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Thursday, October 22, 2009

अंतिम छोर पर खड़े व्यक्ति के कल्याण में बैंकों की भूमिका अहम् - श्री नागेन्द्र सिंह

देश के 160 ग्रामों का आदर्श ग्राम के लिए चयन
Bhopal:Wednesday, October 22, 2009:Updated 16:05IST मध्यप्रदेश के सतना जिले की नागौद तहसील का ग्राम कचलोहा देश के उन भाग्यशाली 160 गांवों में शामिल हैं जिन्हें भारतीय रिजर्व बैंक गोद लेकर उन्हें आदर्श ग्राम में तब्दील करेगी। इसी कड़ी में मंगलवार को ग्राम कचलोहा में एक कार्यक्रम में भारतीय रिजर्व बैंक ने यह घोषणा की।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि प्रदेश के लोक निर्माण मंत्री श्री नागेन्द्र सिंह थे। रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया के कार्यपालक निदेशक श्री बी.के.शर्मा, क्षेत्रीय निदेशक मध्यप्रदेश एवं छत्तीसगढ़ श्री राजेश वर्मा के अलावा वरिष्ठ बैंक एवं प्रशासनिक अधिकारी एवं गणमान्य नागरिक कार्यक्रम में उपस्थित थे।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुये मुख्य अतिथि लोक निर्माण मंत्री श्री सिंह ने कहा कि मध्यप्रदेश को स्वर्णिम प्रदेश बनाने की दिशा में सरकार अधोसंरचना विकास, कल्याणकारी योजनायें एवं वित्तीय नियोजन के माध्यम से प्रदेश के निवासियों के जीवन स्तर में सुधार लाना चाहती है। गाँव के अंतिम छोर पर खड़े व्यक्ति को बराबरी पर लाने सरकार के प्रयास में बैंकों की भूमिका महत्वपूर्ण है।
लोक निर्माण मंत्री श्री सिंह ने कहा कि दूर-दराज के गाँवों में बैंकिंग सुविधाओं का विस्तार करने के लिये बैंकों की अधोसंरचना बढ़ाने की जरूरत है। आर.बी.आई. द्वारा अपनी प्लेटिनम जयंती के अवसर पर ग्राम कचलोहा को गोद लेकर गाँव के शत-प्रतिशत निवासियों के वित्तीय समावेशीकरण का संकल्प निश्चित ही प्रशंसनीय है।
उन्होंने कहा कि हितग्राहियों को बैंक से ऋण लेने की प्रक्रिया सीखने के साथ समय पर ऋण की अदायगी अवश्य करनी चाहिये, तभी व्यवस्था भलीभाँति संचालित हो सकेगी। लोक निर्माण मंत्री ने आशा व्यक्त की कि कचलोहा के ग्रामीणों के जीवन को खुशहाल और सम्पन्न बनाने भारतीय रिजर्व बैंक की यह अभिनव योजना ग्रामीणों एवं बैंक अधिकारियों के सहयोग से अवश्य सफल होगी।
कार्यक्रम में भारतीय रिजर्व बैंक के कार्यपालक निदेशक श्री बी.के. शर्मा ने बताया कि आर.बी.आई. केन्द्र और राज्य सरकार के साथ मिलकर देशवासियों के जीवन स्तर में सुधार लाने का प्रयास कर रहा है। संस्थान की स्थापना के 75वें वर्ष (प्लेटिनम जयंती) में गवर्नर के निर्णयानुसार पूरे देश में ग्राम कचलोहा (सतना) सहित 160 ग्रामों का चयन आदर्श ग्राम के रूप में विकसित करेगा।
इन चयनित गाँवों में शत-प्रतिशत वित्तीय समावेशीकरण किया जाकर मार्च 2010 तक सक्षम बनाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। उन्होंने कहा कि वित्तीय सहायता आर्थिक सशक्तीकरण की जननी होती है। आर.बी.आई. ने विभिन्न वाणिज्यिक बैंकों के सहयोग एवं माध्यम से आदर्श ग्राम के जीवन स्तर को ऊँचा उठाने का संकल्प लिया है। श्री शर्मा ने बताया कि स्वावलम्बन, आत्मनिर्भरता और कुशल वित्तीय नियोजन के चलते एक मात्र भारत देश ही विश्व आर्थिक मंदी से लगभग अछूता रहा है।
कार्यक्रम में ग्राम कचलोहा के बैंकिंग व्यवस्था से अब तक अछूते रहे 61 ग्रामीणों के बैंक खाते खोले गये। लोक निर्माण मंत्री श्री सिंह ने डी.आर.आई. योजना के 32 हितग्राहियों को ऋण, तेरह हितग्राहियों को क्रेडिट कार्ड, सात हितग्राहियों को रिक्शा ऋण, एस.जी.एस.वाय. योजना में चार हितग्राहियों को परिवहन ऋण, स्व-सहायता समूह के दो प्रकरण, डेयरी के एक और किसान क्रेडिट कार्ड के चार हितग्राहियों को ऋण वितरित किया। इस अवसर पर कलेक्टर श्री सुखवीर सिंह, बैंकिंग लोकपाल श्री टी. करुणाकरन, सरपंच कचलोहा श्रीमती मीरा सिंह आदि उपस्थित थे।

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