मुख्यमंत्री श्री शिवराजसिंह चौहान ने आम आदमी को सस्ता और सुलभ इलाज उपलब्ध करवाने को चुनौती बताते हुए इसे हर हाल में पूरा करने की जरूरत रेखांकित की है। लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग की समीक्षा करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि शासकीय चिकित्सा केन्द्रों खासतौर से ग्रामीण क्षेत्र में स्थित केन्द्रों में इलाज की प्रभावी व्यवस्था करना बहुत आवश्यक है।
मुख्यमंत्री ने आम आदमी को गंभीर रोगों के इलाज के लिये सहायता की विभिन्न योजनाओं के स्थान पर एक आदर्श और समन्वित योजना बनाने के निर्देश दिये। श्री चौहान ने रोगी कल्याण समितियों को और अधिक प्रभावी बनाने पर भी जोर दिया। मुख्यमंत्री ने प्रदेश में शिशु मृत्यु दर में त्वरित कमी लाने के लिये प्रस्तावित मुख्यमंत्री बाल आरोग्य योजना का विस्तृत प्रतिवेदन शीघ्र प्रस्तुत करने को कहा।
समीक्षा के दौरान मुख्यमंत्री श्री चौहान ने चिकित्सकों के साथ ही अन्य सहायक कर्मचारियों के रिक्त पदों की पूर्ति पर जोर दिया। उन्होंने विभाग में प्रति नियुक्ति के लिये रिजर्व पद और प्रशिक्षण और अवकाश की स्थिति में प्रशिक्षण रिजर्व के पद निर्मित करने के विभागीय प्रस्ताव पर भी विचार करने की सहमति दी। श्री चौहान ने शासकीय नसिंग कॉलेजों के साथ ही निजी कॉलेजों से भी नर्सिंग स्टाफ की भर्ती पर सहमति दी।
270 करोड़ रूपये की मंजूरीस्वास्थ्य सचिव श्री एस.आर. मोहन्ती ने जानकारी दी कि 13वें वित्त आयोग ने प्रदेश में स्वास्थ्य अधोसंरचना के विकास के लिये 250 करोड़ रूपये देने की सहमति दे दी हैं। इसी तरह केन्द्रीय सहायता के माध्यम से योजना
आयोग द्वारा सिक न्यूबार्न केयर यूनिट के लिये 20 करोड़ रूपये की स्वीकृति प्राप्त हुई है। इसके अलावा राष्ट्रीय ग्रामीण स्वास्थ्य मिशन के तहत वर्ष 2009-10 में प्रदेश का 670.50 करोड़ रूपये का प्रोजेक्ट स्वीकृत हुआ।
समीक्षा के दौरान राष्ट्रीय स्वास्थ्य बीमा योजना को प्रदेश में लागू करने पर भी विचार किया गया।
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