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Tuesday, January 19, 2010

नगरीय क्षेत्रों की लीज-होल्ड भूमियों को फ्री-होल्ड किया जायेगा

आपत्तियों-सुझावों पर 30 जनवरी तक होगा विचार
राज्य शासन ने प्रदेश के नगरीय क्षेत्रों की लीज-होल्ड भूमियों को फ्री-होल्ड बनाने के लिये प्रारूप तैयार किया है। प्रदेश के नगरीय क्षेत्रों में स्थित पट्टे की भूमियों के संबंध में फ्री-होल्ड अधिकार का प्रदान किया जाना नियम 2010 प्रारूप को सर्वसाधारण के लिये मध्यप्रदेश राजपत्र, 15 जनवरी 2010 में प्रकाशित करते हुये सचिव, राजस्व विभाग द्वारा आपत्तियां एवं सुझाव आमंत्रित किये गये हैं। सचिव, राजस्व द्वारा 30 जनवरी 2010 तक प्राप्त आपत्तियों एवं सुझावों पर विचार किया जायेगा। प्राप्त आपत्तियों और सुझावों पर विचार करने के पश्चात राज्य शासन द्वारा इसे अंतिम रूप दे दिया जायेगा।
उल्लेखनीय है कि पिछली विधानसभा सत्र के दौरान मध्यप्रदेश भू-राजस्व संहिता 1959 में एक नयी धारा 181-क जोड़ते हुये यह संशोधन किया गया है कि नगरीय क्षेत्रों में जो आवासीय या वाणिज्यिक प्रयोजन की भूमियां पट्टे पर दी गयी हैं उन्हें फ्री-होल्ड में परिवतिर्त किया जायेगा। राज्य सरकार इसके लिये आवश्यक नियम बनायेगी। मध्यप्रदेश भू राजस्व संहिता के उक्त संशोधन के अनुसरण में राज्य सरकार ने प्रारूप तैयार किया है।
  • नगरीय क्षेत्रों की लीज-होल्ड भूमियां फ्री-होल्ड होंगी
  • सचिव राजस्व द्वारा सुझाव, आपत्तियां आमंत्रित
  • 30 जनवरी तक विचार के बाद राज्य शासन तय करेगी नियम
  • पिछली विधानसभा में म.प्र. भू-राजस्व संहिता, 1959 में संशोधन के लिऐ जुड़ी थी नई धारा 181-क
  • शहरों की आवासीय-वाणिज्यिक प्रयोजन के लिए पट्टे पर दी गई भूमियों को फ्री-होल्ड में परिवर्तित किया जाएगा।
  • प्रस्तावित नियम गृह निर्माण या विकास प्राधिकरणों या गृह निर्माण सहकारी समितियों द्वारा पट्टे पर दी गई भूमियों पर भी लागू होंगे
  • फ्री-होल्ड परिवर्तन के लिए डिप्टी कलेक्टर या उच्च पदस्थ अधिकारी प्राधिकृत किया जाएगा
  • पट्टाधारी अपनी भूमि के परिवर्तन के लिए स्वतन्त्र होगा
  • आवेदन निर्धारित फार्म में प्रस्तुत करना होगा
  • पट्टे पर केवल 30 वर्ष या अधिक कालावधि के लिए की गई भूमियां फ्री-होल्ड की जा सकेंगी
  • औद्योगिक प्रायोजन, नगरीय निकाय, अस्तपाल, स्कूल, पर्यटन के लिये पट्टे पर दी गई भूमियां फ्री-होल्ड नहीं होगी
  • राजीव गांधी पट्टा आश्रय योजना या मुख्यमंत्री आश्रय योजना में पट्टे प्राप्त भूमियां भी फ्री-होल्ड नहीं होंगी
  • फ्री-होल्ड परिवर्तन ओवदन के लिये फीस नहीं लगेगी
  • फ्री-होल्ड आवेदन का निपटारा यथासंभव दो माह में कर दिया जायेगा
  • लीज-होल्ड से फ्री-होल्ड परिवर्तन में बाजार मूल्य का एक प्रतिशत परिवर्तन शुल्क लगेगा
  • 50 वर्ग मीटर या उससे छोटे आवासीय भूखंड पर कोई शुल्क देय नहीं होगा
  • फ्री-होल्ड में परिवर्तन के बाद भी आवेदक को उतना भू-राजस्व देना होगा जितना वह भू-भाटक अदा करता रहा है
  • एकमुश्त 14 गुणा भू-राजस्व जमा कराने पर कभी भी कोई भू-राजस्व नहीं देना पड़ेगा
प्रस्तावित नियम नगरीय क्षेत्रों की उन सभी भूमियों पर लागू होंगे जो राज्य सरकार द्वारा या राज्य सरकार की ओर से किसी अधिकारी द्वारा आवासीय अथवा वाणिज्यिक प्रयोजन के लिये किसी व्यक्ति को पट्टे पर आवंटित है। इसके साथ ही प्रस्तावित नियम उन भूमियों पर भी लागू होंगे जो गृह निर्माण या विकास प्राधिकरणों या गृह निर्माण सहकारी समितियों द्वारा किसी व्यक्ति को पट्टे पर दी गयी हैं।

पट्टे की भूमियों को फ्री-होल्ड में परिवर्तन के लिये राज्य सरकार डिप्टी कलेक्टर या उच्च पद पर पदस्थ अधिकारी को प्राधिकृत करेगी। पट्टाधारी अपनी पट्टे की भूमि के परिवर्तन के लिये स्वतंत्र होगा। अर्थात् यदि पट्टाधारी चाहे तो फ्री-होल्ड के लिये आवेदन कर सकता है और चाहे तो पट्टे पर ही भूमि धारित रख सकता है। आवेदन निर्धारित फार्म में प्रस्तुत किया जा सकेगा। आवेदक को आवेदन के साथ पट्टे की प्रति, नक्शा तथा मंडल या प्राधिकरण या गृह निर्माण समिति का अनापत्ति प्रमाण पत्र प्रस्तुत करना होगा। यदि पट्टेदार एक से अधिक तो एक पट्टाधारी भी आवेदन कर सकता है उसे केवल अन्य का अधिकार-पत्र प्रस्तुत करना होगा।

पट्टे पर केवल वे भूमियां जो 30 वर्ष से या अधिक कालावधि के लिये दी गयी हैं फ्री-होल्ड की जा सकेंगी। गृह निर्माण मंडल या विकास प्राधिकरण या गृह निर्माण समिति के मामलों में मंडल या प्राधिकरण या ऐसी समिति से अनापत्ति प्रमाण-पत्र लेकर प्रस्तुत करना होगा। वे भूमियां जो औद्योगिक प्रयोजन के लिये या किसी ऐसी गतिविधि जैसे- अस्पताल, स्कूल, पर्यटन के लिये पट्टे पर दी गयी हैं या नगरीय निकाय को पट्टे पर दी गयी हैं, फ्री-होल्ड नहीं की जायेंगी। ऐसी भूमियां भी फ्री-होल्ड नही की जायेंगी जो भूमिहीन व्यक्तियों को पट्टाधृति अधिकारों का प्रदान किया जाना अधिनियम, 1984 के अंतर्गत या राजीव गांधी पट्टा आश्रय योजना या मुख्यमंत्री आश्रय योजना के अंतर्गत पट्टे पर प्राप्त हुई हैं।

फ्री-होल्ड में परिवर्तन के लिये आवेदन में कोई फीस देय नहीं होगी। किन्तु परिवर्तन के पूर्व 15 दिन का समय लेते हुये दावे, आपत्तियां प्रस्तुत करने के लिये उद्घोषणा जारी की जायेगी। साथ ही इस बात की जांच की जायेगी कि पट्टा वैध, उस पर कोई देयता शेष नहीं है, पट्टे की शर्तों का उल्लघंन नहीं हुआ है, पट्टे की शर्तों में परिवर्तन नहीं किये जाने की कोई शर्त पूर्व से अंकित तो नहीं है तथा पट्टे के मामले में किसी न्यायालय या प्राधिकारी के समक्ष कोई मामला लंबित तो नहीं है। यथासंभव फ्री-होल्ड के आवेदन का निपटारा दो माह में कर दिया जायेगा। अगर पट्टा फ्री-होल्ड में परिवर्तन करने की स्वीकृति का निर्णय लिया जाता है तो इस संबंध में हस्तांतरण विलेख भी निष्पादित किया जायेगा। जिसे नियमानुसार पंजीकृत भी किया जायेगा।

लीज-होल्ड से फ्री-होल्ड में परिवर्तन के लिये बाजार मूल्य का एक प्रतिशत परिवर्तन शुल्क लगेगा। किन्तु 50 वर्ग मीटर या उससे छोटे आवासीय भूखंड के लिये कोई शुल्क नहीं लिया जायेगा। फ्री-होल्ड में परिवर्तन के बाद फ्री-होल्डधारी को प्रतिवर्ष उतना भू-राजस्व देना होगा जितना कि वह पट्टे पर भूमि रखते हुये भू-भाटक अदा करता रहा है। यदि फ्री-होल्डधारी एक मुश्त 14 गुणा भू-राजस्व के चालान के माध्यम से खजाने में जमा करायेगा तो उसे कभी भी कोई भू-राजस्व नहीं देना होगा।
 

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