तृतीय आर.के. तन्खा मेमोरियल मूट कोर्ट का शुभारंभ
Bhopal:Friday, October 23, 2009:Updated 22:35IST मुख्यमंत्री श्री शिवराजसिंह चौहान ने कहा कि आम आदमी की जिंदगी से खिलवाड़ करने वाले लोग कानून का लाभ लेकर बच नहीं पायें, इसके लिये कानूनी प्रावधानों की खामियों को दूर करने की जरूरत है। श्री चौहान आज रात नेशनल लॉ इंस्टीट्यूट यूनिवर्सिटी में जस्टिस आर.के. तन्खा मेमोरियल तीसरी मूट कोर्ट के शुभारंभ समारोह में बोल रहे थे।श्री चौहान ने कहा कि आम आदमी को सस्ता और सुलभ न्याय प्रदान करने के लिये ग्राम न्यायालय एक अच्छा प्रयोग है। उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश ने भोपाल जिले की बैरसिया तहसील में ग्राम न्यायालय का शुभारंभ कर देश में सबसे पहले इस प्रयोग को अंगीकार किया है।
श्री चौहान ने कहा कि सरकार के साथ समाज को खड़ा किये बगैर प्रदेश का विकास संभव नहीं है। उन्होंने कहा कि प्रदेश के स्थापना दिवस एक नवम्बर 2009 को सरकार के साथ समाज को खड़ा करने का व्यापक अभियान शुरू किया जायेगा।
श्री चौहान ने बार-बार होने वाले चुनावों को प्रदेश और देश के विकास में बड़ा अवरोध बताया। उन्होंने कहा कि पांच साल में एक बार लोकसभा और विधानसभाओं के चुनाव एक साथ करवाने के लिये संविधान में संशोधन किया जाना चाहिये।
श्री चौहान ने कहा कि नेशनल लॉ इंस्टीट्यूट यूनिवर्सिटी मध्यप्रदेश का गौरव है। उन्होंने कहा कि देश के विधि शिक्षण संस्थानों की रेटिंग में तीसरा स्थान प्राप्त करने वाली इस यूनिवर्सिटी को प्रथम स्थान पाने के लिये सभी संभव संसाधन और सहयोग राज्य शासन द्वारा दिया जायेगा।
श्री चौहान ने यूनिवर्सिटी के विद्यार्थियों के उज्जवल भविष्य की भी कामना की। प्रारंभ में श्री चौहान ने जस्टिस आर.के. तन्खा को श्रद्धांजलि दी। कार्यक्रम में श्री चौहान ने मूट कोर्ट पर केन्द्रित स्मारिका और जस्टिस श्री दीपक वर्मा ने प्रो. दीक्षित के शोध प्रबंध का भी लोकार्पण किया।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि उच्चतम न्यायालय के न्यायाधीश जस्टिस दीपक वर्मा ने विधि शिक्षा के क्षेत्र में तीन साल के पाठ्यक्रम की जगह पांच साला पाठ्यक्रम को एक बड़ा कदम बताया। उन्होंने कहा कि विधि शिक्षण संस्थानों की स्थापना का उद्देश्य विधि क्षेत्र में पेशेवर दक्षता की वृद्धि है न कि कार्पोरेट सेक्टर और मल्टी नेशनल कंपनियों के लॉ हाउसों के लिये अमला उपलब्ध करवाना। श्री वर्मा ने विधिक दक्षता के लिये अनिवार्य तत्वों को भी विद्यार्थियों से शेयर किया।
कार्यक्रम के विशेष अतिथि भारत सरकार के अतिरिक्त सॉलिसिटर जनरल श्री विवेक कृष्ण तन्खा ने कहा कि असफलताएं उपलब्धियों के रास्ते का अवरोध नहीं होतीं। असफलताएं उपलब्धियों की प्राप्ति के लिये और अधिक परिश्रम के लिये प्रेरित करती हैं। श्री तन्खा ने कहा कि शिक्षण संस्थान पत्थरों से नहीं वहां के शिक्षकों और विद्यार्थियों से बनते हैं। श्री तन्खा ने यूनिवर्सिटी को ऐसा ही संस्थान बताया।
यूनिवर्सिटी के डायरेक्टर डॉ. एस.एस. सिंह ने स्वागत भाषण दिया। प्रो. दीक्षित ने अपने शोध प्रबंध का वाचन किया। प्रारंभ में अतिथियों द्वारा दीप प्रज्वलन के बाद यूनिवर्सिटी के छात्र-छात्राओं ने अतिथियों का स्वागत किया। यूनिवर्सिटी की मूट कोर्ट ऐसोसिएशन की संयोजक सुश्री श्रुति ने ऐसोसिएशन की गतिविधियों पर प्रकाश डाला। यूनिवर्सिटी के रजिस्ट्रार श्री सी.एस. गर्ग ने अतिथियों को स्मृति-चिन्ह भेंट किये।
यूनिवर्सिटी में तृतीय जस्टिस आर.के. तन्खा मेमोरियल नेशनल मूट कोर्ट कॉम्पटीशन, 2009 का आयोजन 23 से 25 अक्टूबर 2009 के बीच किया जा रहा है। इस प्रतियोगिता में देश भर के विभिन्न विधि विश्वविद्यालयों एवं कॉलेजों की टीमें भाग ले रही हैं।
प्रतियोगिता का विषय किसी राज्य विधायिका द्वारा बनाये गये नगर नियोजन अधिनियम में संशोधन की संवैधानिकता पर आधारित है। यह विवाद एक काल्पनिक राज्य-विन्ध्याचल राज्य की राजधानी को लेकर बनाया गया है जो पिछड़ा राज्य और विकास की संभावनाएं कम होने के कारण कार्पोरेट निवेशों से दूर रहा है।
इस राज्य में बेरोजगारी, अशिक्षा और बढ़ती नगरीय जनसंख्या जैसी अनगिनत समस्याएं हैं। इस विषय में भ्रष्टाचार और स्टिंग आपरेशन जैसे मुद्दे भी समाहित हैं। यह याचिका एक जनहित याचिका के रूप में एक रजिस्टर्ड संस्था द्वारा लगाई गई है, जिसके संबंध इस काल्पनिक प्रदेश के ही प्रमुख राजनैतिक दल में से एक के साथ बताए गए हैं।
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