सेवानिवृत्त दो मुख्य अभियंताओं पर भी नियमानुसार कार्यवाही
राज्य शासन ने जल संसाधन विभाग के 21 इंजीनियरों को गंभीर वित्तीय अनियमितताओं, निर्माण कार्यों में की गई अनियमितताओं और सामग्री क्रय में भण्डार क्रय नियमों के उल्लंघन के लिये प्रथम दृष्टया उत्तरदायी पाये जाने पर तत्काल प्रभाव से निलंबित किये जाने के आदेश जारी किये हैं।गौरतलब है कि जल संसाधन मंत्री श्री जयंत मलैया ने विधानसभा में भ्रष्टाचार संबंधी शिकायतों पर जांच के बाद कड़ी कार्यवाही करने की घोषणा की थी। इसी तारतम्य में राज्य शासन के भ्रष्टाचार के विरुद्ध संकल्पित अभियान के तहत श्री मलैया ने जांच प्रतिवेदन प्राप्त होने पर दोषी अधिकारियों को निलंबित करने के आदेश दिये।
जल संसाधन विभाग द्वारा मुख्य अभियंता गंगा कछार रीवा के एम.पी.डब्ल्यू.एस.आर.पी. के अंतर्गत विभिन्न संभागों में उपयोग की गई धनराशि आवंटन के विरुद्ध व्यय की प्रतिपूर्ति में गंभीर वित्तीय अनियमितताओं के लिये प्रथम दृष्टया उत्तरदायी पाये जाने पर 6 सहायक यंत्री/प्रभारी कार्यपालन यंत्रियों को तत्काल प्रभाव से निलंबित करने के आदेश जारी किये हैं। निलंबित अधिकारियों के नाम, पदनाम और पदस्थापना स्थान इस प्रकार है-
एन.पी. द्विवेदी, सहायक यंत्री/प्रभारी कार्यपालन यंत्री, लोवर सिंहावल नहर संभाग चुरहट जिला सीधी
आर.एस. गौतम सहायक यंत्री/प्रभारी कार्यपालन यंत्री, जल संसाधन विभाग संभाग रीवा
आर. सिंह, अनुविभागीय अधिकारी जल संसाधन उप संभाग, उचहरा
टी.के. श्रीवास्तव, अनुविभागीय अधिकारी जल संसाधन उप संभाग, अमरपाटन
एन.डी. मिश्रा, अनुविभागीय अधिकारी जल संसाधन उप संभाग, सतना
राजेश तिवारी, अनुविभागीय अधिकारी जल संसाधन उप संभाग, रीवा
निलंबित सातों अधिकारियों का निलंबन अवधि में मुख्यालय कार्यालय मुख्य अभियंता गंगा कछार रीवा निर्धारित किया गया है।
जल संसाधन विभाग द्वारा आज जारी किये एक अन्य आदेश में राजघाट नहर परियोजना दतिया के अंतर्गत सिंघ फेस-II योजना के निर्माण कार्यों में की गई अनियमिताओं और सामग्री क्रय में भंडार क्रय नियमों के उल्लंघन के लिये प्रथम दृष्टया उत्तरदायी पाये जाने पर 15 कार्यपालन यंत्री, उपयंत्री और अनुविभागीय अधिकारियों को तत्काल प्रभाव से निलंबित किया गया है। निलंबित अधिकारियों के नाम, पदनाम और पदस्थापना स्थान इस प्रकार है-
सी.एम. मिश्रा, कार्यपालन यंत्री हरसी उच्च स्तरीय नहर संभाग, डबरा
ए.के. दीक्षित, कार्यपालन यंत्री हरसी उच्च स्तरीय नहर संभाग क्रमांक-2, ग्वालियर
आर.के. श्रीवास्तव, अनुविभागीय अधिकारी (तत्कालीन प्रभारी कार्यपालन यंत्री) हरसी उच्च स्तरीय नहर संभाग क्रमांक-2, ग्वालियर
एम.एस. भदोरिया, अनुविभागीय अधिकारी हरसी उच्च स्तरीय नहर उप संभाग, शिवपुरी
पी.एस. बाथम, अनुविभागीय अधिकारी हरसी उच्च स्तरीय नहर उप संभाग, नरवर
के.एन. शर्मा, अनुविभागीय अधिकारी हरसी उच्च स्तरीय नहर उप संभाग, डबरा
उदय लाले, अनुविभागीय अधिकारी हरसी उच्च स्तरीय नहर उप संभाग, ग्वालियर
पी.एस. शर्मा, उपयंत्री एवं तत्कालीन प्रभारी अनुविभागीय अधिकारी हरसी उच्च स्तरीय नहर उप संभाग, डबरा
व्ही.के. कोन्डे, उपयंत्री एवं तत्कालीन प्रभारी अनुविभागीय अधिकारी हरसी उच्च स्तरीय नहर उप संभाग, ग्वालियर
आर.के. नाहर, अनुविभागीय अधिकारी हरसी उच्च स्तरीय नहर उप संभाग क्रमांक-5 मकौड़ा
एम.एल. साहू, अनुविभागीय अधिकारी हरसी उच्च स्तरीय डिस्ट्री उप संभाग क्रमांक-1 उटीला
डी.सी. मुड़िया, अनुविभागीय अधिकारी हरसी उच्च स्तरीय नहर उप संभाग क्रमांक-4 ग्वालियर
एम.के. वरहा, अनुविभागीय अधिकारी हरसी उच्च स्तरीय नहर उप संभाग क्रमांक-6 मौ
के.एन. चतुर्वेदी, अनुविभागीय अधिकारी (वि/यां) वि/यां उप संभाग क्रमांक-1 शिवपुरी
जी.एन. सिंह, अनुविभागीय अधिकारी हरसी उच्च स्तरीय डिस्ट्री उप संभाग क्रमांक-3 मकौड़ा
निलंबित 15 अधिकारियों का निलंबन अवधि में मुख्यालय कार्यालय मुख्य अभियंता यमुना कछार जल संसाधन विभाग ग्वालियर निर्धारित किया गया है।
जल संसाधन मंत्री श्री मलैया ने गंगा कछार रीवा और राजघाट नहर परियोजना दतिया के तत्कालीन दोनों मुख्य अभियंताओं (अब सेवानिवृत्त) जे.एम. गनवदिया और एच.डी. जोशी के विरुद्ध भी नियमानुसार कार्यवाही करने के आदेश दिये हैं। जांच प्रतिवेदन में इन दोनों अधिकारियों को भी अनियमितताओं के लिये प्रथम दृष्टया उत्तरदायी पाया गया है।
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