प्रदेश में तीन करोड़ बांस पौधे लगाये जायेंगे
मध्यप्रदेश में वर्ष 2010 को वन विभाग बांस वर्ष के रूप में मनायेगा। वन मंत्री श्री सरताज सिंह ने बताया कि बांस वर्ष 2010 के लिये प्राथमिक तौर पर तीन करोड़ बांस के पौधे वन एवं अन्य क्षेत्रों में लगाने का लक्ष्य तय किया गया है। इस कार्यक्रम को व्यापक जनाधार देने के लिये पर्यावरण वानिकी एवं विद्यावन जैसी योजनाओं में भी बांस रोपण किया जायेगा।श्री सरताज सिंह ने बताया कि बांस वर्ष 2010 के लक्ष्य की पूर्ति के लिये विभिन्न शासकीय एवं अशासकीय संस्थाओं के पास उपलब्ध सुरक्षित क्षेत्रों का भी उपयोग किया जायेगा। गांवों में तालाबों के किनारे तथा अन्य उपयुक्त सार्वजनिक स्थानों पर भी बांस रोपण कराया जायेगा। इसके लिये संबंधित संयुक्त वन प्रबंध समितियों, ग्राम सभाओं एवं ग्राम पंचायतों को इस कार्य से जोड़ा जायेगा।
वन मंत्री ने बताया कि बांस वर्ष 2010 के लिये अभी से विभिन्न स्तरों पर प्रचार तंत्रों के माध्यम से व्यापक प्रचार-प्रसार किया जायेगा। जिले के संबंधित प्रभारी मंत्रियों एवं अन्य सभी जन-प्रतिनिधियों के माध्यम से भी बैठकों में इसकी जानकारी दी जायेगी और क्षेत्रीय नागरिकों से अपील की जायेगी।
बांस वर्ष 2010 मनाने के संबंध में शासन द्वारा निर्देश भी जारी कर दिये गये हैं। निर्देशों में कहा गया है कि अनुसंधान एवं विस्तार शाखा की क्षेत्रीय इकाईयां जिलेवार उपलब्ध बांस के पौधों का आकलन करें। जिन जिलों में बांस पुष्पन हुआ है, उन जिलों में बांस बीज की उपलब्ध मात्रा से प्रधान मुख्य वन संरक्षक को 20 दिसम्बर तक अवगत कराया जाये।
सभी क्षेत्रीय वन अधिकारी अपने क्षेत्र का आकलन करें कि वन क्षेत्रों तथा वन क्षेत्रों के बाहर किस-किस विशिष्ट क्षेत्र में कितने-कितने क्षेत्रफल में पौधे लगाये जा सकेंगे और ऐसे क्षेत्रों की अभी से पहचान की जाये। वन क्षेत्रों तथा नगरीय क्षेत्रों में आकलन की जिम्मेदारी संबंधित वन मण्डलाधिकारी को दी गई है। वन क्षेत्रों के बाहर ग्रामीण क्षेत्रों में आकलन की जिम्मेदारी अनुसंधान एवं विस्तार इकाईयों की होगी।
वन मंत्री ने बताया कि बांस वर्ष 2010 के लिये अभी से विभिन्न स्तरों पर प्रचार तंत्रों के माध्यम से व्यापक प्रचार-प्रसार किया जायेगा। जिले के संबंधित प्रभारी मंत्रियों एवं अन्य सभी जन-प्रतिनिधियों के माध्यम से भी बैठकों में इसकी जानकारी दी जायेगी और क्षेत्रीय नागरिकों से अपील की जायेगी।
बांस वर्ष 2010 मनाने के संबंध में शासन द्वारा निर्देश भी जारी कर दिये गये हैं। निर्देशों में कहा गया है कि अनुसंधान एवं विस्तार शाखा की क्षेत्रीय इकाईयां जिलेवार उपलब्ध बांस के पौधों का आकलन करें। जिन जिलों में बांस पुष्पन हुआ है, उन जिलों में बांस बीज की उपलब्ध मात्रा से प्रधान मुख्य वन संरक्षक को 20 दिसम्बर तक अवगत कराया जाये।
सभी क्षेत्रीय वन अधिकारी अपने क्षेत्र का आकलन करें कि वन क्षेत्रों तथा वन क्षेत्रों के बाहर किस-किस विशिष्ट क्षेत्र में कितने-कितने क्षेत्रफल में पौधे लगाये जा सकेंगे और ऐसे क्षेत्रों की अभी से पहचान की जाये। वन क्षेत्रों तथा नगरीय क्षेत्रों में आकलन की जिम्मेदारी संबंधित वन मण्डलाधिकारी को दी गई है। वन क्षेत्रों के बाहर ग्रामीण क्षेत्रों में आकलन की जिम्मेदारी अनुसंधान एवं विस्तार इकाईयों की होगी।
अनुसंधान एवं विस्तार इकाईयां प्रत्येक विकासखण्ड में कम से कम एक गांव चिन्हित करेंगी जहां प्रत्येक कृषक की भूमि एवं सार्वजनिक भूमि में रोपण के लिये प्रचार-प्रसार कर नियोजन किया जायेगा। वन के अलावा अन्य भूमि में भी क्षेत्र तैयारी का कार्य विभागीय रोपण की भांति भूमि स्वामित्व वाली संस्था/व्यक्ति के माध्यम से अग्रिम रूप से कराया जाये। इस प्रकार चिन्हित किये गये रोपण स्थलों के लिये पौधे तैयार करने की कार्यवाही तत्काल शुरू की जाये।
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