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Wednesday, October 14, 2009

राजधानी में ट्रांसपोर्ट नगर का रास्ता साफ

राजधानी के व्यस्ततम इलाके में चल रहे ट्रांसपोर्ट व्यवसाय को अलग जगह बसाने की कवायद अब रफ्तार पकड़ लेगी। नगर निगम द्वारा समीपस्थ कोकता में इस सिलसिले में बचे हुए कोई 656 भूखंडों को आवंटित करने की शर्तों को शिथिल किया जाएगा। मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान की अध्यक्षता में आज यहाँ हुई केबिनेट की बैठक में इस मसौदे पर रजामंदी दे दी गई।
असल में पूर्व में केबिनेट की मंजूरी के बाद बीएमसी ने कुल 824 में से 168 भूखंडों का आवंटन शुरू भी कर दिया है। अब उसे शेष रहे 656 भूखंडों के आवंटन में सरकार की पूर्व में तयशुदा शर्तों के मुताबिक अमल को लेकर व्यावहारिक दिक्कतें उठानी पड़ रही है। इसके चलते ट्रांसपोर्ट व्यवसाय को जल्द से जल्द शहर से बाहर करने में भी देर हो रही थी। उधर बीएमसी पर लगातार वित्तीय बोझ भी बढ़ रहा था।
शिथिल की गई शर्तें
केबिनेट के आज के फैसले के मुताबिक अब ट्रांसपोर्टरों और मैकेनिकों को सर्विस टैक्स पंजीयन का प्रमाण पत्र नहीं देना होगा। इसी तरह इन्हें आयकरदाता प्रमाण पत्र पेन कार्ड भी नहीं देने होंगे। छूटों के अगले क्रम में इनके पास 29 फरवरी, 2004 के पहले का बीएमसी द्वारा जारी गुमाश्ता पंजीन पत्र होना भी जरूरी नहीं होगा।
सी तरह लीज रेंट के निर्धारण में बीएमसी के पूर्व में मंजूर प्रस्ताव के मुताबिक सभी के लिए मंजूर भूमि की दर 23.23 रुपए होगी। भूमि के वास्तविक मूल्य को प्रिमियम माना जाकर उस पर व्यावसायिक भूखण्ड के लिए 7.5 प्रतिशत भू-भाटक लिए जाने पर भी सहमति दी गई है। भूखंड आवंटन में सीमित प्रतिस्पर्धा की मंजूरी दी गई है। भविष्य में शेष भूखंडों के आवंटन का रास्ता भी आसान कर दिया गया है।

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