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Saturday, January 16, 2010

जप्त शक्कर का जल्द होगा निपटारा

बाजार में आयेगी 25 हजार क्विंटल शक्कर

बाजार में शक्कर की कमी और ऊँची कीमतों से पैदा हालात से निपटने के लिए अब पिछले महीनों के दौरान जप्त शक्कर का जल्द निदान करने का फैसला किया गया है। इस संबंध में खाद्य आपूर्ति राज्य मंत्री श्री पारस चंद्र जैन ने त्वरित कार्रवाई की जरूरत बताई है। इसके पूरी होने के बाद बाजार में कोई 24 हजार 400 क्विंटल शक्कर उपलब्ध होगी। संबंधित जिला कलेक्टरों को इस आशय की सूचना भेज दी गई है और वहाँ ऐसी शेष शक्कर छोड़ी जाने का काम शुरू हो गया है।

प्रदेश में शक्कर की मासिक खपत 12 लाख टन से ज्यादा है और अगर सार्वजनिक वितरण प्रणाली की शक्कर की बात करें तो इसकी मासिक जरूरत सवा लाख टन होती है। केन्द्र से पहले से ही साविप्र के तहत प्रदेश में पर्याप्त शक्कर नहीं मिल रही है। उधर मौजूदा हालत में जहां आम शक्कर की आपूर्ति बाजार में कम है, इसके चलते शक्कर के दाम भी तेजी से बढ़े हैं।
राज्य शासन की इस पूरी स्थिति पर नज़र है। खाद्य आपूर्ति राज्य मंत्री श्री जैन ने इसके दृष्टिगत फिलहाल शक्कर नियंत्रण एवं लायसेंसिंग आदेश 2009 के तहत पिछले महीनों जप्त शक्कर का तत्काल निदान जरूरी माना है और इसके नतीजे में 24 हजार 400 क्विंटल शक्कर तो बाजार में आ ही जाएगी।

शक्कर नियंत्रण आदेश के तहत प्रदेश के विभिन्न जिलों में जप्त कुल शक्कर में से तयशुदा कानूनी नियमों के तहत कार्रवाई कर कोई 21 हजार 546 क्विंटल शक्कर अब तक छोड़ी जा चुकी है। इसके अलावा जिला कलेक्टरों द्वार राजसात की गई 7854.35 क्विंटल शक्कर, कलेक्टर न्यायालयों में विचाराधीन 10,694 क्विंटल और अदालत में स्टे के चलते नीलाम नहीं की जा सकी 5855.85 क्विंटल शक्कर का निपटारा किया जाना शेष है।

जिला कलेक्टरों को भेजे निर्देशों में साफ किया गया है कि उनके न्यायालयों में विचाराधीन शक्कर का तत्काल निपटारा करने के साथ ही अदालती स्टे के चलते रूकी कार्रवाई को भी वे अपने स्तर से पहल कर तत्काल अंजाम दिलाएं। यह सारी कवायद बाज़ार में शक्कर की उपलब्धता बढ़ाने के लिए की जा रही है।

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