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Friday, November 20, 2009

फ्रेंचाइजी, बिजली उपभोक्ताओं को बेहतर सुविधाएं देने एजेंसी बनें

 गुणवत्तापूर्ण विद्युत प्रदाय के साथ ही राजस्व वृद्धि भी हो
ऊर्जा तथा खनिज साधन राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्री राजेन्द्र शुक्ल ने कहा है कि विद्युत के क्षेत्र में कार्यरत फ्रेंचाइजी, वसूली की एजेंसी न बनकर उपभोक्ताओं को बेहतर सुविधाएं तथा सेवाएं देने वाली संस्था बनें। उन्होंने आदर्श रूप में कार्य करने वाली फ्रेंचाइजी एजेंसी के प्रचार-प्रसार के साथ प्रोत्साहित करने को भी कहा।

उन्होंने उपभोक्ताओं को गुणवत्तापूर्ण बिजली आपूर्ति सुनिश्चित करने के साथ ही राजस्व वृद्धि पर भी जोर दिया। श्री शुक्ल आज यहां विभागीय परामर्शदात्री समिति की बैठक की अध्यक्षता कर रहे थे। बैठक में समिति के सदस्य एवं विधायकद्वय सर्वश्री शिवमंगल सिंह तोमर तथा शांतिलाल धबाई, सचिव ऊर्जा श्री एस.पी.एस. परिहार, अध्यक्ष एवं प्रबंध संचालक म.प्र. मध्य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी लिमिटेड भोपाल श्री संजय शुक्ला, अध्यक्ष एवं प्रबंध संचालक म.प्र पश्चिम क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी लिमिटेड इंदौर श्री राघवेन्द्र कुमार सिंह सहित अन्य विभागीय अधिकारी मौजूद थे।
श्री शुक्ल ने कहा कि फ्रेंचाइजी एजेंसी आदर्श रूप में काम करेंगी तो निश्चित रूप से उपभोक्ताओं को अच्छी सेवाओं के साथ ही सुविधाएं भी मिलेंगी। उन्होंने अच्छा कार्य करने वाली फ्रेंचाइजी को प्रोत्साहित करने को भी कहा। उन्होंने फ्रेंचाइजी माडल पूरे प्रदेश में लागू किये जाने की भी मंशा जाहिर की।
श्री शुक्ल ने कहा कि रबी मौसम में किसानों को निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार बिजली की आपूर्ति सुनिश्चित की जाना चाहिए। साथ ही उपभोक्ताओं को गुणवत्तापूर्ण विद्युत का प्रदाय भी हो। उन्होंने राजस्व वृद्धि पर भी जोर देते हुये कहा कि इससे विद्युत के विकास कार्यों में मदद मिलेगी।
बैठक में श्री शुक्ल ने पुनरीक्षित त्वरित विद्युत विकास एवं सुधार कार्यक्रम (आर-एपीडीआरपी) योजना की प्रगति की समीक्षा की। उन्होंने फीडर बायफरकेशन कार्य की समीक्षा करते हुये कहा कि इसमें तेजी लाई जाना चाहिए। उन्होंने पारेषण और वितरण पर कड़ी निगाह रखने, खराब ट्रांसफार्मरों को शीघ्र बदलने और बिजली चोरी को सख्ती से रोकने के निर्दश भी दिये। उन्होंने इसके लिये विभागीय अमले को पूरी तत्परता से काम करने को भी कहा। उन्होंने इस अवसर पर अधिकारियों से समिति के सदस्यों द्वारा रखे गये सुझावों पर कार्यवाही करने के निर्देश दिये।
बैठक में समिति के सदस्य श्री शिवमंगल सिंह तोमर तथा श्री शांतिलाल धबाई ने महत्वपूर्ण सुझाव रखें। उन्होंने कृषक राहत योजना, किसानों को अधिक से अधिक विद्युत का प्रदाय समूह बनाकर करने, राजस्व बढ़ाने, विद्युत चोरी रोकने, विद्युत कनेक्शन देने, जले तथा बिगड़े ट्रांसफार्मर शीघ्र सुधारने, विद्यमान सब स्टेशनों की क्षमता बढ़ाने आदि के सुझाव रखे।
सचिव श्री एस.पी.एस. परिहार ने बैठक में विभागीय गतिविधियों की विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने कृषक राहत योजना की जानकारी देते हुये बताया कि इसके तहत माह मार्च तक की स्थिति में किसानों द्वारा करीब 197 करोड़ रूपये की राशि जमा करायी गयी है। योजना अनुसार इतनी ही राशि शासन द्वारा विद्युत वितरण कंपनियों को प्रतिपूर्ति के रूप में दी गयी। उन्होंने बताया कि प्रदेश में किसानों को 6 से 10 घंटे तक बिजली आपूर्ति तीन फेस पर दी जा रही है।
सी.एम.डी. श्री संजय शुक्ला ने बैठक में मध्य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी के संबंध में किये जा रहे विस्तार तथा प्रगति की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि अब विद्युत प्रदाय की स्थिति में काफी सुधार आया है। किसानों को तीन फेस पर 10 घंटे बिजली प्रदाय की जा रही है। नियंत्रण कक्ष भी काम कर रहा है, कहीं से भी शिकायत आने पर उसका निराकरण किया जा रहा है। उन्होंने विभिन्न जिलों में फीडर विभक्तिकरण कार्य की जानकारी भी दी।
सी.एम.डी. पश्चिम क्षेत्र विद्युत वितरण कम्पनी श्री राघवेन्द्र कुमार सिंह ने अपनी कम्पनी से संबंधित कार्यों की प्रगति से अवगत कराते हुये बताया कि एक योजना बनाकर कनेक्शनों का नियमितीकरण किया जा रहा है। इस योजना को दिसम्बर माह तक पूरा कर लिया जायेगा। उन्होंने अपनी कम्पनी अंतर्गत ग्राम पंचायत वाले फ्रेंचाइजी माडल के बारे में भी बताया। साथ ही उन्होंने कम्पनी द्वारा किये जा रहे विकास कार्यों से भी अवगत कराया।
बैठक में अपर सचिव ऊर्जा श्री आर.के. कटारे, मुख्य अभियंता म.प्र. पूर्व वितरण क्षेत्र कम्पनी जबलपुर श्री ए.आर.अग्रवाल, मुख्य अभियंता (सिविल) पी.एन.डी म.प्र. पावर जनरेटिंग कम्पनी जबलपुर श्री गोपेश्वर वर्मा सहित अन्य विभागीय अधिकारी मौजूद थे।

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