कृषकों को 3 प्रतिशत के ब्याज पर ऋण देने के प्रावधान
मुख्यमंत्री श्री शिवराजसिंह चौहान ने कहा है कि आज विधानसभा में प्रस्तुत मध्यप्रदेश का बजट समृद्धि और विकास का बजट है। यह बजट गरीबोन्मुखी, ग्रामोन्मुखी और दिशानोन्मुखी है। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि स्वर्णिम मध्यप्रदेश के लक्ष्य को पूरा करने के लिए बजट में पर्याप्त प्रावधान किया गया है।
इसके साथ ही मंथन समूहों द्वारा राज्य सरकार की प्राथमिकताओं के आधार पर की गई अनुशंसाओं पर कदम उठाने के लिए भी इसमें राशि का प्रावधान है। प्रत्येक गांव को सड़क से जोड़ने के उद्देश्य से उन ग्रामों को भी मुख्यमंत्री सड़क योजना के अन्तर्गत लाया जायेगा जहां प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के प्रावधानों के अंतर्गत सड़क निर्मित नहीं हो सकती।मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि विद्युत आपूर्ति व्यवस्था में सुधार के लिए फीडर सेपरेशन का कार्य हो या कृषि को लाभ का व्यवसाय बनाने का लक्ष्य, इस बजट में आवश्यक प्रावधान किये गये हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि अधोसंरचना विकास पर बजट में विशेष बल दिया गया है। प्रदेश में कृषि क्षेत्र, सेवा क्षेत्र और उद्योग क्षेत्र में विकास के लिए किये गये प्रयासों को सफलता भी मिली है। यही वजह है कि इस वर्ष विकास दर 8.76 प्रतिशत तक पहुंच गई है जो पूर्व शासनकाल में ऋणात्मक थी। अब ग्रोथ रेट में निरन्तर वृद्धि हो रही है।
मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कृषकों को 3 प्रतिशत के नाममात्र ब्याज पर ऋण देने के प्रावधान को राज्य सरकार की किसान कल्याण नीति का परिचायक बताते हुए जानकारी दी कि इस मद में 100 करोड़ रुपये की राशि रखी गई है। यह राशि आवश्यकतानुसार बढ़ायी जायेगी। श्री चौहान ने कहा कि गेहूं पर न्यूनतम समर्थन मूल्य पर प्रति क्विंटल 100 रुपये अतिरिक्त बोनस राशि प्रदान की जायेगी।
श्री चौहान ने कहा कि बजट में उद्योग मित्र योजना का प्रावधान भी बढ़ाया गया है। उन्होंने अधिक निवेश के लिए निरन्तर प्रयास करते हुए प्रदेश में निवेश के मार्ग में आने वाली बधायें दूर करने की बात भी कही। श्री चौहान ने कहा कि महिला सशक्तिकरण के लिए बजट में पर्याप्त धनराशि रखी गई है। लाड़ली लक्ष्मी योजना में 300 करोड़ का प्रावधान किया गया है। इसके अलावा जननी सुरक्षा योजना एवं मुख्यमंत्री कन्यादान योजना के लिये भी पर्याप्त धनराशि रखी गई है।
मुख्यमंत्री ने सभी वर्गों के विद्यार्थियों के लिए भी बजट को लाभकारी बताया है। अनुसूचित जाति, जनजाति, पिछड़ा वर्ग एवं सामान्य निर्धन वर्ग के विद्यार्थियों की बेहतर शिक्षा व्यवस्था के लिए बजट में प्रावधान किया गया है।
मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि बुन्देलखंड के लिए पैकेज के नाम पर भारत सरकार ने मात्र 4000 हजार करोड़ रुपये मंजूर किये हैं और इस पैकेज में तीन वर्ष में मात्र 1800 करोड़ रुपये की राशि दी जायेगी। जबकि बुन्देलखंड के विकास के लिए 24 हजार 244 करोड़ रुपये के विशेष पैकेज की मांग की गई थी। शेष राशि उन्हीं योजनाओं से उपलब्ध करायी जानी है जो प्रदेश में पहले से चल रही हैं। इन योजनाओं के लिए कोई अतिरिक्त राशि उपलब्ध कराने का आश्वासन भारत सरकार से नहीं मिला है। इस राशि के समय पर उपयोग के लिए पृथक से नयी मांग संख्या का सृजन किया गया है।

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