गठन वन विभाग द्वारा किया जायेगा
मध्यप्रदेश के टाईगर रिजर्व क्षेत्र कान्हा, बांधवगढ़ और पेंच के लिये स्पेशल टाईगर प्रोटेक्शन फोर्स (एस.टी.पी.एफ.) का गठन वन विभाग द्वारा किया जायेगा। राष्ट्रीय बाघ संरक्षण प्राधिकरण द्वारा जारी दिशा-निर्देशों के अनुपालन में मध्यप्रदेश में उक्त तीनों क्षेत्रों के लिये तीन एस.टी.पी.एफ. कम्पनी गठित की जायेंगी।
प्रधान मुख्य वन संरक्षक (वन्य प्राणी) श्री आर.एस.नेगी ने बताया कि एस.टी.पी.एफ. की प्रत्येक कम्पनी एक सहायक वन संरक्षण (टाईगर फोर्स) के अधीन होगी और उसमें तीन टाईगर फोर्स परिक्षेत्र अधिकारी होंगे। प्रत्येक कम्पनी में 18 टाईगर फोर्स फारेस्टर और 90 स्पेशल टाईगर गार्डस होंगे। ये नियमित वन रक्षक पद के समकक्ष होंगे। एस.टी.पी.एफ. कम्पनी के सदस्य इसमें 40 वर्ष की आयु होने तक कार्य करेंगे और उसके बाद उनकी सेवाएं वन विभाग में समाहित की जायेंगी। इनके स्थान पर एस.टी.पी.एफ. में नये सदस्य शामिल किये जायेंगे।
प्रत्येक कम्पनी में 3 प्लाटून होंगे। प्रत्येक प्लाटून में एक टाईगर फोर्स परिक्षेत्र अधिकारी, 6 टाईगर फोर्स फारेस्टर और 30 स्पेशल टाईगर गार्डस होंगे। एस.टी.पी.एफ. में 90 में से 30 प्रतिशत स्पेशल टाईगर गार्डस की भरती स्थानीय व्यक्तियों की होगी। प्रत्येक कम्पनी सम्बन्धित टाईगर रिजर्व के क्षेत्र संचालक के नियंत्रण एवं पर्यवेक्षण में कार्य करेगी।
एस.टी.पी.एफ. सदस्यों को राज्य पुलिस और सैन्ट्रल पैरामिलिट्री फोर्सेस से विशेष प्रशिक्षण दिलाया जायेगा। एस.टी.पी.एफ. को आधुनिक हथियार उपलब्ध कराये जायेंगे। साथ ही संचार नेटवर्क के उपकरण भी दिये जायेंगे।
प्रधान मुख्य वन संरक्षक (वन्य प्राणी) श्री आर.एस.नेगी ने बताया कि एस.टी.पी.एफ. की प्रत्येक कम्पनी एक सहायक वन संरक्षण (टाईगर फोर्स) के अधीन होगी और उसमें तीन टाईगर फोर्स परिक्षेत्र अधिकारी होंगे। प्रत्येक कम्पनी में 18 टाईगर फोर्स फारेस्टर और 90 स्पेशल टाईगर गार्डस होंगे। ये नियमित वन रक्षक पद के समकक्ष होंगे। एस.टी.पी.एफ. कम्पनी के सदस्य इसमें 40 वर्ष की आयु होने तक कार्य करेंगे और उसके बाद उनकी सेवाएं वन विभाग में समाहित की जायेंगी। इनके स्थान पर एस.टी.पी.एफ. में नये सदस्य शामिल किये जायेंगे।
प्रत्येक कम्पनी में 3 प्लाटून होंगे। प्रत्येक प्लाटून में एक टाईगर फोर्स परिक्षेत्र अधिकारी, 6 टाईगर फोर्स फारेस्टर और 30 स्पेशल टाईगर गार्डस होंगे। एस.टी.पी.एफ. में 90 में से 30 प्रतिशत स्पेशल टाईगर गार्डस की भरती स्थानीय व्यक्तियों की होगी। प्रत्येक कम्पनी सम्बन्धित टाईगर रिजर्व के क्षेत्र संचालक के नियंत्रण एवं पर्यवेक्षण में कार्य करेगी।
एस.टी.पी.एफ. सदस्यों को राज्य पुलिस और सैन्ट्रल पैरामिलिट्री फोर्सेस से विशेष प्रशिक्षण दिलाया जायेगा। एस.टी.पी.एफ. को आधुनिक हथियार उपलब्ध कराये जायेंगे। साथ ही संचार नेटवर्क के उपकरण भी दिये जायेंगे।
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