मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान की अध्यक्षता में आज हुई मंत्रिपरिषद की बैठक में प्रदेश के राजमार्गों के उन्नयन एवं विस्तारीकरण के लिए पब्लिक प्रायवेट पार्टनरशिप के तहत अधिकाधिक मार्गों के निर्माण कार्य के सुचारू संचालन के लिये केन्द्र सरकार द्वारा प्रस्तावित स्टेट सपोर्ट एग्रीमेन्ट को स्वीकृति प्रदान की गयी।
इस आधारभूत संरचना के विकास के लिए स्टेट सपोर्ट एग्रीमेंट राज्य शासन की ओर से केन्द्र सरकार को अग्रेषित किया गया है। मुख्यमंत्री की सहमति के बाद अनुबंध दो प्रतियों में निष्पादित किया जाकर केन्द्र सरकार की सहमति एवं हस्ताक्षर हेतु भेजा गया है।
गौरतलब है कि केन्द्र सरकार का पब्लिक प्रायवेट पार्टनरशिप के माध्यम से राजमार्गों के विकास के लिए एक व्यापक योजना आदर्श कन्सेशन अनुबंध की शर्तों पर स्वयं अथवा राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण के द्वारा क्रियान्वयन करने का प्रस्ताव है। इसके तहत राजमार्गों के विभिन्न सेक्शन्स के उन्नयन तथा विस्तारीकरण के लिए बिल्ड ऑपरेट एण्ड ट्रांसफर (बी.ओ.टी.) आधार पर निर्धारित शर्तों पर कार्य करने हेतु कन्सेशनियर्स से करार किया जाएगा।
इस तरह के करारों के अंतर्गत प्रोजेक्ट्स का क्रियान्वयन व संचालन राज्य शासन के लिए आवश्यक है तथा राज्य के विकास की दृष्टि से महत्वपूर्ण है। इस तरह के प्रोजेक्ट्स के क्रियान्वयन के लिए राज्य शासन के निरंतर सहयोग तथा कन्सेशनियर को कतिपय अधिकारों का प्रदाय किया जाना आवश्यक होगा। इस कारण राज्य सरकार के दायित्वों तथा कन्सेशनियर को दी जाने वाली सुविधाओं के संबंध में अनुबंध किया जाना वांछित है जिसे इस प्रयोजन हेतु स्टेट सपोर्ट एग्रीमेंट कहा गया है।
स्टेट सपोर्ट एग्रीमेंट के तहत कन्सेशनियर को स्थल तक निरंतर पहुंच तथा मार्ग का अधिकार निर्बाध रूप से होगा। कन्सेशनियर द्वारा चाही जा रही अनुमतियां व परमिट जारी करने के लिए संबंधित शासकीय एजेन्सी सहयोग करेगी। इस तरह की अनुमतियां व परमिट जो केन्द्र शासन के क्षेत्राधिकार के अंतर्गत है, उन्हें प्राप्त करने में कन्सेशनियर को राज्य शासन आवश्यक सहयोग देगा। साथ ही नगरीय निकाय या अन्य स्थानीय प्राधिकरण से भी वांछित आवश्यक अनुमतियां, परमिट आदि जारी कराने में सहयोग देगा।
कन्सेशनियर के लिखित आवेदन पर राज्य शासन कन्सेशनियर को आधारभूत सुविधाएं, जल व विद्युत उन दरों पर तथा शर्तों पर जो कि अन्य व्यावसायिक उपभोक्ताओं को लागू होती है, उपलब्ध कराएगा। कन्सेशनियर के लिखित अनुरोध पर युटिलिटि की शिफ्टिंग में सहयोग करेगा। परियोजना संबंधी राजमार्गों पर किसी शासकीय एजेन्सी अथवा व्यक्ति द्वारा आकस्मिक स्थिति राष्ट्रीय सुरक्षा अथवा कानून व्यवस्था की स्थिति को छोड़कर किसी तरह का कोई बैरियर नहीं लगाने देगा।
नगरीय निकाय व अन्य स्थानीय प्राधिकरणों जिनमें पंचायतें भी शामिल हैं,को प्रोजेक्ट राजमार्गों पर न तो किसी तरह के बैरियर लगाने या अन्य बाधा उत्पन्न करने देगा और न ही किसी तरह का कोई स्थानीय कर अधिरोपित होने देगा।
राज्य शासन कन्सेशनियर को परियोजना मार्गों पर ट्रेफिक संचालित करने की अनुमति देगा। आवश्यकता होने पर नियमानुसार पुलिस व्यवस्था ट्रेफिक के नियंत्रण, अतिक्रमणों के हटाने व राजमार्ग की सुरक्षा के लिए उपलब्ध कराएगा। ट्रेफिक का संचालन तथा मोबाइल पुलिस स्क्वाड की पदस्थी व संचालन शासन के निर्धारित नीतियों तथा परम्पराओं के अनुसार करेगा। शासन की नीतियों के अनुसार चिकित्सकीय सुविधाएं व एम्बुलेंस सुविधाएं उपलब्ध कराएगा।
राज्य शासन, राजमार्ग प्राधिकरण और कन्सेशनियर को कन्सेशन अनुबंध के प्रावधानों के अनुसरण में प्रोजेक्ट के क्रियान्वयन/संचालन में सहायता, सहयोग और सुविधा प्रदान करेगा तथा सभी दायित्वों का पालन सुनिश्चित करेगा।
राज्य शासन संबंधित कन्सेशन अनुबंध के उल्लंघन में किसी तरह की कोई कॉम्पिटिटिंग रोड (प्रतियोगी मार्ग) नहीं बनाएगा। न ही कन्सेशन अनुबंध के प्रावधानों से भिन्न किसी तरह का अतिरिक्त टोल वे स्थापित करेगा।राज्य शासन किसी प्रकार का स्थानीय कर, टोल अथवा परियोजना राजमार्ग के पूर्ण अथवा आंशिक उपयोग हेतु कोई अधिभार अधिरोपित नहीं करेगा।
इस आधारभूत संरचना के विकास के लिए स्टेट सपोर्ट एग्रीमेंट राज्य शासन की ओर से केन्द्र सरकार को अग्रेषित किया गया है। मुख्यमंत्री की सहमति के बाद अनुबंध दो प्रतियों में निष्पादित किया जाकर केन्द्र सरकार की सहमति एवं हस्ताक्षर हेतु भेजा गया है।
गौरतलब है कि केन्द्र सरकार का पब्लिक प्रायवेट पार्टनरशिप के माध्यम से राजमार्गों के विकास के लिए एक व्यापक योजना आदर्श कन्सेशन अनुबंध की शर्तों पर स्वयं अथवा राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण के द्वारा क्रियान्वयन करने का प्रस्ताव है। इसके तहत राजमार्गों के विभिन्न सेक्शन्स के उन्नयन तथा विस्तारीकरण के लिए बिल्ड ऑपरेट एण्ड ट्रांसफर (बी.ओ.टी.) आधार पर निर्धारित शर्तों पर कार्य करने हेतु कन्सेशनियर्स से करार किया जाएगा।
इस तरह के करारों के अंतर्गत प्रोजेक्ट्स का क्रियान्वयन व संचालन राज्य शासन के लिए आवश्यक है तथा राज्य के विकास की दृष्टि से महत्वपूर्ण है। इस तरह के प्रोजेक्ट्स के क्रियान्वयन के लिए राज्य शासन के निरंतर सहयोग तथा कन्सेशनियर को कतिपय अधिकारों का प्रदाय किया जाना आवश्यक होगा। इस कारण राज्य सरकार के दायित्वों तथा कन्सेशनियर को दी जाने वाली सुविधाओं के संबंध में अनुबंध किया जाना वांछित है जिसे इस प्रयोजन हेतु स्टेट सपोर्ट एग्रीमेंट कहा गया है।
स्टेट सपोर्ट एग्रीमेंट के तहत कन्सेशनियर को स्थल तक निरंतर पहुंच तथा मार्ग का अधिकार निर्बाध रूप से होगा। कन्सेशनियर द्वारा चाही जा रही अनुमतियां व परमिट जारी करने के लिए संबंधित शासकीय एजेन्सी सहयोग करेगी। इस तरह की अनुमतियां व परमिट जो केन्द्र शासन के क्षेत्राधिकार के अंतर्गत है, उन्हें प्राप्त करने में कन्सेशनियर को राज्य शासन आवश्यक सहयोग देगा। साथ ही नगरीय निकाय या अन्य स्थानीय प्राधिकरण से भी वांछित आवश्यक अनुमतियां, परमिट आदि जारी कराने में सहयोग देगा।
कन्सेशनियर के लिखित आवेदन पर राज्य शासन कन्सेशनियर को आधारभूत सुविधाएं, जल व विद्युत उन दरों पर तथा शर्तों पर जो कि अन्य व्यावसायिक उपभोक्ताओं को लागू होती है, उपलब्ध कराएगा। कन्सेशनियर के लिखित अनुरोध पर युटिलिटि की शिफ्टिंग में सहयोग करेगा। परियोजना संबंधी राजमार्गों पर किसी शासकीय एजेन्सी अथवा व्यक्ति द्वारा आकस्मिक स्थिति राष्ट्रीय सुरक्षा अथवा कानून व्यवस्था की स्थिति को छोड़कर किसी तरह का कोई बैरियर नहीं लगाने देगा।
नगरीय निकाय व अन्य स्थानीय प्राधिकरणों जिनमें पंचायतें भी शामिल हैं,को प्रोजेक्ट राजमार्गों पर न तो किसी तरह के बैरियर लगाने या अन्य बाधा उत्पन्न करने देगा और न ही किसी तरह का कोई स्थानीय कर अधिरोपित होने देगा।
राज्य शासन कन्सेशनियर को परियोजना मार्गों पर ट्रेफिक संचालित करने की अनुमति देगा। आवश्यकता होने पर नियमानुसार पुलिस व्यवस्था ट्रेफिक के नियंत्रण, अतिक्रमणों के हटाने व राजमार्ग की सुरक्षा के लिए उपलब्ध कराएगा। ट्रेफिक का संचालन तथा मोबाइल पुलिस स्क्वाड की पदस्थी व संचालन शासन के निर्धारित नीतियों तथा परम्पराओं के अनुसार करेगा। शासन की नीतियों के अनुसार चिकित्सकीय सुविधाएं व एम्बुलेंस सुविधाएं उपलब्ध कराएगा।
राज्य शासन, राजमार्ग प्राधिकरण और कन्सेशनियर को कन्सेशन अनुबंध के प्रावधानों के अनुसरण में प्रोजेक्ट के क्रियान्वयन/संचालन में सहायता, सहयोग और सुविधा प्रदान करेगा तथा सभी दायित्वों का पालन सुनिश्चित करेगा।
राज्य शासन संबंधित कन्सेशन अनुबंध के उल्लंघन में किसी तरह की कोई कॉम्पिटिटिंग रोड (प्रतियोगी मार्ग) नहीं बनाएगा। न ही कन्सेशन अनुबंध के प्रावधानों से भिन्न किसी तरह का अतिरिक्त टोल वे स्थापित करेगा।राज्य शासन किसी प्रकार का स्थानीय कर, टोल अथवा परियोजना राजमार्ग के पूर्ण अथवा आंशिक उपयोग हेतु कोई अधिभार अधिरोपित नहीं करेगा।
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