राज्य शासन ने राज्य में कार्यरत अखिल भारतीय सेवाओं के सदस्यों को 1.7.2009 से कतिपय उपबंधों पर पुनरीक्षित दरों से मंहगाई भत्ता भुगतान करने की स्वीकृति प्रदान की है। इस संबंध में सामान्य प्रशासन विभाग द्वारा आज आदेश जारी किया गया है।
इस आदेश के अनुसार पुनरीक्षित दरों से मंहगाई भत्तों का नियमन वित्त मंत्रालय के ज्ञापन दिनांक 18.9.2009 में बताई गई राशि से होगा। देय मंहगाई भत्ते का भुगतान 1.7.2009 से नगद किया जायेगा। मंहगाई भत्ते की गणना पे बैण्ड एवं ग्रेड पे के योग पर की जायेगी। जिसमें विशेष वेतन, व्यक्तिगत वेतन शामिल नहीं होगा। मंहगाई भत्ते का कोई भाग वेतन नहीं माना जायेगा।
इस आदेश के विपरीत अधिक भुगतान पाये जाने की दशा में अधिक भुगतान की राशि संबंधित भुगतान पाने वाले अधिकारी से वसूली योग्य होगी। एरियर्स के देयक उसी कार्यालय द्वारा बनाये जायेंगे जहां उसे उक्त अवधि के लिए संबंधित अधिकारी का वेतन आहरित किया गया हो।
इस आदेश के प्रकाश में प्रत्येक अधिकारी के पक्ष में व्यक्तिगत रूप से प्राधिकार पत्र जारी नहीं किये जायेंगे। सामान्य प्रशासन विभाग द्वारा जारी आदेश में निर्देश दिये गये हैं कि वेतन पर्चियों को इस आदेश के अनुरूप संशोधित मानकर अखिल भारतीय सेवा के अधिकारियों को दिनांक 1.7.2009 से पुनरीक्षित दरों से मंहगाई भत्ते का भुगतान पूर्व में भुगतान की गई राशि का समायोजन करते हुए उपबंधों में बताये अनुसार किया जाए।
गौरतलब है कि भारत सरकार के कर्मचारियों को केन्द्रीय वित्त मंत्रालय द्वारा 1.7.2009 से पुनरीक्षित दरों से मंहगाई भत्ता स्वीकृत किया गया है। अखिल भारतीय सेवाएं (मंहगाई भत्ता) नियम, 1972 के तहत ये पुनरीक्षित दरें अखिल भारतीय सेवाओं के सदस्यों को लागू हो गई हैं।
इस आदेश के अनुसार पुनरीक्षित दरों से मंहगाई भत्तों का नियमन वित्त मंत्रालय के ज्ञापन दिनांक 18.9.2009 में बताई गई राशि से होगा। देय मंहगाई भत्ते का भुगतान 1.7.2009 से नगद किया जायेगा। मंहगाई भत्ते की गणना पे बैण्ड एवं ग्रेड पे के योग पर की जायेगी। जिसमें विशेष वेतन, व्यक्तिगत वेतन शामिल नहीं होगा। मंहगाई भत्ते का कोई भाग वेतन नहीं माना जायेगा।
इस आदेश के विपरीत अधिक भुगतान पाये जाने की दशा में अधिक भुगतान की राशि संबंधित भुगतान पाने वाले अधिकारी से वसूली योग्य होगी। एरियर्स के देयक उसी कार्यालय द्वारा बनाये जायेंगे जहां उसे उक्त अवधि के लिए संबंधित अधिकारी का वेतन आहरित किया गया हो।
इस आदेश के प्रकाश में प्रत्येक अधिकारी के पक्ष में व्यक्तिगत रूप से प्राधिकार पत्र जारी नहीं किये जायेंगे। सामान्य प्रशासन विभाग द्वारा जारी आदेश में निर्देश दिये गये हैं कि वेतन पर्चियों को इस आदेश के अनुरूप संशोधित मानकर अखिल भारतीय सेवा के अधिकारियों को दिनांक 1.7.2009 से पुनरीक्षित दरों से मंहगाई भत्ते का भुगतान पूर्व में भुगतान की गई राशि का समायोजन करते हुए उपबंधों में बताये अनुसार किया जाए।
गौरतलब है कि भारत सरकार के कर्मचारियों को केन्द्रीय वित्त मंत्रालय द्वारा 1.7.2009 से पुनरीक्षित दरों से मंहगाई भत्ता स्वीकृत किया गया है। अखिल भारतीय सेवाएं (मंहगाई भत्ता) नियम, 1972 के तहत ये पुनरीक्षित दरें अखिल भारतीय सेवाओं के सदस्यों को लागू हो गई हैं।
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