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Saturday, October 31, 2009

प्रशासनिक अमले को संवेदनशील बनाने में मीडिया की भूमिका महत्वपूर्ण

मीडिया लोगों को तथ्यपरक जानकारी दे
Bhopal:Friday, October 30, 2009:Updated 17:38IST विभिन्न शासकीय योजनाओं एवं कार्यक्रमों में होने वाले भ्रष्टाचार को रोकने के लिये सरकार ने 'सूचना का अधिकार अधिनियम' लागू किया है। सूचना के अधिकार के बारे में ज्यादा से ज्यादा लोगों को जागरूक तथा संबंधित प्रशासनिक अमले को संवेदनशील बनाने में मीडिया की भूमिका काफी महत्वपूर्ण है।
इस आशय के विचार आज यहां आर.सी.व्ही.पी. नरोन्हा प्रशासन अकादमी में 'प्रशासन, मीडिया एवं सूचना का अधिकार' विषय पर आयोजित एक दिवसीय कार्यशाला में विभिन्न वक्ताओं ने व्यक्त किये। कार्यशाला को सुश्री नीलांजना भादुरी झा, मुख्य समाचार संपादक एन.डी.टी.व्ही., नई दिल्ली, श्री अभिलाष खाण्डेकर, स्टेट हैड दैनिक भास्कर, श्री राजेश सीरोठिया, ज्वाइंट रेसीडेंट एडीटर नवदुनिया भोपाल ने संबोधित किया।
कार्यक्रम में प्रशासन अकादमी महानिदेशक डॉ. संदीप खन्ना के अलावा केन्द्रीय सेवाओं तथा राज्य प्रशासनिक सेवा के प्रशिक्षु अधिकारियों के अलावा डॉ. माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता विश्वविद्यालय के छात्र-छात्राओं ने भाग लिया।
एन.डी.टी.व्ही. की मुख्य समाचार संपादक सुश्री झा ने कार्यशाला को संबोधित करते हुए कहा कि सूचना का अधिकार आम लोगों को शासन द्वारा उनके लिये किये जा रहे कार्यों के बारे में जानकारी लेने के लिये बनाया गया है। परंतु जानकारी के अभाव में सामान्यजन इस अधिकार का उपयोग नहीं कर पा रहे हैं।
परंतु मीडिया इस अधिकार के माध्यम से जन-सामान्य तक जानकारी पहुंचाने की पहल कर रहा है। उन्होंने प्रशिक्षु अधिकारियों से कहा कि वे सूचना के अधिकार के अंतर्गत मीडिया द्वारा चाही गई जानकारी नियमों का पालन कर शीघ्र प्रदान करें और मीडिया के बारे में किसी प्रकार की गलत धारणा पूर्व से ही अपने मन में ना बनायें। मीडिया लोगों को तथ्यपरक जानकारी दे किसी प्रकार की मसालेदार स्टोरी ना बनाये।
श्री अभिलाष खाण्डेकर, स्टेट हैड दैनिक भास्कर ने बताया कि मीडिया लोकतंत्र के चौथे पाये के रूप में अपनी भूमिका निर्वहन करते हुए कोई भी महत्वपूर्ण जानकारी समाज के पास अविलम्ब पहुंचाने का प्रयास करता है। वर्तमान समय में सामान्य आदमी का जीवन दूभर है, गांवों में अभी भी छोटे से शासकीय कर्मचारी से लोग भय खाते हैं। नवनियुक्त शासकीय अधिकारियों को प्रशासनिक व्यवस्थाओं में व्याप्त बाधाओं से अवगत होने की जरूरत है, तभी वे भविष्य में उन्हें दूर करने की पहल कर पायेंगे।
श्री राजेश सीरोठिया, ज्वाइंट रेसीडेन्ट एडिटर नवदुनिया ने अपने संबोधन में कहा कि वर्तमान समय सूचना छुपाने नहीं, वरन् उन्हें उजागर करने का है। सूचना के इस युग में 'सूचना का अधिकार' काफी महत्वपूर्ण है। इसे बाध्यता नहीं अपितु स्वाभाविक रूप से लेकर वांछित जानकारी इच्छुक व्यक्ति को शीघ्र दें, तभी ऐसी सूचना का महत्व रहेगा।
मीडिया जन-सामान्य तक सूचना पहुंचाने में संवाहक का काम करता है। अधिकारियों के मीडिया से अच्छे संबंध समाज के हित में होते हैं। संवादहीनता की स्थिति काफी विस्फोटक होती है, इस बात को शासकीय अमला जानें। उन्होंने कहा कि 'सूचना के अधिकार' के लागू होने से आज शासकीय अमला काफी सतर्कतापूर्वक अपने दायित्व का निर्वहन करने लगा है।
प्रारंभ में प्रशासन अकादमी महानिदेशक डॉ. संदीप खन्ना ने कार्यक्रम में उपस्थित अतिथियों का स्वागत करते हुए कार्यशाला आयोजन के उद्देश्यों के बारे में जानकारी दी। उन्होंने बताया कि मीडिया के कारण देश में भ्रष्टाचार के अनेक मामलों का खुलासा हुआ है। सूचना का अधिकार भ्रष्टाचार को रोकने में औजार का काम करता है।
डॉ. खन्ना ने प्रशिक्षु अधिकारियों को जानकारी दी कि विभिन्न अवसरों पर शासकीय सेवकों द्वारा किसी प्रकार की गिफ्ट लेना भी भ्रष्टाचार की श्रेणी में आता है। उन्होंने प्रशासकीय सेवकों में इलेक्ट्रॉनिक मीडिया को बाईट देने के बढ़ते प्रचलन के प्रति सतर्क रहने की हिदायत भी दी।

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