मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान की अध्यक्षता में आज यहां सम्पन्न मंत्रि परिषद की बैठक में मध्यप्रदेश ग्राम न्यायालय अधिनियम 1996 को निरस्त कर म.प्र. ग्राम न्यायालय (निरसन), अध्यादेश 2009 प्रारूप का अनुमोदन किया गया।
मंत्रि परिषद की बैठक में निर्णय लिया गया कि लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग में कार्यपालन यंत्री (सिविल) के पद से अधीक्षण यंत्री (सिविल) के पद पर पदोन्नति के लिये विभागीय सेवा भरती नियम में निर्धारित अर्हकारी सेवा में एक वर्ष की छूट दी जाये। इसके तहत अनारक्षित वर्ग के लिये वर्ष 2009 में रिक्त पदों को भरने के लिये मध्यप्रदेश लोक स्वास्थ्य अभियांत्रिकी (राजपत्रित) सेवा नियम, 1980 में निर्धारित 5 वर्ष की अर्हकारी सेवा में एक वर्ष की छूट दी जायेगी।
इसी प्रकार मंत्रि परिषद की बैठक में बी.ओ.टी. योजनांतर्गत लेबड़-नारायणपुरा-दिकथान-बिल्लोद-मानपुर मार्ग के निर्माण करने का निर्णय लिया गया। इस निर्णय के तहत मार्ग के लिये 218.41 करोड़ रुपये की प्रशासकीय स्वीकृति तथा इसे बी.ओ.टी. आधार पर विकसित करने की अनुमति दी गई।
मार्ग के लिये कन्सेशन अवधि (निर्माण अवधि सम्मिलित कर) 25 वर्ष निर्धारित की गई। इस मार्ग पर दूरी आधारित टोल दरें लगाये जाने की अनुमति भी दी गई। इसके अनुसार पथकर की दरें प्रायवेट कार, जीप 0.35 रुपये प्रति किलोमीटर, हल्के व्यावसायिक वाहन 0.85, खाली तथा भरी हुई बस 1.75, खाली तथा भरा हुआ ट्रक 2.11 एवं मल्टी एक्सल ट्रक ट्रेलर 4.21 रुपये प्रति किलोमीटर दूरी आधारित टोल दरें लगाये जाने की अनुमति दी गई।
मंत्रि परिषद के निर्णय के अनुसार उपरोक्त दरें थोक मूल्य सूचकांक के आधार पर बढ़ाई जायेंगी। यह वृद्धि प्रत्येक वर्ष 31 मार्च को समाप्त होने वाले वित्तीय वर्ष के लिये भारत सरकार द्वारा घोषित WPI की दर से एक सितम्बर से प्रभावी की जायेंगी। इसके लिये अन्य परियोजनाओं के समान 31 मार्च, 2007 के थोक मूल सूचकांक को आधार लिया जायेगा। इसी प्रकार इस मार्ग के लिये पूर्व में डी.बी.एफ.ओ. (Design Built Finance Operate) पद्धति पर विकसित की जाने वाली परियोजनाओं हेतु राज्य शासन द्वारा अनुमोदित कन्सेशन अनुबंध को प्रयुक्त करने की अनुमति भी प्रदान की गई।
मंत्रि परिषद की बैठक में निर्णय लिया गया कि लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग में कार्यपालन यंत्री (सिविल) के पद से अधीक्षण यंत्री (सिविल) के पद पर पदोन्नति के लिये विभागीय सेवा भरती नियम में निर्धारित अर्हकारी सेवा में एक वर्ष की छूट दी जाये। इसके तहत अनारक्षित वर्ग के लिये वर्ष 2009 में रिक्त पदों को भरने के लिये मध्यप्रदेश लोक स्वास्थ्य अभियांत्रिकी (राजपत्रित) सेवा नियम, 1980 में निर्धारित 5 वर्ष की अर्हकारी सेवा में एक वर्ष की छूट दी जायेगी।
इसी प्रकार मंत्रि परिषद की बैठक में बी.ओ.टी. योजनांतर्गत लेबड़-नारायणपुरा-दिकथान-बिल्लोद-मानपुर मार्ग के निर्माण करने का निर्णय लिया गया। इस निर्णय के तहत मार्ग के लिये 218.41 करोड़ रुपये की प्रशासकीय स्वीकृति तथा इसे बी.ओ.टी. आधार पर विकसित करने की अनुमति दी गई।
मार्ग के लिये कन्सेशन अवधि (निर्माण अवधि सम्मिलित कर) 25 वर्ष निर्धारित की गई। इस मार्ग पर दूरी आधारित टोल दरें लगाये जाने की अनुमति भी दी गई। इसके अनुसार पथकर की दरें प्रायवेट कार, जीप 0.35 रुपये प्रति किलोमीटर, हल्के व्यावसायिक वाहन 0.85, खाली तथा भरी हुई बस 1.75, खाली तथा भरा हुआ ट्रक 2.11 एवं मल्टी एक्सल ट्रक ट्रेलर 4.21 रुपये प्रति किलोमीटर दूरी आधारित टोल दरें लगाये जाने की अनुमति दी गई।मंत्रि परिषद के निर्णय के अनुसार उपरोक्त दरें थोक मूल्य सूचकांक के आधार पर बढ़ाई जायेंगी। यह वृद्धि प्रत्येक वर्ष 31 मार्च को समाप्त होने वाले वित्तीय वर्ष के लिये भारत सरकार द्वारा घोषित WPI की दर से एक सितम्बर से प्रभावी की जायेंगी। इसके लिये अन्य परियोजनाओं के समान 31 मार्च, 2007 के थोक मूल सूचकांक को आधार लिया जायेगा। इसी प्रकार इस मार्ग के लिये पूर्व में डी.बी.एफ.ओ. (Design Built Finance Operate) पद्धति पर विकसित की जाने वाली परियोजनाओं हेतु राज्य शासन द्वारा अनुमोदित कन्सेशन अनुबंध को प्रयुक्त करने की अनुमति भी प्रदान की गई।
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