वक्फ बोर्डों का कम्प्यूटरीकरण शुरू
वक्फ की सम्पत्ति एवं उसके कार्यों के कुशल प्रबंधन के लिये देश के समस्त राज्यों के वक्फ बोर्ड के अधिकारियों के साथ संबंधित विभागों जैसे राजस्व, पुलिस आदि विभागों के अधिकारियों को प्रशिक्षण दिया जायेगा।
यह बात आज यहां आर.सी.व्ही.पी. नरोन्हा प्रशासन एवं प्रबंधकीय अकादमी में तत्संबंध में राज्यों के वक्फ बोर्ड के मुख्य कार्यपालन अधिकारियों (सी.ई.ओ.) की आयोजित बैठक को संबोधित करते हुए डॉ. एम.आर. हक, सचिव, केन्द्रीय वक्फ परिषद, नई दिल्ली ने बतलाई। बैठक में वक्फ प्रबंधन के प्रशिक्षण के बारे में गहन विचार-विमर्श किया गया।
प्रारंभ में प्रशासन अकादमी महानिदेशक डॉ. संदीप खन्ना ने बैठक में उपस्थित केन्द्रीय वक्फ परिषद सचिव, राज्यों के सी.ई.ओ. एवं अन्य अधिकारियों का स्वागत करते हुए आशा व्यक्त की कि आज की अतिमहत्वपूर्ण इस बैठक में विशेषज्ञों की मदद से वक्फ प्रबंधन के प्रशिक्षण की आदर्श रूपरेखा विचार-विमर्श कर तैयार की जायेगी।
केन्द्रीय वक्फ परिषद सचिव डॉ. हक ने बैठक में जानकारी दी कि वक्फ ऐसी सम्पत्ति है जो गरीबों, विधवाओं, मुसाफिरों के लिये लोगों ने दान कर रखी है। इसमें बहुत सी सम्पत्ति धार्मिक कामों और शिक्षा के लिये दी गई है। इन सम्पत्तियों पर काफी अतिक्रमण है।
प्रारंभ में प्रशासन अकादमी महानिदेशक डॉ. संदीप खन्ना ने बैठक में उपस्थित केन्द्रीय वक्फ परिषद सचिव, राज्यों के सी.ई.ओ. एवं अन्य अधिकारियों का स्वागत करते हुए आशा व्यक्त की कि आज की अतिमहत्वपूर्ण इस बैठक में विशेषज्ञों की मदद से वक्फ प्रबंधन के प्रशिक्षण की आदर्श रूपरेखा विचार-विमर्श कर तैयार की जायेगी।
केन्द्रीय वक्फ परिषद सचिव डॉ. हक ने बैठक में जानकारी दी कि वक्फ ऐसी सम्पत्ति है जो गरीबों, विधवाओं, मुसाफिरों के लिये लोगों ने दान कर रखी है। इसमें बहुत सी सम्पत्ति धार्मिक कामों और शिक्षा के लिये दी गई है। इन सम्पत्तियों पर काफी अतिक्रमण है।
जो वक्फ के पास सम्पत्तियां हैं उनसे भी उतनी आमदनी नहीं हो रही है, जितनी होनी चाहिये। आमदनी जितनी ज्यादा होगी, उतना ज्यादा जन-कल्याण का कार्य होगा। इसके लिये भारत सरकार ने कई योजनाएं शुरू की हैं और कानून को चुस्त-दुरुस्त किया जा रहा है। इस सिलसिले में वक्फ एक्ट संशोधन विधेयक संसद में आने को है।
सारे वक्फ बोर्डों का कम्प्यूटरीकरण का काम शुरू कर दिया गया है, ताकि समस्त रिकार्ड डिजिटिलाईज्ड होकर काम ऑन लाईन शुरू हो जाये। इसके साथ ही वक्फ सम्पत्तियों के विकास के लिये 'केन्द्रीय वक्फ परिषद' की मौजूदा योजना को बड़ा करके एक 'कार्पोरेशन' की शक्ल देने की कोशिश भी जारी है।
लेकिन यह सब तभी कामयाब होगा जब वक्फ का काम करने वाले सरकारी अधिकारियों और वक्फ बोर्ड के अधिकारियों को 'वक्फ-प्रबंधन' का अच्छा प्रशिक्षण दिया जाये। यह काम आर.सी.व्ही.पी. नरोन्हा प्रशासन एवं प्रबंधकीय अकादमी, भोपाल और केन्द्रीय वक्फ परिषद, नई दिल्ली ने मिलकर शुरू किया है। इसमें भारत सरकार का कार्मिक एवं प्रशिक्षण विभाग सहयोग देने को तैयार है।
बैठक में श्री नूरूल हक, गुवाहाटी, श्री ए.के. अंसारी, गुजरात, श्री मुनीर अहमद, कर्नाटक, श्री पी.एम. जमाल, केरला, श्री आसिफ अली एवं श्री मंजूर खान महाराष्ट्र राज्य, श्री इकबाल अहमद खान, हरियाणा, डॉ. एस.एम. जैदी, मध्यप्रदेश ने वक्फ सम्पत्ति के प्रबंधन हेतु अधिकारियों को प्रदान किये जाने वाले प्रशिक्षण हेतु अपने उपयोगी सुझाव दिये। प्रशासन अकादमी के प्रोफेसर नजमी ने बैठक में उपस्थित अधिकारियों का आभार व्यक्त किया।
बैठक में श्री नूरूल हक, गुवाहाटी, श्री ए.के. अंसारी, गुजरात, श्री मुनीर अहमद, कर्नाटक, श्री पी.एम. जमाल, केरला, श्री आसिफ अली एवं श्री मंजूर खान महाराष्ट्र राज्य, श्री इकबाल अहमद खान, हरियाणा, डॉ. एस.एम. जैदी, मध्यप्रदेश ने वक्फ सम्पत्ति के प्रबंधन हेतु अधिकारियों को प्रदान किये जाने वाले प्रशिक्षण हेतु अपने उपयोगी सुझाव दिये। प्रशासन अकादमी के प्रोफेसर नजमी ने बैठक में उपस्थित अधिकारियों का आभार व्यक्त किया।
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