गृह मंत्री मानव अधिकार आयोग के अध्यक्ष न्यायमूर्ति धर्माधिकारी से सौजन्य भेंट
गृह मंत्री श्री उमाशंकर गुप्ता ने आज मानव अधिकार आयोग के अध्यक्ष न्यायमूर्ति श्री डी.एम. धर्माधिकारी से सौजन्य भेंट की। न्यायमूर्ति और श्री गुप्ता ने मानव अधिकार तथा जनहित के विभिन्न मुद्दों पर चर्चा की। न्यायमूर्ति श्री धर्माधिकारी ने इस बात की ओर श्री गुप्ता को ध्यान दिलाया कि आपराधिक प्रकरणों में विवेचना के स्तर में गुणवत्ता की कमी है।
इस पर श्री गुप्ता ने उन्हें बताया कि बड़े शहरों में पुलिस बल पर कार्य का दबाव कम करने के लिये 1500 पुलिस कर्मियों की भर्ती शीघ्र की जायेगी। इससे विवेचना के स्तर में भी सुधार आयेगा। इस अवसर पर आयोग के सदस्य श्री विजय शुक्ला, रजिस्ट्रार श्री डी.के पुराणिक और प्रमुख सचिव श्री राकेश अग्रवाल भी उपस्थित थे।
न्यायमूर्ति श्री धर्माधिकारी ने श्री गुप्ता को बताया कि आयोग ने मानव अधिकारों की बेहतर रक्षा के लिये अनेक नवाचार किये हैं। इनमें अपराधों से पीड़ित व्यक्तियों को राहत देने के लिये जिला स्तर पर सलाहकार समितियों का गठन भी किया गया है। उन्होंने सुझाव दिया कि पुलिस विभाग द्वारा आयोजित जनसुनवाई में प्रकरणों के प्रभावी निराकरण के लिये इन समितियों का सहयोग लिया जा सकता है।
न्यायमूर्ति श्री धर्माधिकारी ने श्री गुप्ता को बताया कि आयोग ने मानव अधिकारों की बेहतर रक्षा के लिये अनेक नवाचार किये हैं। इनमें अपराधों से पीड़ित व्यक्तियों को राहत देने के लिये जिला स्तर पर सलाहकार समितियों का गठन भी किया गया है। उन्होंने सुझाव दिया कि पुलिस विभाग द्वारा आयोजित जनसुनवाई में प्रकरणों के प्रभावी निराकरण के लिये इन समितियों का सहयोग लिया जा सकता है।
उन्होंने गृह मंत्री को बताया कि आयोग के 18 कर्मचारियों के सेवा भर्ती नियमों का प्रस्ताव शासन के विचाराधीन है। उन्होंने आग्रह किया संबंधित मंत्रियों के साथ समन्वय करके इन कर्मचारियों के सेवा भर्ती नियमों को यथाशीघ्र मंजूरी मिल जाये तो इन कर्मचारियों के साथ न्याय हो सकेगा।
लोकायुक्त तथा आर्बीट्रेशन ट्राइवुन्रल के कर्मचारियों के लिये यह नियम बन चुके हैं। उन्होंने कहा कि आयोग को मध्यप्रदेश शासन ने हर सहयोग दिया है और आशा व्यक्त की कि इस मामले में भी उन्हें शासन का पूरा सहयोग मिलेगा। श्री धर्माधिकारी ने कहा कि मध्यप्रदेश मानव अधिकार आयोग देश में सर्वाधिक सक्रिय आयोग है। आयोग ने पर्यावरण को भी मानव अधिकार के रूप में स्वीकार किया है।
सदस्य श्री विजय शुक्ला ने विभिन्न अवसरों पर भीड़ को तीतरबीतर करने के लिये अनावश्यक बल प्रयोग न किये जाने की आवश्यकता पर बल देते हुये कहा कि जहां आवश्यक हो वहां भी न्यूनतम बल प्रयोग किया जाना चाहिए। अनावश्यक बल प्रयोग से शासन की छवि धूमिल होती है और लोगों के मानव अधिकारों का हनन भी होता है। उन्होंने कहा कि हर जगह बल का प्रयोग आवश्यक और उचित नहीं।
गृह मंत्री श्री गुप्ता ने आश्वासन दिया कि शासन स्तर पर आयोग को हरसंभव सहयोग जारी रहेगा और आयोग द्वारा दिये गये सुझावों का पालन होगा।
सदस्य श्री विजय शुक्ला ने विभिन्न अवसरों पर भीड़ को तीतरबीतर करने के लिये अनावश्यक बल प्रयोग न किये जाने की आवश्यकता पर बल देते हुये कहा कि जहां आवश्यक हो वहां भी न्यूनतम बल प्रयोग किया जाना चाहिए। अनावश्यक बल प्रयोग से शासन की छवि धूमिल होती है और लोगों के मानव अधिकारों का हनन भी होता है। उन्होंने कहा कि हर जगह बल का प्रयोग आवश्यक और उचित नहीं।
गृह मंत्री श्री गुप्ता ने आश्वासन दिया कि शासन स्तर पर आयोग को हरसंभव सहयोग जारी रहेगा और आयोग द्वारा दिये गये सुझावों का पालन होगा।
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