मुख्यमंत्री श्री चौहान से कोपनहेगन सम्मेलन की प्रतिभागी छात्राओं की भेंट
मुख्यमंत्री श्री शिवराजसिंह चौहान ने कहा है कि प्रदेश में पर्यावरण की रक्षा का कार्य पूरी प्राथमिकता से होगा। हरियाली बढ़ाने, स्वच्छता के प्रति जागरूकता, पानी, बिजली की बचत और नशामुक्ति, 'आओ मध्यप्रदेश बनायें' अभियान के प्रमुख विषय हैं।
आम जनता के सहयोग से इस दिशा में निरंतर प्रयास बढ़ाये जायेंगे। मुख्यमंत्री श्री चौहान आज यहां निवास पर कोपनहेगन अंतर्राष्ट्रीय पर्यावरण सम्मेलन की प्रतिभागी छात्राओं एवं उनके अभिभावकों से चर्चा कर रहे थे।
मुख्यमंत्री श्री चौहान ने अंतर्राष्ट्रीय मंच पर देश का प्रतिनिधित्व कर रही छात्राओं के रूप में मध्यप्रदेश की प्रतिभाशाली छात्राओं के चयन पर प्रसन्नता व्यक्त की। उन्होंने छात्राओं को इस उपलब्धि के लिये हार्दिक बधाई और उज्जवल भविष्य के लिये शुभकामनाएं दीं।
मुख्यमंत्री श्री चौहान ने अंतर्राष्ट्रीय मंच पर देश का प्रतिनिधित्व कर रही छात्राओं के रूप में मध्यप्रदेश की प्रतिभाशाली छात्राओं के चयन पर प्रसन्नता व्यक्त की। उन्होंने छात्राओं को इस उपलब्धि के लिये हार्दिक बधाई और उज्जवल भविष्य के लिये शुभकामनाएं दीं।
मुख्यमंत्री श्री चौहान को भोपाल की कक्षा बारहवीं की छात्रा कु. आद्या दुबे और कक्षा दसवीं की छात्रा कु. रमशा साजिद के अलावा धार जिले की कक्षा नवमीं की छात्रा कु. कविता चौहान से सम्मेलन में की गई भागीदारी की जानकारी दी। कु. आद्या ने मुख्यमंत्री श्री चौहान को विशेष कैंडिल और सम्मेलन के अवसर पर जारी पर्यावरण कैलेण्डर भेंट किया। कु. रमशा ने मुख्यमंत्री श्री चौहान को अंग्रेजी में लिखे उस निबंध की प्रति भी भेंट की जिसके लेखन के लिये कु. रमशा का चयन इस सम्मेलन के लिये किया गया।
कु. आद्या का चयन श्रेष्ठतम हिन्दी निबंध के आधार पर हुआ। भोपाल की दोनों छात्राओं कु. आद्या और कु. रमशा का सम्मेलन में भागीदारी के लिये चयन भारत सरकार की ओर से किया गया। धार जिले की छात्रा कु. कविता स्वैच्छिक संगठन की प्रतिनिधि के रूप में सम्मेलन में शामिल हुई। जिले के गंगा नगर की आदिवासी आश्रम की यह छात्रा सबसे कम आयु की प्रतिभागी थी।
मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कु. कविता द्वारा बनाए गए पानी के पुन: उपयोग पर केन्द्रित विज्ञान मॉडल के निर्माण के लिये सराहना की। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि आदिवासी बहुल क्षेत्र में स्वैच्छिक संगठन वसुधा की ओर से कु. कविता को अंतर्राष्ट्रीय सम्मेलन में भागीदारी के लिये मिला प्रोत्साहन प्रशंसनीय है। यूनीसेफ द्वारा भी कविता को मॉडल निर्माण के लिये प्रेरित किया गया। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने वसुधा की संचालक सुश्री गायत्री परिहार और आदिवासी कन्या आश्रम अधीक्षिका सुश्री सजन चौहान के प्रयासों को महत्वपूर्ण बताया।
मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कु. आद्या के माता-पिता श्री राजीव दुबे-डॉ. सुषमा दुबे, कु. रमशा के माता-पिता श्री एस.यू. साजिद-श्रीमती इशरत साजिद और कु. कविता के माता-पिता श्री रमेश चौहान-श्रीमती पुनीबाई चौहान को भी छात्राओं की उपलब्धि के लिये बधाई दी।
छह दिसम्बर से शुरू तेरह दिवसीय कोपनहेगन सम्मेलन में लगभग दो सौ देशों के प्रतिनिधियों से हिस्सा लिया। बाल प्रतिभागियों में 45 राष्ट्रों के 145 प्रतिभागी शामिल थे। सम्मेलन में विशेष रूप से जलवायु परिवर्तन के संबंध में विचार-विमर्श किया गया। केन्द्रीय पर्यावरण एवं वन मंत्री श्री जयराम रमेश ने कोपनहेगन सम्मेलन में जाने के पूर्व भोपाल की आद्या एवं रमशा को पृथ्वीरत्न पुरस्कार भी दिया।
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मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कु. आद्या के माता-पिता श्री राजीव दुबे-डॉ. सुषमा दुबे, कु. रमशा के माता-पिता श्री एस.यू. साजिद-श्रीमती इशरत साजिद और कु. कविता के माता-पिता श्री रमेश चौहान-श्रीमती पुनीबाई चौहान को भी छात्राओं की उपलब्धि के लिये बधाई दी।
छह दिसम्बर से शुरू तेरह दिवसीय कोपनहेगन सम्मेलन में लगभग दो सौ देशों के प्रतिनिधियों से हिस्सा लिया। बाल प्रतिभागियों में 45 राष्ट्रों के 145 प्रतिभागी शामिल थे। सम्मेलन में विशेष रूप से जलवायु परिवर्तन के संबंध में विचार-विमर्श किया गया। केन्द्रीय पर्यावरण एवं वन मंत्री श्री जयराम रमेश ने कोपनहेगन सम्मेलन में जाने के पूर्व भोपाल की आद्या एवं रमशा को पृथ्वीरत्न पुरस्कार भी दिया।