अभियान में लिया जाऐगा जन-प्रतिनिधियों का सहयोग
प्रदेश में खनिजों के अवैध उत्खनन एवं परिवहन की प्रभावी रोकथाम के लिये एक विशेष अभियान चलाया गया। मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान के निर्देश पर गत 5 से 20 अक्टूबर तक चलाए गए अभियान के बेहतर परिणाम भी मिले।इस अभियान में जहां जन-प्रतिनिधियों का सहयोग लिया गया वहीं आम लोगों को इस संबंध में जागरूक करने की पहल भी की गई। अभियान के दौरान अवैध परिवहन के 965 तथा उत्खनन के 81 प्रकरण दर्ज किये गये। अभियान के तहत सबसे अधिक अवैध परिवहन के 83 प्रकरण भिण्ड जिले में तथा द्वितीय स्थान पर ग्वालियर जिले में 74 प्रकरण दर्ज किये गये। प्रकरणों में अर्थदण्ड के रूप में राशि जमा कराने के साथ ही कलेक्टर एवं एसडीएम न्यायालय को सौंपे गये।
उल्लेखनीय है कि अवैध उत्खनन तथा परिवहन पर नियंत्रण के लिये सभी जिलों में खनिज, राजस्व, वन तथा पुलिस विभाग की भी संयुक्त टीम बनायी गयी। टीम द्वारा खनिज के परिवहन की सघन चैकिंग की गयी। साथ ही इस दौरान जिलों की कुछ खदानों को चिन्हित कर उनका भौतिक सत्यापन भी किया गया।
अभियान के दौरान 965 खनिजों के अवैध परिवहन के प्रकरण कायम किये जाकर 69 लाख 52 हजार रूपये की राशि शासकीय कोष में जमा करायी गयी है। इसी प्रकार अवैध उत्खनन के 81 प्रकरण दर्ज कर एक करोड़ 23 लाख 53 हजार रूपये की राशि अर्थदण्ड के रूप में प्रस्तावित की गयी।
उल्लेखनीय है कि अवैध उत्खनन तथा परिवहन पर नियंत्रण के लिये सभी जिलों में खनिज, राजस्व, वन तथा पुलिस विभाग की भी संयुक्त टीम बनायी गयी। टीम द्वारा खनिज के परिवहन की सघन चैकिंग की गयी। साथ ही इस दौरान जिलों की कुछ खदानों को चिन्हित कर उनका भौतिक सत्यापन भी किया गया।
अभियान के दौरान 965 खनिजों के अवैध परिवहन के प्रकरण कायम किये जाकर 69 लाख 52 हजार रूपये की राशि शासकीय कोष में जमा करायी गयी है। इसी प्रकार अवैध उत्खनन के 81 प्रकरण दर्ज कर एक करोड़ 23 लाख 53 हजार रूपये की राशि अर्थदण्ड के रूप में प्रस्तावित की गयी।
इसमें से 4 लाख 89 हजार रूपये की राशि जमा करायी जाकर शेष प्रकरण संबंधित एसडीएम तथा कलेक्टर न्यायालय में विचाराधीन हैं। खनिजों के अवैध उत्खनन एवं परिवहन के प्रभावी नियंत्रण के लिये चलाए गए अभियान में सबसे अधिक 83 प्रकरण भिण्ड जिले में दर्ज कर 11 लाख 95 हजार रूपये की राशि का अर्थदण्ड जमा कराया गया। द्वितीय स्थान पर ग्वालियर जिले में 74 प्रकरण दर्ज कर 3 लाख 85 हजार रूपये की राशि अर्थदण्ड के रूप में जमा करायी गयी।
इसी प्रकार संभागीय उड़न दस्तों द्वारा 126 अवैध परिवहन के प्रकरण दर्ज कर 7 लाख 5 हजार रूपये राशि का अर्थदण्ड जमा कराया गया तथा अवैध उत्खनन का एक प्रकरण भी दर्ज किया गया। संभागीय उड़नदस्ता में सर्वश्रेष्ठ उपलब्धि ग्वालियर तथा चम्बल संभाग की रही जहां 63 प्रकरण अवैध परिवहन के दर्ज कर 3 लाख 46 हजार रूपये राशि का अर्थदण्ड जमा कराया गया एवं एक प्रकरण अवैध उत्खनन का भी पंजीबद्ध किया गया।
खनिपट्टेधारियों को भी खदान पर स्वीकृत क्षेत्रफल, खसरा क्रमांक, खनिज का नाम आदि अन्य विवरण दर्शाने वाले एक सूचना पटल स्थापित किये जाने के लिये निर्देशित किया गया। साथ ही कुछ खदानों में स्थायी सीमा स्तंभ न होने के कारण संबंधित पट्टेधारियों को कारण बताओ नोटिस जारी किये गये कि उनके विरूद्ध नियमानुसार कार्यवाही की जायेगी।
मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान की मंशा के अनुरूप अवैध उत्खनन तथा परिवहन पर प्रभावी नियंत्रण के लिये सर्वप्रथम आयोजित पखवाड़े के दौरान सभी जिलों में जिला अधिकारियों द्वारा राजस्व, वन, खनिज विभाग के अधिकारियों, सांसद, विधायक, जिला पंचायत अध्यक्ष एवं जनपद अध्यक्ष आदि जनप्रतिनिधियों के साथ बैठक का आयोजन किया गया। इस बैठक में खनिजों की महत्ता तथा पर्यावरण संरक्षण पर प्रकाश डाला गया। खनिजों के अवैध उत्खनन एवं परिवहन पर रोकथाम के लिये किये जाने वाले उपायों पर भी विचार-विमर्श किया गया।
इसी प्रकार संभागीय उड़न दस्तों द्वारा 126 अवैध परिवहन के प्रकरण दर्ज कर 7 लाख 5 हजार रूपये राशि का अर्थदण्ड जमा कराया गया तथा अवैध उत्खनन का एक प्रकरण भी दर्ज किया गया। संभागीय उड़नदस्ता में सर्वश्रेष्ठ उपलब्धि ग्वालियर तथा चम्बल संभाग की रही जहां 63 प्रकरण अवैध परिवहन के दर्ज कर 3 लाख 46 हजार रूपये राशि का अर्थदण्ड जमा कराया गया एवं एक प्रकरण अवैध उत्खनन का भी पंजीबद्ध किया गया।
खनिपट्टेधारियों को भी खदान पर स्वीकृत क्षेत्रफल, खसरा क्रमांक, खनिज का नाम आदि अन्य विवरण दर्शाने वाले एक सूचना पटल स्थापित किये जाने के लिये निर्देशित किया गया। साथ ही कुछ खदानों में स्थायी सीमा स्तंभ न होने के कारण संबंधित पट्टेधारियों को कारण बताओ नोटिस जारी किये गये कि उनके विरूद्ध नियमानुसार कार्यवाही की जायेगी।
मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान की मंशा के अनुरूप अवैध उत्खनन तथा परिवहन पर प्रभावी नियंत्रण के लिये सर्वप्रथम आयोजित पखवाड़े के दौरान सभी जिलों में जिला अधिकारियों द्वारा राजस्व, वन, खनिज विभाग के अधिकारियों, सांसद, विधायक, जिला पंचायत अध्यक्ष एवं जनपद अध्यक्ष आदि जनप्रतिनिधियों के साथ बैठक का आयोजन किया गया। इस बैठक में खनिजों की महत्ता तथा पर्यावरण संरक्षण पर प्रकाश डाला गया। खनिजों के अवैध उत्खनन एवं परिवहन पर रोकथाम के लिये किये जाने वाले उपायों पर भी विचार-विमर्श किया गया।
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