बिजली चोरी रोकने के लिये चले जन-जागरण अभियान
ऊर्जा तथा खनिज साधन राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्री राजेन्द्र शुक्ल ने कहा है कि ग्रामीण क्षेत्रों में फीडर विभक्तिकरण कार्य राज्य शासन की महत्वाकांक्षी योजना है। श्री शुक्ल ने कहा कि मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान की मंशा के अनुरूप इसके लिये ग्रामीण क्षेत्रों में आवासों तथा खेती के लिये फीडर विभक्तिकरण के काम को वर्ष 2013 तक हर हाल में पूरा किया जाना है।
उन्होंने विद्युत वितरण कंपनियों को फीडर विभक्तिकरण योजना के जिलेवार प्रस्ताव आरईसी को ऋण स्वीकृति के लिये आगामी फरवरी माह तक भेजने के निर्देश दिये। उन्होंने वर्ष 2013 तक विद्युत उत्पादन में पांच हजार मेगावॉट की वृद्धि को मूर्तरूप देने के लिये भी निर्देशित किया। उन्होंने कहा कि पॉवर जनरेटिंग कम्पनी यह सुनिश्चित करे कि विभिन्न प्रस्तावित परियोजनाएं समय पर पूर्ण हों। वे मध्यप्रदेश पॉवर जनरेटिंग कम्पनी, पॉवर ट्रांसमिशन कम्पनी, पॉवर ट्रेडिंग कम्पनी और मध्यप्रदेश पूर्व क्षेत्र वितरण कम्पनी से संबंधित कार्यों, चल रही योजनाओं, गतिविधियों की कल जबलपुर में गहन समीक्षा कर रहे थे।
बैठक में श्री शुक्ल ने कहा कि बिजली के क्षेत्र की सभी कम्पनियां निर्धारित समय-सीमा में उत्पादन, पारेषण और वितरण के कार्य पूर्ण करें। उन्होंने सारणी एक्सटेंशन 500 मेगावॉट एवं सिंगाजी मालवा 1200 मेगावॉट की प्रगति पर विशेष जोर देते हुए निर्देशित किया कि यह दोनों परियोजनाएं समय पर पूर्ण हों। साथ ही उन्होंने ट्रांसमिशन कम्पनी से इस तरह से काम करने को कहा जिससे पारेषण प्रणाली भी उत्पादन शुरू होने के साथ तैयार हो जाये। श्री शुक्ल ने कहा कि राज्य शासन का लक्ष्य है कि 2013 तक जहां प्रदेश स्वर्णिम मध्यप्रदेश के रूप में स्थापित होगा वहीं बिजली के क्षेत्र में आत्मनिर्भरता की ओर अग्रसर होगा। इसलिये इस लक्ष्य को दृष्टिगत रखते हुए सभी कम्पनियों के अधिकारियों एवं कर्मचारियों का दायित्व है कि वे अपने क्षेत्र के उपभोक्ताओं के हित में किये जा रहे कार्यों तथा योजनाओं को समय-सीमा के अंदर अच्छी गुणवत्ता में पूर्ण करें, जिससे कि प्रदेश के हर उपभोक्ता तक निर्धारित अवधि में गुणवत्तापूर्ण बिजली की आपूर्ति हो सके।
राजीव गाँधी ग्रामीण विद्युतीकरण योजना के क्रियान्वयन में आ रही कठिनाईयों पर गहन चर्चा करते हुए श्री शुक्ल ने निर्देशित किया कि इसके लिये एक अलग वितरण समर्पित टीम को नामांकित किया जाना चाहिये। साथ ही उन्होंने कहा कि एच.व्ही.डी.एस. योजना को फीडर विभक्तिकरण योजना के सिद्धांत में समावेश किया जाना चाहिये। उन्होंने शहरी क्षेत्रों की वितरण सुदृढ़ीकरण की आरएपीडीआरपी योजना के प्रस्ताव मार्च, 2010 तक पीएफसी को भेजने के लिये निर्देशित किया। बैठक में विद्युत विकास के सभी बिन्दुओं पर चर्चा करते हुए उन्होंने सीएमडी को निर्देशित किया कि वे स्वयं हर 15 दिवस में उनकी सिलसिलेवार सतत मॉनीटरिंग भी करें। उन्होंने कहा कि वे स्वयं भी समय-समय पर इसकी समीक्षा करेंगे।
बैठक में श्री शुक्ल ने वितरण और ज्यादा करने के साथ राजस्व वृद्धि के कारगर कदम उठाने तथा बिजली चोरी रोकने के लिये जन-जागरण अभियान चलाने के निर्देश भी दिये। उन्होंने कहा कि पारेषण के क्षेत्र में अर्जित सफलता को दृष्टिगत रखते हुए हमें वितरण के क्षेत्र में भी भी वितरण हानि को और अधिक कम करने के साथ राजस्व संग्रह को बढ़ाना चाहिये। श्री शुक्ल ने बिजली चोरी रोकने के लिये जन-जागरण मुहिम चलाने पर भी जोर दिया।
श्री शुक्ल ने कहा कि पिछला वर्ष मध्यप्रदेश में बिजली की दृष्टि से इसलिये महत्वपूर्ण रहा क्योंकि हमने जहां अप्रत्याशित रूप से बढ़ी हुई बिजली की मांग की आपूर्ति करने में सफलता अर्जित की है वहीं नई बिजली परियोजनाओं को स्थापित करने के लिये ठोस कार्य भी किये हैं। उन्होंने कहा कि पूरे प्रदेश में विद्युत विकास के लिये कार्य किये गये हैं और भविष्य के कार्यों की आधारशिला रखी गई है जिनसे निश्चित रूप से प्रदेश के हर श्रेणी के बिजली उपभोक्ताओं को लाभ मिलेगा।
इस अवसर पर पॉवर ट्रांसमिशन कम्पनी के अध्यक्ष सह प्रबंध निदेशक एवं पूर्व क्षेत्र वितरण कम्पनी के अध्यक्ष सह प्रबंध निदेशक श्री आर.के. वर्मा, राज्य विद्युत मण्डल के सचिव एवं मध्यप्रदेश पॉवर ट्रेडिंग कम्पनी के प्रबंध संचालक श्री पी.के. वैश्य, पॉवर जनरेटिंग कम्पनी के अध्यक्ष सह प्रबंध निदेशक श्री आर.बी. अग्रवाल, मध्यप्रदेश राज्य विद्युत मण्डल के वित्तीय सलाहकार श्री ए.एम. सजनानी, राज्य विद्युत मण्डल के विशेष कर्त्तव्यस्थ अधिकारी श्री संतोष तिवारी सहित कम्पनियों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे। बैठक में सभी कम्पनियों ने अपनी-अपनी योजनाओं की विस्तृत जानकारी दी और विद्युत परिदृश्य पर ऊर्जा मंत्री के समक्ष पॉवर पाइंट प्रजेन्टेशन प्रस्तुत किया।
बैठक में श्री शुक्ल ने कहा कि बिजली के क्षेत्र की सभी कम्पनियां निर्धारित समय-सीमा में उत्पादन, पारेषण और वितरण के कार्य पूर्ण करें। उन्होंने सारणी एक्सटेंशन 500 मेगावॉट एवं सिंगाजी मालवा 1200 मेगावॉट की प्रगति पर विशेष जोर देते हुए निर्देशित किया कि यह दोनों परियोजनाएं समय पर पूर्ण हों। साथ ही उन्होंने ट्रांसमिशन कम्पनी से इस तरह से काम करने को कहा जिससे पारेषण प्रणाली भी उत्पादन शुरू होने के साथ तैयार हो जाये। श्री शुक्ल ने कहा कि राज्य शासन का लक्ष्य है कि 2013 तक जहां प्रदेश स्वर्णिम मध्यप्रदेश के रूप में स्थापित होगा वहीं बिजली के क्षेत्र में आत्मनिर्भरता की ओर अग्रसर होगा। इसलिये इस लक्ष्य को दृष्टिगत रखते हुए सभी कम्पनियों के अधिकारियों एवं कर्मचारियों का दायित्व है कि वे अपने क्षेत्र के उपभोक्ताओं के हित में किये जा रहे कार्यों तथा योजनाओं को समय-सीमा के अंदर अच्छी गुणवत्ता में पूर्ण करें, जिससे कि प्रदेश के हर उपभोक्ता तक निर्धारित अवधि में गुणवत्तापूर्ण बिजली की आपूर्ति हो सके।
राजीव गाँधी ग्रामीण विद्युतीकरण योजना के क्रियान्वयन में आ रही कठिनाईयों पर गहन चर्चा करते हुए श्री शुक्ल ने निर्देशित किया कि इसके लिये एक अलग वितरण समर्पित टीम को नामांकित किया जाना चाहिये। साथ ही उन्होंने कहा कि एच.व्ही.डी.एस. योजना को फीडर विभक्तिकरण योजना के सिद्धांत में समावेश किया जाना चाहिये। उन्होंने शहरी क्षेत्रों की वितरण सुदृढ़ीकरण की आरएपीडीआरपी योजना के प्रस्ताव मार्च, 2010 तक पीएफसी को भेजने के लिये निर्देशित किया। बैठक में विद्युत विकास के सभी बिन्दुओं पर चर्चा करते हुए उन्होंने सीएमडी को निर्देशित किया कि वे स्वयं हर 15 दिवस में उनकी सिलसिलेवार सतत मॉनीटरिंग भी करें। उन्होंने कहा कि वे स्वयं भी समय-समय पर इसकी समीक्षा करेंगे।
बैठक में श्री शुक्ल ने वितरण और ज्यादा करने के साथ राजस्व वृद्धि के कारगर कदम उठाने तथा बिजली चोरी रोकने के लिये जन-जागरण अभियान चलाने के निर्देश भी दिये। उन्होंने कहा कि पारेषण के क्षेत्र में अर्जित सफलता को दृष्टिगत रखते हुए हमें वितरण के क्षेत्र में भी भी वितरण हानि को और अधिक कम करने के साथ राजस्व संग्रह को बढ़ाना चाहिये। श्री शुक्ल ने बिजली चोरी रोकने के लिये जन-जागरण मुहिम चलाने पर भी जोर दिया।
श्री शुक्ल ने कहा कि पिछला वर्ष मध्यप्रदेश में बिजली की दृष्टि से इसलिये महत्वपूर्ण रहा क्योंकि हमने जहां अप्रत्याशित रूप से बढ़ी हुई बिजली की मांग की आपूर्ति करने में सफलता अर्जित की है वहीं नई बिजली परियोजनाओं को स्थापित करने के लिये ठोस कार्य भी किये हैं। उन्होंने कहा कि पूरे प्रदेश में विद्युत विकास के लिये कार्य किये गये हैं और भविष्य के कार्यों की आधारशिला रखी गई है जिनसे निश्चित रूप से प्रदेश के हर श्रेणी के बिजली उपभोक्ताओं को लाभ मिलेगा।
इस अवसर पर पॉवर ट्रांसमिशन कम्पनी के अध्यक्ष सह प्रबंध निदेशक एवं पूर्व क्षेत्र वितरण कम्पनी के अध्यक्ष सह प्रबंध निदेशक श्री आर.के. वर्मा, राज्य विद्युत मण्डल के सचिव एवं मध्यप्रदेश पॉवर ट्रेडिंग कम्पनी के प्रबंध संचालक श्री पी.के. वैश्य, पॉवर जनरेटिंग कम्पनी के अध्यक्ष सह प्रबंध निदेशक श्री आर.बी. अग्रवाल, मध्यप्रदेश राज्य विद्युत मण्डल के वित्तीय सलाहकार श्री ए.एम. सजनानी, राज्य विद्युत मण्डल के विशेष कर्त्तव्यस्थ अधिकारी श्री संतोष तिवारी सहित कम्पनियों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे। बैठक में सभी कम्पनियों ने अपनी-अपनी योजनाओं की विस्तृत जानकारी दी और विद्युत परिदृश्य पर ऊर्जा मंत्री के समक्ष पॉवर पाइंट प्रजेन्टेशन प्रस्तुत किया।
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