्रारंभ किया जा सकेगा।
बैठक में शाहपुरा का तालाब एवं मुख्य मार्ग क्रमांक दो पर चार ईमली के पास स्थित झील नगर निगम को सौंपने का निर्णय लिया गया। शाहपुरा तालाब वर्तमान में जल संसाधन विभाग और चार इमली की झील सी.पी.ए के पास है।
लोक निर्माण विभाग के कार्यपालन यंत्री श्री वी.के. आरख ने बताया कि छोला रेल्वे ओवर ब्रिज अगले वर्ष जुलाई 2010 तक पूरा हो सकेगा। वहीं श्री गौर ने रेल्वे स्टेशन अल्पना तिराहे से जहांगीराबाद तथा रायल मार्केट से रोशनपुरा सहित अन्य सड़कों की दुर्दशा पर नाखुशी जाहिर करते हुए एक माह में मरम्मत कराने की हिदायत कार्यपालन यंत्री श्री जी.पी. कटारे को दी।
श्री गौर ने 20 माइक्रान से कम की प्लास्टिक थैलियों के प्रतिबन्ध लगाने के बारे में प्रदूषण निवारण मंडल के अधिकारियों से जवाब तलब किया। उन्होंने बताया कि बीते दस माह में इस सम्बन्ध में दस जप्तियां की गई। जवाब से नाराज श्री गौर ने उक्त थैलियों के निर्माण, विक्रय एवं परिवहन पर पूरी तरह से प्रतिबन्ध लगाने की हिदायतें दी। बैठक में विकास सम्बन्धी 36 बिन्दुओं पर बिन्दुवार समीक्षा की गई।
सीपीए के अधीक्षण यंत्री श्री जवाहर सिंह ने डी.आर.एम.आफिस के सामने की झुग्गियों के व्यवस्थापन के सम्बन्ध में बताया कि उक्त काम दीपावली के बाद शुरू किया जायेगा। कलेक्टर श्री शिवशेखर शुक्ला ने बताया कि काना सैया में सीपीए ने उक्त झुग्ग्यिों के लिए भू-खण्डों का पूरा विकास नही किया था। प्रथम चरण में 100 तथा शेष लगभग 400 झुग्गियों का व्यवस्थापन दूसरे चरण में किया जाना है।
बैठक में प्रमुख सचिव नगरीय प्रशासन एवं विकास श्री राघव चन्द्रा, आयुक्त नगरीय प्रशासन श्री एस.एन. मिश्रा, कलेक्टर श्री शिवशेखर शुक्ला, पुलिस अधीक्षक श्री जयदीप प्रसाद, वन संरक्षक, श्री एस.पी शर्मा एवं श्री अतुल श्रीवास्तव, लोक निर्माण विभाग के तीनों डिविजनों के कार्यपालन यंत्री, बीडीए, सीपीए, विद्युत मण्डल, झील प्राधिकरण, प्रदूषण नियंत्रण मण्डल के अधिकारी, संचालक नगर एवं ग्रामीण निवेश श्री अरूण कोचर, भोपाल नगर निगम के आयुक्त श्री मनीष सिंह सहित विभिन्न अधिकारी मौजूद थे।
उक्त निर्णय आज यहां नगरीय प्रशासन एवं विकास मंत्री श्री बाबूलाल गौर की अध्यक्षता में सम्पन्न उच्चाधिकारियों की बैठक में लिया गया। बैठक में भोपाल में चल रहे विकास कार्यों की समीक्षा कर उन्हें पूर्ण करने की समय सीमा तय की गई।
श्री गौर ने विकास कार्यों की धीमी रफ्तार पर नाखुशी जताई और कहा कि विभाग अपनी-अपनी ढपली बजाने की बजाय आपसी ताल-मेल से सुनियोजित विकास कार्यों को अन्जाम दें। बैठक में बताया गया कि कुछ लोगों ने सरकारी जमीन पर अतिक्रमण करा कर झुग्गी बनवाने और ठेलों द्वारा अतिक्रमण करने का धन्धा बना लिया है।
बैठक में भोपाल की तमाम सड़कें, नगर निगम को स्थानान्तरण के सम्बन्ध में बताया गया कि इस बारे में प्रस्ताव शासन के पास लंबित है।
वर्तमान में शहर की विभिन्न सड़कें नगर निगम, सीपीए, लोक निर्माण विभाग, जल संसाधन विभाग, भोपाल विकास प्राधिकरण और मध्यप्रदेश गृह निर्माण मण्डल के आधीन है। इससे इनका ठीक से रख रखाव नहीं हो पा रहा है।
भोपाल विकास प्राधिकरण के प्रभारी मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री अरूण कुमार श्रीवास्तव ने बताया कि अंतर्राज्यीय बस अड्डा (आई।एस.बी.टी) अगले माह नवम्बर तक पूरी तरह बन कर तैयार हो जायेगा और दिसम्बर माह से यहां बसों का परिचालन प्रारंभ किया जा सकेगा।
बैठक में शाहपुरा का तालाब एवं मुख्य मार्ग क्रमांक दो पर चार ईमली के पास स्थित झील नगर निगम को सौंपने का निर्णय लिया गया। शाहपुरा तालाब वर्तमान में जल संसाधन विभाग और चार इमली की झील सी.पी.ए के पास है।
लोक निर्माण विभाग के कार्यपालन यंत्री श्री वी.के. आरख ने बताया कि छोला रेल्वे ओवर ब्रिज अगले वर्ष जुलाई 2010 तक पूरा हो सकेगा। वहीं श्री गौर ने रेल्वे स्टेशन अल्पना तिराहे से जहांगीराबाद तथा रायल मार्केट से रोशनपुरा सहित अन्य सड़कों की दुर्दशा पर नाखुशी जाहिर करते हुए एक माह में मरम्मत कराने की हिदायत कार्यपालन यंत्री श्री जी.पी. कटारे को दी।
श्री गौर ने 20 माइक्रान से कम की प्लास्टिक थैलियों के प्रतिबन्ध लगाने के बारे में प्रदूषण निवारण मंडल के अधिकारियों से जवाब तलब किया। उन्होंने बताया कि बीते दस माह में इस सम्बन्ध में दस जप्तियां की गई। जवाब से नाराज श्री गौर ने उक्त थैलियों के निर्माण, विक्रय एवं परिवहन पर पूरी तरह से प्रतिबन्ध लगाने की हिदायतें दी। बैठक में विकास सम्बन्धी 36 बिन्दुओं पर बिन्दुवार समीक्षा की गई।
सीपीए के अधीक्षण यंत्री श्री जवाहर सिंह ने डी.आर.एम.आफिस के सामने की झुग्गियों के व्यवस्थापन के सम्बन्ध में बताया कि उक्त काम दीपावली के बाद शुरू किया जायेगा। कलेक्टर श्री शिवशेखर शुक्ला ने बताया कि काना सैया में सीपीए ने उक्त झुग्ग्यिों के लिए भू-खण्डों का पूरा विकास नही किया था। प्रथम चरण में 100 तथा शेष लगभग 400 झुग्गियों का व्यवस्थापन दूसरे चरण में किया जाना है।
बैठक में प्रमुख सचिव नगरीय प्रशासन एवं विकास श्री राघव चन्द्रा, आयुक्त नगरीय प्रशासन श्री एस.एन. मिश्रा, कलेक्टर श्री शिवशेखर शुक्ला, पुलिस अधीक्षक श्री जयदीप प्रसाद, वन संरक्षक, श्री एस.पी शर्मा एवं श्री अतुल श्रीवास्तव, लोक निर्माण विभाग के तीनों डिविजनों के कार्यपालन यंत्री, बीडीए, सीपीए, विद्युत मण्डल, झील प्राधिकरण, प्रदूषण नियंत्रण मण्डल के अधिकारी, संचालक नगर एवं ग्रामीण निवेश श्री अरूण कोचर, भोपाल नगर निगम के आयुक्त श्री मनीष सिंह सहित विभिन्न अधिकारी मौजूद थे।
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