म.प्र. ग्राम न्यायालय अधिनियम, 1996 निरसित
प्रदेश में ग्राम न्यायालय अधिनियम, 2009 लागू किये जाने के फलस्वरूप म.प्र. ग्राम न्यायालय अधिनियम, 1996 निरसित हो गया है।
इसके फलस्वरूप, पूर्व अधिनियम, 1996 के अन्तर्गत गठित किये गये ग्राम न्यायालय अब कार्य नहीं कर सकेंगे। उनमें लंबित सभी सिविल प्रकरण उस जिले के जिला न्यायालय को तथा दाण्डिक प्रकरण उस जिले के मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट को स्वत: अन्तरित हो जाएंगे। लम्बित प्रकरणों में सम्बन्धित पक्षकारों को आगामी तिथि की सूचना जिला न्यायालय से प्राप्त होगी।
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