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Wednesday, October 14, 2009

अनाज एवं त्यौहार अग्रिम का पुनर्निर्धारण

मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान की अध्यक्षता में आज यहां मंत्रिपरिषद की बैठक में शासकीय सेवकों की अनाज एवं त्यौहार अग्रिम की पात्रता एवं सीमा का पुनर्निर्धारण किया गया। अब 12 हजार रुपये प्रतिमाह एवं इससे कम मूल वेतन (ग्रेड पे सहित) प्राप्त करने वाले कर्मचारियों को अनाज एवं त्यौहार अग्रिम प्राप्त करने की पात्रता होगी।
अनाज अग्रिम एवं त्यौहार अग्रिम की वर्तमान सीमा क्रमश: दो हजार और एक हजार रुपये है इसे बढ़ाकर अब चार हजार रुपये कर दिया गया है। त्यौहार अग्रिम और अनाज अग्रिम की प्रकृति समान होने के कारण त्यौहार अग्रिम पर भी अनाज अग्रिम पर भी ब्याज प्रभावित होगा।
राज्य शासन द्वारा समय-समय पर भविष्य निधि के लिये निर्धारित ब्याज की दर उपरोक्त अग्रिमों के लिये ब्याज की दर होगी। वर्तमान में यह ब्याज दर 6.5 प्रतिशत है। दोनों अग्रिमों की कटौती आगामी माह के वेतन से अधिकतम 10 किश्तों में की जायेगी। ब्याज की राशि की वसूली मूलधन वसूली के बाद होगी। अन्य शर्तें एवं प्रतिबंध पूर्ववत रहेंगे।
पंचायती राज संस्थाओं एवं स्थानीय निकायों में नियोजित अध्यापक संवर्ग एवं पंचायत एवं ग्रामीण विकास के पंचायत सचिव, जिन्हें वेतनमान दिया गया है, को एक जुलाई, 2009 से उनके मूलवेतन के चार प्रतिशत के बराबर महंगाई भत्ते में वृद्धि की जायेगी।
इस प्रकार इन संवर्गों के कर्मचारियों को अब मूल वेतन का 86 प्रतिशत अतिरिक्त राशि भत्ते के रूप में प्राप्त होगी। इस निर्णय से अध्यापक संवर्ग के लिये 21 करोड़ तथा पंचायत सचिवों के लिये दो करोड़ रुपये का प्रतिवर्ष अतिरिक्त व्यय भार आयेगा।
मंत्रिपरिषद ने निम्न आय वर्ग के मेधावी विद्यार्थियों को उच्च शिक्षा के लिये शिक्षा ऋण प्राप्त करने में आसानी के लिये उच्च शिक्षा गारंटी योजना का अनुमोदन किया। इसके क्रियान्वयन के लिये दिशा निर्देश जारी करने के लिये वित्त विभाग को अधिकृत किया गया।
उल्लेखनीय है कि निम्न आय वर्ग के मेधावी विद्यार्थियों को उच्च शिक्षा के लितये शिक्षा ऋण प्राप्त करने में कठिनाई होती है, क्योंकि बैंकों द्वारा निर्धारित सीमा से अधिक ऋण प्राप्त करने पर कॉलेटरल सिक्यूरिटी मांगी जाती है।
इस निर्णय से अब चार लाख रुपये से अधिक शिक्षा ऋण प्राप्त करने वाले निम्न आय वर्ग के मेधावी विद्यार्थियों को बैंकों के माध्यम से राज्य सरकार की गारंटी पर शिक्षा ऋण उपलब्ध कराया जा सकेगा। योजना का क्रियान्वयन तकनीकी शिक्षा, चिकित्सा शिक्षा एवं उच्च शिक्षा विभाग द्वारा किया जायेगा। मध्यप्रदेश उच्च शिक्षा ऋण हेतु गारंटी योजना के अंतर्गत ऐसे विद्यार्थी पात्र होंगे जिनके परिवार की सभी स्रोतों से वार्षिक आय तीन लाख रुपये से अधिक नहीं हैं।
योजना के अंतर्गत विद्यार्थियों के चयन के लिये संबंधित विभागों के अंतर्गत छानबीन समिति का गठन किया जायेगा, जो आवेदनों पर गुणदोष के आधार पर विद्यार्थियों का चयन करेगी।
मंत्रिपरिषद ने संचालनालय संस्थागत वित्त के नवीन सेटअप एवं संचालनालय अल्प बचत एवं राज्य लाटरीज को समाप्त करने का निर्णय लिया। वर्तमान में संचालनालय अल्प बचत एवं लाटरी के अंतर्गत स्वीकृत पद 120, भरे पद 106 तथा रिक्त पद 14 हैं।
संचालनालय को समाप्त करने के फलस्वरूप संयुक्त संचालक एवं लेखा अधिकारी के कुल 2 पद, को छोड़कर शेष 104 पदों को डाइंग कैडर घोषित किया जायेगा।
संचालनालय अल्प बचत एवं राज्य लाटरीज को समाप्त करने के फलस्वरूप इस संचालनालय के अतिशेष कर्मचारियों को संचालनालय संस्थागत वित्त के नवीन सेटअप के अधीन लिया जायेगा।

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