वाल्मीकि अम्बेडकर योजना
प्रदेश के 34 शहरों में स्थित मलिन बस्तियों के गरीब रहवासियों को पक्के मकान एवं बुनियादी अधोसंरचना प्रदान करने के 37 परियोजनाओं पर तेजी से काम चल रहा है। एकीकृत आवास एवं गंदी बस्ती विकास कार्यक्रम के तहत संचालित इन परियोजनाओं की लागत 27035.99 लाख रूपये है।
राष्ट्रीय गंदी बस्ती विकास कार्यक्रम एवं वाल्मीकि अम्बेडकर योजना को समन्वित कर लागू की गई इस योजना के अन्तर्गत प्रदेश के 37 नगरों में 18503 आवास निर्माणाधीन है। योजना के तहत 80 प्रतिशत राशि केन्द्र सरकार द्वारा एवं 8 से 10 प्रतिशत की राशि राज्य सरकार द्वारा अनुदान में ही जाती है। इसके अलावा 10 से 12 प्रतिशत का अंशदान हितग्राही का होता है।योजना के अन्तर्गत केन्द्र सरकार द्वारा एक आवासीय इकाई का लागत मूल्य 80 हजार रूपये रखा गया है। व्यवहारिक रूप से अनुभव किया जा रहा है कि केन्द्र सरकार द्वारा तय एक आवासीय ईकाई की लागत से कम है। इस मामले को सुलझाने के प्रयास किये जा रहे हैं। इसके बाद आवास निर्माण की गति तेज हो सकेगी।
योजना के तहत परियोजना के अन्तर्गत शहरी गरीबों के लिए ग्वालियर शहर में 5362 लाख रूपये की लागत से 4576 आवास बनाये जा रहे हैं। खण्डवा निगम के तहत संचालित दो परियोजनाओं के अन्तर्गत 2108 आवास बनाये जाना है। इन शहरों के अलावा भोपाल संभाग में गंज बसौदा, लटेरी, विदिशा, सिरोंज, कुरवाई, बैरसिया एवं राजगढ़ जिले के खुजनेर में भी शहरी गरीबों के लिए पक्के आवास बनाये जा रहे हैं। इन्दौर संभाग में खण्डवा, देपालपुर पानसेमल एवं देवास नगरीय निकायों में 2724 आवास बनेंगे। इनके अलावा कटनी में 2182, बालाघाट में 966, नरसिंहपुर में 651, पाटन एवं बरेला में 240, शाहपुरा में 104, मंझौली में 140 तथा दमोह में 104 शहरी गरीबों के लिए मकान बनाया जाना है। इन्दौर संभाग के बेटमा एवं गौतमपुरा 192, पेटलावद झाबुआ में 240, इटारसी में 153, मण्डीदीप में 180, होशंगाबाद में 297, ओरछा में 192, बुरहानपुर में 833 तथा जावरा नगरीय निकाय में शहरी गरीबों के लिये 167 मकान बनाया जाना है।
नगर निगम सागर में योजना के अन्तर्गत 493.36 लाख रूपये की लागत से 480, छिंदवाड़ा में 500, इसी जिले की मोहगांव एवं सौंसर नगर पंचायत में 267 एवं 461 मकान शहरी गरीबों के लिये बनाये जा रहे हैं। इनकी लागत क्रमश: 320.13 एवं 499.26 लाख रूपये है।
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