समस्त विभागों, को निर्देश जारी
राज्य शासन ने प्रशासन के विभिन्न स्तरों पर दायित्वों का निर्वहन करने के लिये समय सीमा का निर्धारण किया है। इस संबंध में सामान्य प्रशासन विभाग द्वारा शासन के समस्त विभागों, विभागाध्यक्षों, संभागायुक्तों, कलेक्टर और जिला पंचायत के सीईओ को निर्देश जारी किये गये हैं। उन्हें निर्धारित समय सारणी के अनुसार ही दिन-प्रतिदिन का कार्य संपादित करने के लिये कहा गया है।
राज्य शासन द्वारा सभी अधिकारियों को उनके कार्यालय में प्राप्त होने वाले सीएम मॉनिट, सीएस मॉनिट और जन शिकायत निवारण विभाग के मॉनिट में निर्धारित समय सीमा का अनिवार्य रूप से पालन सुनिश्चित करने के लिये कहा गया है।
राज्य शासन द्वारा सभी अधिकारियों को उनके कार्यालय में प्राप्त होने वाले सीएम मॉनिट, सीएस मॉनिट और जन शिकायत निवारण विभाग के मॉनिट में निर्धारित समय सीमा का अनिवार्य रूप से पालन सुनिश्चित करने के लिये कहा गया है।
कार्यायल में डाक प्राप्ति से लेकर उसके निराकरण तक नस्तियों का परिभ्रमण सुनिश्चित करते हुए हर स्तर पर परिचालन की प्रक्रिया सतत अपडेट की जाए। समय सीमा सारणी में प्रशासन के किसी भी स्तर पर कार्यवाही के लिये एक से अधिकतम पाँच कार्य दिवस निर्धारित किये गये हैं।
आदेश में यह भी कहा गया है कि त्रुटिपूर्ण कार्य के लिये दंड का प्रावधान है। अब से निर्धारित समय सारणी के अनुसार कार्यों का निष्पादन नही करने को कर्तव्य करने में घोर विफलता माना जाकर संबंधित अधिकारी/कर्मचारी के विरूद्ध शास्ति निर्धारण का आधार माना जायेगा।
गौरतलब है कि राज्य शासन द्वारा इससे पहले भी सचिवालयीन कार्यप्रणाली पुस्तिका 'संगठन एवं कार्यप्रणाली' की पुनरीक्षित प्रतियां मंत्रालय स्तर पर सभी अधिकारियों को भेजी गई थीं और इसी के साथ समय सीमा सारणी भी भेजी गई थीं।
आदेश में यह भी कहा गया है कि त्रुटिपूर्ण कार्य के लिये दंड का प्रावधान है। अब से निर्धारित समय सारणी के अनुसार कार्यों का निष्पादन नही करने को कर्तव्य करने में घोर विफलता माना जाकर संबंधित अधिकारी/कर्मचारी के विरूद्ध शास्ति निर्धारण का आधार माना जायेगा।
गौरतलब है कि राज्य शासन द्वारा इससे पहले भी सचिवालयीन कार्यप्रणाली पुस्तिका 'संगठन एवं कार्यप्रणाली' की पुनरीक्षित प्रतियां मंत्रालय स्तर पर सभी अधिकारियों को भेजी गई थीं और इसी के साथ समय सीमा सारणी भी भेजी गई थीं।
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